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खड़गवां@सकरिया ग्राम पंचायत का रोजगार सहायक फर्जी दस्तावेजों से कर रहा है नौकरी

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  • खड़गवां जनपद पंचायत में इसकी हुई है कई शिकायत मगर कार्यवाही के नाम पर होती है खानापूर्ति,जनपद पंचायत खड़गवां में ऐसे कई मामलो में चल रहा है लीपापोती का खेल,अधिकारी जांच में करें है दस्तावेजों में हेराफेरी,आखिर क्यों नहीं होती इन फर्जी दस्तावेज वाले अभ्यर्थियों के प्रकरणों में कार्यवाही ?


-राजेन्द्र शर्मा-
खड़गवां,10 नवंबर 2025
(घटती-घटना)।

जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत सकरिया में पदस्थ रोजगार सहायक की नियुक्ति ग्राम सकरिया में दिनांक 31/1/2013 को रोजगार सहायक के पद पर नियुक्ति हुई थी।
नियुक्त रोजगार सहायक ग्राम पंचायत सकरिया धमेंद्र कुमार साहू आत्मज मोहरलाल साहू जनपद पंचायत खड़गवां जिला कोरिया का मूल निवासी हैं। उसके द्वारा दिनांक 28/7/2012 को डी. एड.की पढ़ाई ( नियमित) रुप से पहले बैकुंठपुर में दाखिला लिया गया था और उसके बाद ग्राम पंचायत सकरिया में दिनांक 31/01/2013 को रोजगार सहायक के पद पर नियुक्ति हुई जो आज भी कार्यरत हैं।इस रोजगार सहायक धमेंद्र कुमार साहू ने डी0 एड0 की नियमित पढ़ाई और नौकरी दोनों एक साथ एक समय में किया गया है। और रोजगार सहायक का कार्य भी किया जा रहा है जो शासन के नियम के विरुद्ध है। जबकि शिकायत कर्ता ने इस संबंध में कोरिया कलेक्टर के जन दर्शन में और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कोरिया को कई शिकायते प्रेषित की है एवं जनपद पंचायत खड़गवां को भी कई शिकायते प्रेषित किया गया है जिसकी जांच जनपद पंचायत खड़गवां के तात्कालिक सीईओ ने भी जांच क¸ो सही तरीके से नहीं किया गया है। जबकि जनपद के तात्कालिक सीईओ ने रोजगार सहायक ग्राम पंचायत सकरिया को पत्र के माध्यम से जवाब मांगा था और रोजगार सहायक ने अनुमति का आवेदन भी किया था मगर रोजगार सहायक ने अपने आवेदन में अनुमति का उल्लेख किया गया है।
जनपद पंचायत खड़गवां के तात्कालिक सीईओ के द्वारा अनुमति नहीं दिया गया है और रोजगार सहायक के द्रारा जिस दिनांक से अनुमति लेने का आवेदन किया है और जनपद पंचायत खड़गवां के सीईओ ने अनुमति दिया है उसी दिनांक से रोजगार सहायक के द्रारा ग्राम पंचायत सकरिया में नियमित कार्य भी किया गया है। ग्राम पंचायत सकरिया में कार्य करते हुए हाजरी लगाकर धड़ल्ले से जनपद पंचायत खड़गवां के मनरेगा से वेतन भी प्राप्त किया है।
सवाल कई हैं अनुमति कैसी प्राप्त हुई थी और तात्कालिक जनपद पंचायत खड़गवां के सीईओ ने इस रोजगार सहायक धमेंद्र कुमार साहू के दस्तावेजों की जांच क्या नहीं की जनपद पंचायत खड़गवां के तात्कालिक सीईओ के द्रारा जांच किए गए दस्तावेजों में कई सवाल खड़े हो रहे हैं?
इस रोजगार सहायक के द्वारा ली गई अनुमति के आवेदन में किसी प्रकार के समय तारीख का उल्लेख नहीं है की कब से कब तक अनुमति किस माह से चाहिए है। और तात्कालिक सीईओ के द्वारा भी अपने अनुमति के पत्र में कहीं किसी प्रकार के कोई दिन तारीख माह के लिए अनुमति दिया गया है? सूत्रों से ये जानकारी मिल रही है की जनपद पंचायत खड़गवां के तात्कालिक सीईओ जो इस जांच के जिम्मेदार अधिकारी थे और उनके द्वारा इस जांच को गोलमोल जांच कर शिकायतकर्ताओं को गुमराह और भ्रमित कर गलत तरीके से पद प्राप्त किए हुए रोजगार सहायक को भ्रष्टाचार करने का बढ़ावा दे रहे हैं। क्या इस शिकायत की पुनः जांच की जाएगी? क्या शिकायतकर्ता को उसकी शिकायत पर उसे न्याय मिलेगा या ये भी लेनदेन कर ठंडे बस्ते को समर्पित कर दिया जाएगा?
जबकि शिकायतकर्ता ने रोजगार सहायक ग्राम पंचायत सकरिया धमेंद्र कुमार साहू की शिकायत में सूचना के अधिकार से जनपद पंचायत खड़गवां से एवं धमेंद्र कुमार साहू ने जिस जगह से डीएड की रेगुलर डिग्री हासिल की है वहां से सारी जानकारी प्राप्त कर सारे दस्तावेज संलग्न किए थे उसके बाद भी शिकायत जांच को तात्कालिक जनपद पंचायत खड़गवां सीईओ ने लेन-देन कर जांच को प्रभावित किया गया है।
ग्राम पंचायत सकरिया निवासी रोजगार सहायक धमेंद्र कुमार साहू के द्वारा फर्जी दस्तावेजो के सहारे रोजगार सहायक की नौकरी धड़ल्ले से कर रहा है कार्यवाही नहीं होने के कारण मनोबल काफी बढ़ा हुआ है और एक ही समय पर दोनों जगह उपस्थित रह कर नियमित तीन वर्ष डीश एडश का छात्र रहा और दूसरी तरफ ग्राम पंचायत सकरिया में रोजगार सहायक का कार्य कर मनरेगा से वेतन भी प्राप्त किया है। जबकि एक ही समय पर दोनों जगह डी एड एवं रोजगार सहायक कि उपस्थिति पंजी और संस्था की उपस्थिति पंजी नाम एवं उपस्थिति दर्ज है। उसी समय पर ग्राम पंचायत सकरिया में कार्य करके तनख्वाह भी लिया जा रहा है और उसी समय पर नियमित संस्था में उपस्थिति होकर नियमित छात्र की उपस्थिति भी दर्ज है एक व्यक्ति एक समय पर दोनों का पूरा लाभ लेकर शासन के नियम कायदों को ताक में रखकर शासन से फर्जीवाड़ा कर वर्ष 31/01/2013 से रोजगार सहायक के पद पर पदस्थ रहकर कार्य कर रहा है।
खड़गवां जनपद पंचायत में कई ऐसे भ्रष्टाचार से संबंधित फाइलें शिकायत जाच के नाम पर सिर्फ ठंडे बस्ते में पड़ी धूल खा रही है और ऐसे फर्जी तरह से नियुक्ति पाने वाले रोजगार सहायक ग्राम पंचायत में भी भारी फर्जीवाड़ा धड़ल्ले से कर रहे हैं। बिना किसी डर भय के अगर सही तरीके से इस फर्जी नियुकत रोजगार सहायक की जांच हो जाए तो कई बडे बडे भ्रष्टाचार के मामले सामने आ जाएंगे और पूर्व में ऐसे कई मामले भी सामने आये हैं कई भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई भी हुई है मगर सकरिया ग्राम पंचायत में पदस्थ रोजगार सहायक धमेंद्र कुमार साहू के समय हुए निर्माण कार्यों मे भी काफी भ्रष्टाचार किया गया है जिसकी भी जाच होनी चाहिए जिससे इस रोजगार सहायक के द्वारा किये गये फर्जीवाड़े की पूरी पोल खुल सकती है।
वर्तमान में भी सक्रिया के ग्रामीणों ने पदस्थ जनपद पंचायत खड़गवां के सीईओ से शिकायत की जिस पर जनपद पंचायत खड़गवां के सीईओ के द्वारा शिकायतकर्ताओं को गोलमोल जवाब देकर मामले को निपटाने में लगे रहते हैं कहीं नवपदस्थ जनपद पंचायत खड़गवां के सीईओ भी इस मायावी रोजगार सहायक के माया का शिकार तो नहीं हो गये है जो शिकायतकर्ताओं को वापस कर रहे हैं?
उसके बाद भी जिला जनपद पंचायत के अधिकारी इस रोजगार सहायक पर कार्रवाई कयो नहीं कर रहे हैं इसे बचाने में कयो लगे हुए हैं?

