303 परीक्षा केंद्रों में पंजीकृत 7049 परीक्षार्थियों में 90 प्रतिशत ने दी परीक्षा
15 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के परीक्षार्थियों ने देश, समाज हित में साक्षरता का संकल्प दोहराया

कोरिया,07 दिसंबर 2025 (घटती-घटना)। जिले में ,7 दिसंबर को उल्लास महापरीक्षा का आयोजन उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। जिले के 303 परीक्षा केंद्रों में आयोजित इस परीक्षा में पंजीकृत 7049 परीक्षार्थियों में से 90 प्रतिशत ने परीक्षा में शामिल होकर साक्षरता के प्रति अपना संकल्प दृढ़ किया।
परीक्षा केंद्रों में एक दिन पूर्व ही तैयारी पूरी कर ली गई थी, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में रैली निकालकर लोगों को परीक्षा के लिए प्रेरित किया गया। परीक्षा दिवस की सुबह से ही केंद्रों में गतिविधियाँ शुरू हो गईं और परीक्षार्थियों का स्वागत फूल गुलदस्ते भेंटकर किया गया। ग्राम स्तरीय जनप्रतिनिधि भी केंद्रों में पहुँचे और परीक्षार्थियों का उत्साहवर्धन किया।
परीक्षा में विशेष दृश्य,पति-पत्नी और पूरा परिवार साथ बैठा
कई परीक्षा केंद्रों में प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिले कहीं पति-पत्नी साथ परीक्षा देते नजर आए,कहीं दंपत्ति अपने बच्चों के साथ बैठकर साक्षरता की इस बड़ी मुहिम में शामिल हुए,कुछ केंद्रों में परीक्षार्थियों के लिए स्वादिष्ट भोजन की भी व्यवस्था की गई थी।
उल्लास महापरीक्षा का उद्देश्य…जन-जन को साक्षर
इस परीक्षा का मूल उद्देश्य है 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के असाक्षर नागरिकों को पढ़ना,लिखना,गणना और आवश्यक जीवन कौशलों से सशक्त बनाना,ताकि वे समाज में आत्मविश्वास के साथ योगदान दे सकें, यह कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उस लक्ष्य का हिस्सा है,जिसमें 2030 तक देश को पूर्ण साक्षर बनाने का संकल्प शामिल है।
यह कार्यक्रम कैसे काम करता है?
स्वयंसेवक-आधारित मॉडल इस अभियान का सबसे मजबूत आधार स्वयंसेवक शिक्षक होते हैं,जो अपने गांव, वार्ड और समुदाय में असाक्षर नागरिकों को पढ़ाने के लिए समय देते हैं,ये स्वयंसेवक घर-घर जाकर शिक्षार्थियों की पहचान करते हैं,निःशुल्क साक्षरता कक्षाएँ चलाते हैं, बुनियादी पुस्तिकाएँ और मॉड्यूल के आधार पर पढ़ाई कराते हैं, सामुदायिक सहभागिता ग्राम पंचायत,जनप्रतिनिधियों और स्थानीय संस्थानों की भागीदारी से सीखने का माहौल तैयार किया जाता है,लचीला शिक्षण मॉडल परीक्षार्थियों की सुविधा के अनुसार समय तय होता है यही कारण है कि इसमें गृहिणियों,बुजुर्गों,श्रमिकों और खेतिहर परिवारों की बड़ी भागीदारी देखी जाती है,मूल्यांकन आधारित प्रगति नियमित मूल्यांकन के बाद ही शिक्षार्थियों को महापरीक्षा में शामिल किया जाता है।
कोरिया जिले में साक्षरता मुहिम की नई ऊर्जा
उल्लास महापरीक्षा के सफल आयोजन ने जिले में साक्षरता अभियान को नई गति दी है,परीक्षार्थियों की 90 प्रतिशत उपस्थिति बताती है कि जनभागीदारी अब नीतिगत लक्ष्य से आगे एक आंदोलन का रूप लेने लगी है।
उल्लास महापरीक्षा के प्रमुख उद्देश्य
- बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान-पढ़ना,लिखना और प्रारंभिक गणित का ज्ञान देना।
- महत्वपूर्ण जीवन कौशल-स्वास्थ्य,स्वच्छता,वित्तीय साक्षरता,डिजिटल ज्ञान जैसी आवश्यक बातें सिखाना।
- व्यावसायिक कौशल-रोजगारपरक शिक्षा से आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना।
- सतत शिक्षा-आजीवन सीखने की संस्कृति विकसित करना।
- आत्मविश्वास व सशक्तिकरण-असाक्षर नागरिकों को सक्षम बनाकर समाज में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का क्रियान्वयन-2030 तक 100 प्रतिशत साक्षरता की दिशा में ठोस कदम।
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