बिलासपुर,12 नवम्बर 2025। सड़कों पर दिन-ब-दिन बढ़ते आवारा मवेशियों के खतरे पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि सरकार सिर्फ योजनाएं बना रही है, लेकिन उनका धरातल पर कोई असर नहीं दिख रहा। फाइलों में योजनाएं हैं, पर सड़कों पर मवेशी घूम रहे हैं। ये सड़कें जनता की हैं या पशुओं की? अदालत ने तल्ख़ लहजे में सवाल किया। 11 नवंबर को हुई सुनवाई में राज्य के मुख्य सचिव ने अदालत में अपना व्यक्तिगत शपथपत्र पेश किया, जिसमें बताया गया कि 24 और 25 अक्टूबर को वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में सड़कों से आवारा मवेशियों को हटाने के कई फैसले लिए गए। लेकिन अदालत ने कहा कि केवल बैठकें करने से कुछ नहीं होगा, जब तक नतीजे ज़मीन पर न दिखें। मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने सरकार को सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। अदालत ने कहा कि रोज़ाना हो रहे हादसे इस बात का प्रमाण हैं कि निगरानी तंत्र पूरी तरह विफल है।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur