
- कांग्रेस से टिकट के मजबूत दावेदार के रूप में उभरते दिख रहे हैं अशोक जायसवाल
- बैकुंठपुर विधानसभा से कांग्रेस पार्टी की टिकट के प्रबल दावेदार बन सकते हैं अशोक जायसवाल
- लगातार बढ़ती सक्रियता और जनसंपर्क अभियान ने बढ़ाई चर्चा,पूर्व विधायक के कार्यकाल की कमियां भी दे सकती हैं बढ़त
- अशोक जायसवाल की बढ़ती सक्रियता का इशारा साफ,चुनाव में ताल ठोकने उनकी तैयारी है जारी

-रवि सिंह-
कोरिया,14 नवंबर 2025 (घटती-घटना)। आगामी विधानसभा चुनाव भले ही अभी तीन वर्ष दूर हों,लेकिन बैकुंठपुर विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक हलचलें तेज़ हो चुकी हैं,कांग्रेस पार्टी के भीतर अब चर्चा का केंद्र बने हुए हैं अशोक जायसवाल,जो पिछले कुछ महीनों से लगातार क्षेत्र में सक्रिय नजर आ रहे हैं,उनकी बढ़ती सक्रियता और जनता के बीच निरंतर उपस्थिति को देखकर यह अनुमान लगाया जा रहा है कि वे कांग्रेस से टिकट के प्रबल दावेदार हो सकते हैं।
कोरिया जिले के बैकुंठपुर विधानसभा से क्या इस बार कांग्रेस पार्टी से अशोक जायसवाल भी दावेदारी टिकट के लिए करने वाले हैं? क्या वह विधानसभा चुनाव लड़ने का मन बना चुके हैं? ऐसा सवाल इसलिए क्योंकि उनकी सक्रियता विधान सभा क्षेत्र में बढ़ती जा रही है और वह लगातार जन संपर्क और क्षेत्र भ्रमण करते नजर आ रहे हैं,उनकी सक्रियता जिस तेजी से बढ़ी हुई नजर आ रही है उसको देखते हुए यह कहा जा सकता है कि वह पूरी तैयारी में हैं और वह अभी से क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं और यह जता रहे हैं कि वह टिकट मिलने पर चुनाव लड़ने तैयार हैं, 25 वर्ष के छत्तीसगढ़ प्रदेश में प्रथम 3 साल कांग्रेस की सरकार स्थापित रही वहीं 15 सालों तक भाजपा का शासन रहा वहीं 15 सालों बाद जब कांग्रेस सत्ता तक पहुंच सकी आपसी गुटबाजी और विधायकों के खराब प्रदर्शन के कारण वह एक पंचवर्षीय कार्यकाल ही पूरा कर सकी और कांग्रेस की पुनः प्रदेश से विदाई हो गई, बैकुंठपुर विधानसभा में भी कांग्रेस 10 सालों बाद वापसी कर सकी थी लेकिन यहां भी विधायक के खराब प्रदर्शन और पार्टी में ही तालमेल स्थापित नहीं करने की वजह से उन्हें बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा,कांग्रेस से विधायक बैकुंठपुर रही पूर्व विधायक भी आगामी चुनाव में दावेदारी करेंगी लेकिन उनकी दावेदारी इस बार मजबूत नहीं मानी जाएगी ऐसी परिस्थितियां आज ही नजर आती हैं,कांग्रेस बैकुंठपुर विधानसभा में वापसी के लिए यदि प्रयास करती है तो उसे प्रत्याशी चयन में ध्यान देना होगा और तभी वह वापसी के बारे में सोच सकती है,अशोक जायसवाल को लेकर यह माना जाता है कि वह कांग्रेस के हिसाब से यह विधानसभा जितने में बेहतर प्रत्याशी साबित हो सकते हैं और यही कारण है कि वह लगातार जन संपर्क में लगे हुए हैं,अशोक जायसवाल एक बार जिला मुख्यालय की नगर पालिका के अध्यक्ष रह चुके हैं वहीं दूसरी बार में भी वह कुर्सी तक पहुंच गए थे लेकिन तब उन्हें भीतरघात के कारण कुर्सी से हांथ धोना पड़ा था,दो दो बार नगर पालिका चुनाव में मिला उन्हें जन समर्थन उनके पक्ष में जनाधार साबित करता है और इस हिसाब से भी वह कांग्रेस से एक प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं।

अशोक जायसवाल, राजनीति का बेदाग चेहरा
अशोक जायसवाल को बैकुंठपुर की राजनीति में एक बेदाग और साफ-सुथरी छवि वाला नेता माना जाता है। उन पर कभी किसी प्रकार के भ्रष्टाचार,गुटबाजी अथवा मनमानी का आरोप नहीं लगा। वर्षों से वह संगठन के प्रति समर्पित रहे हैं।
बड़े नेताओं का विश्वास और सर्वे रिपोर्ट तय करेगी टिकट
कांग्रेस में टिकट चयन प्रक्रिया पिछले चुनावों की तरह सर्वे रिपोर्ट,जमीन पर पकड़ और जनविश्वास के आधार पर तय होती है। ऐसे में अशोक जायसवाल की बढ़ती सक्रियता और संगठन में उनकी स्वीकार्यता उन्हें मजबूत स्थिति में खड़ा करती है।

कांग्रेस के प्रति अटूट समर्पण,इसका उदाहरण जिला कांग्रेस कार्यालय
अशोक जायसवाल कांग्रेस के उन नेताओं में गिने जाते हैं, जिनका पार्टी के प्रति समर्पण कभी कमजोर नहीं पड़ा। जिला कांग्रेस कार्यालय के निर्माण से लेकर हर आंदोलन और कार्यक्रम में उनकी सहभागिता उनकी प्रतिबद्धता को साबित करती है।
हर चुनाव में निभाई जिम्मेदारी, ईमानदार भूमिका
चुनाव चाहे पंचायत का हो,नगर निकाय का हो या विधानसभा का अशोक जायसवाल हमेशा कांग्रेस के लिए एक समर्पित कार्यकर्ता की तरह मैदान में दिखे हैं। पार्टी रणनीतियों और प्रबंधन में भी उनकी भूमिका मजबूत रही है।

लगातार क्षेत्र भ्रमण और जनसंपर्क अभियान से बढ़ी चर्चा
अशोक जायसवाल इन दिनों लगातार क्षेत्र भ्रमण में जुटे हुए हैं। उन्होंने नवरात्रि से ही जनसंपर्क अभियान शुरू कर दिया,और प्रत्येक सामाजिक व धार्मिक कार्यक्रमों में पहुंचकर लोगों से मुलाकात कर रहे हैं,दुर्गा पूजा पंडालों से लेकर ग्राम स्तर के आयोजनों तक उनकी उपस्थिति दर्ज नजर आ रही है। स्थानीय राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि—जायसवाल जनता से सीधा संवाद बनाकर कांग्रेस संगठन में नई ऊर्जा भरने की कोशिश कर रहे हैं। तीन साल पहले से शुरू यह अभियान उन्हें आने वाले चुनाव में मजबूत स्थिति दे सकता है।

पूर्व विधायक के कार्यकाल की कमियां उनके लिए बन सकती हैं सहायक
कांग्रेस की पूर्व विधायक के कार्यकाल में बैकुंठपुर क्षेत्र में गुटबाजी और संगठनात्मक कमजोरी प्रमुख मुद्दे रहे हैं, पार्टी में सामंजस्य की कमी और जनसंपर्क के अभाव के कारण कांग्रेस को पिछली बार बड़ी हार का सामना करना पड़ा था। ऐसे में अशोक जायसवाल जैसी मिलनसार और सर्वमान्य छवि वाले चेहरे को संगठन एक संतुलित विकल्प के रूप में देख सकता है,पार्टी सूत्रों के अनुसार,यदि कांग्रेस को बैकुंठपुर में पुनः पकड़ बनानी है,तो उसे सक्रिय और जनाधार वाले उम्मीदवार को मौका देना होगा, और अशोक जायसवाल इस कसौटी पर फिट बैठते हैं। कांग्रेस से बैकुंठपुर विधायक रही पूर्व विधायक का 5 सालों का कार्यकाल बैकुंठपुर विधानसभा के लोगों ने देखा है,पूर्व विधायक का कार्यकाल जन अपेक्षाओं अनुसार सही नहीं था इसलिए उन्हें बुरी हार का सामना करना पड़ा,पूर्व विधायक के कार्यकाल में कांग्रेस पार्टी कई धड़ों में बंट चुकी थी और जिसमें आपसी सामंजस्य बिल्कुल स्थापित नहीं हुआ 5 सालों तक और परिणाम बुरी हार का सामने आया,पूर्व विधायक ने संगठन और वरिष्ठ कांग्रेसियों को हाशिए पर डालने का काम किया था और यह भी एक कारण रहा कि चुनाव में किसी की भी सक्रियता जुझारू प्रवृति वाली नजर नहीं आई,अशोक जायसवाल मिलनसार व्यक्तिव के धनी माने जाते हैं जो पूर्व विधायक की छवि से अलग जाकर सभी को पसंद आने वाली छवि है और अशोक जायसवाल यदि टिकट की दावेदारी करते हैं तो यह उनके लिए एक मददगार विषय है,वैसे जनता के बीच भी यह छवि उन्हें पूर्व से बेहतर साबित करता है और वह कहीं न कहीं पूर्व की अपेक्षा अधिक पसंद किए जाएंगे।

एक झलक में…
- अशोक जायसवाल का बढ़ता जनाधार—कांग्रेस टिकट के प्रबल दावेदार के रूप में उभरे
- जनसंपर्क अभियान ने बढ़ाई चर्चा, बैकुंठपुर से अशोक जायसवाल लड़ सकते हैं विधानसभा चुनाव
- पूर्व विधायक पर नाराजगी, अशोक जायसवाल टिकट रेस में सबसे आगे
- ग्राउंड एक्टिविटी ने दिलाई बढ़त—अशोक जायसवाल के नाम पर बैकुंठपुर में बढ़ी चर्चा
- लगातार जनसंपर्क से बढ़ा प्रभाव,बैकुंठपुर में कांग्रेस का नया चेहरा बन सकते हैं अशोक जायसवाल
- कांग्रेस की रणनीति बदल सकती है दिशा—बैकुंठपुर में अशोक जायसवाल उपयुक्त दावेदार
- दो बार नगर पालिका अध्यक्ष रह चुके अशोक जायसवाल—अब विधानसभा के लिए तैयार
- कांग्रेस को चाहिए नया नेतृत्व? बैकुंठपुर से अशोक जायसवाल बने संभावित विकल्प
- बैकुंठपुर में चुनावी समीकरण बदलते नजर आ रहे,अशोक जायसवाल बना रहे अपनी मजबूत पकड़
- गुटबाजी के दौर में कांग्रेस को मिला मजबूत चेहरा—अशोक जायसवाल
- जनता में पैठ और संगठन की स्वीकार्यता ने बनाई बढ़त—अशोक जायसवाल टिकट की कतार में सबसे आगे
- बैकुंठपुर की राजनीति में नया उभार, कांग्रेस कार्यकर्ताओं की पहली पसंद बने अशोक जायसवाल
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