रायपुर,09 नवम्बर 2025। छत्तीसगढ़ सरकार ने संपत्तियों के गाइडलाइन निर्धारण संबंधी नियमों में 25 साल बाद बड़े बदलाव किए हैं। अब रजिस्ट्री प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और जनता के लिए अधिक लाभकारी होगी। पुराने नियमों की जटिलताओं और विसंगतियों को खत्म करने के लिए ‘बाजार मूल्य गणना संबंधी उपबंध 2025’ लागू किए गए हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में मंत्री ओपी चौधरी ने नए नियमों की घोषणा की है। नए उपबंधों से जनता को आर्थिक लाभ मिलेगा। अब किसी भी नए मोहल्ला, कालोनी या परियोजना के विकसित होने पर गाइडलाइन पुनरीक्षण का इंतजार किए बिना संपत्ति का मूल्य निर्धारित किया जा सकेगा। कृषि, डायवर्टेड, नजूल और आबादी भूमि के लिए समान मूल्यांकन मानक लागू होगा। नजूल या डायवर्टेड भूमि होने मात्र से संपत्ति का बाजार मूल्य नहीं बढ़ेगा। नगर निगम, पालिका और पंचायत में सभी वर्गों की भूमि के लिए अब एक ही प्रकार का मूल्य निर्धारण होगा। नए नियमों में हेक्टेयर दर सीमा, निर्मित संरचना पर केवल 8 दरें, सिंचित/ असिंचित भूमि अंतर,भूमि का आकार, मुख्य मार्ग की परिभाषा और वाणिज्यिक/औद्योगिक दर को शामिल किया गया है।पुराने लगभग 77 जटिल प्रविधान घटाकर सिर्फ 14 सरल प्रविधान रखे गए हैं।
समान और निष्पक्ष मूल्यांकन पद्धति
पहले नलकूप, सिंचित, 2 फसली और गैर परंपरागत फसलों के लिए अलग-अलग मूल्य तय होते थे। अब एकीकृत मूल्यांकन पद्धति लागू होगी और किसी एक कारक के लिए अलग-अलग मूल्य नहीं जोड़े जाएंगे।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur