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रायपुर@संसद में गूंजा डिजिटल अरेस्ट का मुद्दा

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सांसद बृजमोहन ने जीरो टॉलरेंस नीति बनाने रखी मांग छत्तीसगढ़ में 32 करोड़ से ज्यादा की साइबर ठगी


रायपुर,11 दिसम्बर 2025। लोकसभा के शून्यकाल में गुरुवार को छत्तीसगढ़ में ऑनलाइन धोखाधड़ी का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने सदन में सरकार का ध्यान बढ़ते साइबर ठगी ट्रेंड ‘डिजिटल अरेस्ट’ की ओर खीचा। सांसद अग्रवाल ने कहा कि डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लोगों की पूरी जीवनभर की कमाई कुछ ही मिनटों में उड़ा दी जा रही है। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन लुटेरे अब पुलिस अफसर बनकर वीडियो कॉल करते हैं, वर्दी में दिखाई देते हैं और फर्जी कार्रवाई का भय दिखाकर पीडि़तों से पैसे ट्रांसफर करा लेते हैं। सांसद अग्रवाल ने सदन में कहा कि डिजिटल अरेस्ट के इस गिरोह की चपेट में सबसे ज्यादा बुजुर्ग, अकेले रहने वाले लोग और तकनीक से अनभिज्ञ वर्ग आ रहा है। ऐसे पीडि़तों से लुटेरे उनकी बचत, रिटायरमेंट फंड और फिक्स्ड डिपॉजिट तक एक झटके में निकलवा लेते हैं। उन्होंने इसे ‘बहुत बड़ी चोरी’ बताते हुए कहा कि देशभर में असंख्य लोग इसके शिकार बन चुके हैं। सांसद अग्रवाल ने साइबर ठगों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति बनाने की मांग रखी है। ‘यदि किसी बैंक खाते से बड़ी रकम ट्रांसफर होती है तो उसकी 50′ राशि को कम से कम 24 घंटे के लिए होल्ड कर दिया जाए।’ उनके अनुसार, यह सुरक्षा-व्यवस्था ऑनलाइन लूट को काफी हद तक रोक सकती है और पीडि़तों को पैसा बचाने के लिए समय मिल सकता है।
सांसद ने कहा कि जिस तेजी से डिजिटल फ्रॉड का दायरा बढ़ रहा है, सरकार को भी उसी रफ्तार से तकनीकी सुरक्षा बढ़ानी होगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि बुजुर्गों और आम लोगों को इस साइबर जाल से बचाना अब बेहद जरूरी हो गया है, क्योंकि ऑनलाइन लुटेरे मिनटों में लोगों की पूरी जिंदगी की कमाई चट कर रहे हैं।


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