ग्राम पंचायत सकरिया के पंच परमेश्वर एवं ग्राम वासीयों ने किया रोजगार सहायक के दस्तावेजों का मिलान
जबकि ग्राम पंचायत सकरिया के सरपंच के द्वारा अपने लेटर पैड में दिनांक 6/7/20 को पंचनामा भी तैयार किया गया उस पंचनामा में ग्राम वासी एवं पंचों का हस्ताक्षर युक्त पंचनामा बनाया गया है इस पंचनामा में उल्लेख भी किया गया है दिनांक 31/01/2013 को रोजगार सहायक धमेंद्र कुमार साहू की नियुक्ति का स्पष्ट उल्लेख किया गया है और वर्तमान में भी कार्यरत होना भी अंकित किया गया है तथा डीश एडश के दाखिल 28/7/2012 को नियमित छात्र के रूप में पढ़ाई कि गई है और उत्तीर्ण भी है। दस्तावेजों के आधार पर रोजगार सहायक की उपस्थिति पंजी और डीश एडश कि उपस्थिति पंजी का मिलान किया गया है जो कि नियम विरुद्ध है और उक्त प्रमाण पत्र ग्राम पंचायत सकरिया के सरपंच एवं पंचों की जानकारी के अनुसार सत्य एवं सही है जिस पंचनामा में ग्राम वासीयों एवं पंचों और सरपंच सचिव के हस्ताक्षर युक्त है। उसके बाद भी जनपद पंचायत खड़गवां के सीईओ एवं जिला पंचायत सीईओ इस रोजगार सहायक धमेंद्र कुमार साहू पर कयो मेहरबान है क्यों कार्यवाही नहीं करते। जब दस्तावेज स्पष्ट प्रमाणित कर रहे हैं उसके बाद भी कार्यवाही का नहीं किया जाना से स्पष्ट होता है कि जनपद पंचायत खड़गवां के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं जिला पंचायत के सीईओ के द्वारा भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े को बढ़ावा दिया जा रहा है?


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