अमित जोगी की दोषमुक्ति बरकरार,सर्वोच्च न्यायालय ने सुनाया अपना फैसला..
रायपुर,07 नवम्बर 2025। जग्गी हत्याकांड मामले में छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस (जे) के नेता अमित जोगी को सर्वोच्च न्यायालय से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने ऐतिहासिक फैसले में छत्तीसगढ़ राज्य सरकार और सतीश जग्गी द्वारा दायर सभी याचिकाएं खारिज कर दी है। अदालत के इस निर्णय से अमित जोगी की दोषमुक्ति बरकरार रहेगी। सर्वोच्च न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि, छत्तीसगढ़ राज्य द्वारा दायर दोषमुक्ति के विरुद्ध अपील खारिज की जाती है। सतीश जग्गी की ओर से दायर दोषमुक्ति के विरुद्ध अपील को पुनर्विचार याचिका में रूपांतरित करने का आवेदन भी खारिज किया गया। उच्च न्यायालय को निर्देश दिया गया कि वह सीबीआई के विलंब माफी आवेदन पर, अमित जोगी को सुनवाई का अवसर देने के बाद, तथ्यों और कानून के आधार पर विचार करे।
सर्वोच्च न्यायालय का तर्क : गुरुवार को दिए गए फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब जांच सीबीआई करे तो अपील का अधिकार राज्य सरकार के पास नहीं बल्कि केंद्र सरकार के पास होता है।
इसलिए छत्तीसगढ़ सरकार की अपील गैर-स्वीकार्य रही। सतीश जग्गी की याचिका भी इसलिए खारिज हुई क्योंकि बरी का आदेश 2007 का है, जबकि पीडि़त को अपील का अधिकार देने वाली धारा 372 साल 2009 में लागू हुई। हालांकि सीबीआई की देरी को कोर्ट ने माफ कर दिया और कहा कि इतने गंभीर मामले को केवल तकनीकी आधार पर खत्म नहीं किया जा सकता। इस आदेश के साथ ही सर्वोच्च न्यायालय ने उच्च न्यायालय के उस फैसले को बरकरार रखा है, जिसमें अमित जोगी की दोषमुक्ति को चुनौती देने वाली सभी 4 याचिकाएं (राज्य, सीबीआई और सतीश जग्गी) पहले ही खारिज की जा चुकी थीं।
अमित जोगी की प्रतिक्रिया
फैसले के बाद अपनी प्रतिक्रिया में अमित जोगी ने कहा, यह न्याय की एक ऐतिहासिक जीत है। सर्वोच्च न्यायालय के इस फैसले ने न केवल मेरी निर्दोषता पर एक और मुहर लगा दी है, बल्कि भारतीय न्याय प्रणाली पर मेरे अटूट विश्वास को भी मजबूत किया है। सत्य और न्याय की अंततः जीत होती है। मैं अपने परिवार, मित्रों और कानूनी टीम का आभारी हूं, जिन्होंने इस लंबी लड़ाई में मेरा साथ दिया।
क्या है पूरा मामला
जग्गी हत्याकांड मामले में अमित जोगी को सत्र अदालत ने वर्ष 2005 में ही पूर्ण रूप से दोषमुक्त कर दिया था। इसके बाद छत्तीसगढ़ राज्य और सीबीआई ने इस निर्णय को चुनौती देते हुए अपीलें दायर की थी, जबकि सतीश जग्गी ने एक पुनर्विचार याचिका और रूपांतरण आवेदन दायर किया था।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur