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बिलासपुर@सिंचाई विभाग में 53 लाख का एपीएस घोटाला

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काम पूरा किए बगैर ठेकेदार को भुगतान,अब फाइनल-बिल रोकने का दावा कर रहे अफसर


बिलासपुर,14 नवम्बर 2025 I बिलासपुर में सिंचाई विभाग में 53 लाख रुपए का एपीएस घोटाला सामने आया है। विभाग के अफसरों ने नियमों को दरकिनार कर ठेकेदार को एपीएस की राशि का भुगतान कर दिया है। जबकि, अभी तक ठेकेदार ने काम पूरा ही नहीं किया है। मामला कोटा डिवीजन में दबेना एनीकट निर्माण का है। अब अनियमितता सामने आने पर कार्यपालन अभियंता ने ठेकेदार के फाइनल बिल का भुगतान रोकने का दावा किया है। बताया जा रहा है एपीएस की राशि विभाग में वापस जमा नहीं कराई जाएगी, तब यह फाइनल पेमेंट नहीं होगा।
पूरा मामला : दरअसल, जल संसाधन संभाग के कोटा डिवीजन में 5.20 करोड़ की लागत से दबेना में एनीकट का निर्माण किया जा रहा है। इसमें बड़े पैमाने पर गड़बड़ी उजागर हुई है। एनीकट बनाने के लिए श्रृंगार कंस्ट्रक्शन्स के ठेकेदार को टेंडर मिला है, जिसने बिलो रेट में टेंडर लिया है। इस काम को पूरा कराने के लिए ठेकेदार से अतिरिक्त सुरक्षा निधि के तौर पर 53 लाख रुपए जमा कराई गई। नियम के अनुसार कोई भी ठेके में अतिरिक्त सुरक्षा निधि का भुगतान उसी शर्त में किया जाता है, जब ठेकेदार उस काम को पूरा करे। लेकिन, यहां तत्कालीन कार्यपालन अभियंता एवं मुख्य अभियंता ने काम पूरा होने के पहले ही जून 2024 में ठेकेदार को 53 लाख रुपए अतिरिक्त सुरक्षा निधि का भुगतान कर दिया है।
अब काम पूरा होने पर फाइनल बिल रोकने का दावा : अफसरों ने काम पूरा होने के पहले ही ठेकेदार को एपीएस का भुगतान कर दिया। अधिकारियों ने ठेकेदार को व्यक्तिगत लाभ देने के लिए यह गड़बड़ी की है। वहीं, अब दावा किया जा रहा है कि ठेकेदार ने एनीकट का काम पूरा कर लिया है। एपीएस की भुगतान की जानकारी उन्हें बाद में हुई। लिहाजा, ठेकेदार को फाइनल बिल का भुगतान तभी किया जाएगा, जब वो एपीएस की राशि दोबारा विभाग में जमा करेगा। अतिरिक्त सुरक्षा निधि वह राशि है, जो ठेकेदार से किसी कार्य को ठेके की निर्धारित दर से एबब या अधिक दर पर लेने की स्थिति में विभाग में जमा कराई जाती है। कार्य पूर्ण हो जाने एवं विभाग द्वारा ठेकेदार के कार्य से संतुष्ट होने की स्थिति में यह राशि संबंधित ठेकेदार को वापस लौटा दी जाती है। जशपुर जिले में मांड नदी पर सुसडेगा व्यपवर्तन योजना में तत्कालीन कार्यपालन अभियंता द्वारा नियमों की अवहेलना करते हुए 2.93 करोड़ की एपीएस निधि ठेकेदार को कार्य पूर्ण होने के पहले ही भुगतान कर दिया था।
यह मामला उजागर हुआ, तब रायपुर के प्रमुख अभियंता के निर्देश पर कार्यपालन अभियंता ने दोषी अफसर के खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज कराया था। लेकिन, कोटा डिवीजन में गड़बड़ी सामने आने के बाद अफसर खामियों को दबाने और दोषी अफसरों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं।


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