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बिलासपुर@पत्रकार सुरक्षा विधेयक में संशोधन की उठी जोरदार मांग

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अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति के राष्ट्रीय अधिवेशन में देशभर के पत्रकारों ने भरी हुंकार


-संवाददाता-
बिलासपुर, 04 नवंबर 2025
(घटती-घटना)।

छत्तीसगढ़ में लागू पत्रकार सुरक्षा विधेयक में संशोधन की मांग अब तेज हो गई है,2 नवंबर को अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति, छत्तीसगढ़ के तत्वावधान में बिलासपुर में आयोजित राष्ट्रीय अधिवेशन में देशभर से पहुंचे वरिष्ठ पत्रकारों और प्रतिनिधियों ने पत्रकारिता की स्वतंत्रता एवं सुरक्षा पर गंभीर चर्चा की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष जिग्नेश कालावाडिया (गुजरात) ने की, मुख्य वक्ता के रूप में वरिष्ठ पत्रकार शीतल पी. सिंह (दिल्ली), सुनील सिंह बघेल (भोपाल), विश्ववेश ठाकरे (रायपुर) तथा मुख्य अतिथि शंकर पांडेय उपस्थित रहे, विशिष्ट अतिथियों में श्री दिलशाद खान (महाराष्ट्र), श्री हर हर शंभू (उड़ीसा), श्री जमील खान (मध्यप्रदेश),श्री दिलीप यादव (अध्यक्ष बिलासपुर प्रेस क्लब), श्री सुनील सिंह (उत्तर प्रदेश), श्री रईस खान (राजस्थान), श्री सदानंद (गोवा), अजय प्रताप सिंह (उत्तर प्रदेश), मयूर दान गढ़वी (गुजरात), श्री सरोज जोशी (महाराष्ट्र), एवं श्री गोपाल सिंह (उत्तर प्रदेश) सहित देशभर से पत्रकारों ने हिस्सा लिया।
पत्रकारिता कठिन दौर में,एकता ही सुरक्षा:सुनील सिंह बघेल और विश्ववेश ठाकरे
भोपाल के सुनील सिंह बघेल और रायपुर के विश्ववेश ठाकरे ने कहा कि वर्तमान समय में पत्रकारिता कठिन दौर से गुजर रही है। उन्होंने कहा, अगर पत्रकार एकजुट रहेंगे तो किसी बाहरी संरक्षण की आवश्यकता नहीं होगी, क्योंकि हमारी एकता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है।
देशभर में लागू हो पत्रकार सुरक्षा कानूनःजिग्नेश कालावाडिया
राष्ट्रीय अध्यक्ष जिग्नेश कालावाडिया ने बताया कि अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति का मुख्य उद्देश्य पूरे देश में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू कराना है। उन्होंने कहा कि बिलासपुर का यह अधिवेशन इस बात का प्रमाण है कि देशभर के पत्रकार अब सुरक्षा विधेयक में संशोधन के लिए एक मंच पर आ चुके हैं।
सरकार ने पत्रकारों की नहीं, अफसरों की सुरक्षा देखीःगोविंद शर्मा
छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष गोविंद शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा बनाया गया पत्रकार सुरक्षा विधेयक पत्रकारों की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरा है, उन्होंने कहा, सरकार ने पत्रकारों की सुरक्षा से ज्यादा अधिकारियों की सुरक्षा पर ध्यान दिया है। यदि सरकार ने संशोधन पर गंभीरता नहीं दिखाई, तो पत्रकार सड़क पर उतरकर आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेंगे।
एकता का प्रदर्शन,सैकड़ों पत्रकारों की उपस्थिति
अधिवेशन में देश के विभिन्न राज्यों एवं छत्तीसगढ़ के सभी जिलों, ब्लॉकों से सैकड़ों पत्रकारों ने सहभागिता की, कार्यक्रम में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राकेश प्रताप सिंह परिहार, नितिन सिन्हा, दिलशाद खान, राष्ट्रीय महासचिव महफूज खान, रत्नाकर त्रिपाठी, तथा राष्ट्रीय सचिव सुनील चौधरी ने भी संबोधित किया और पत्रकार एकता एवं संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया, अधिवेशन में पारित प्रस्ताव के अनुसार समिति जल्द ही पत्रकार सुरक्षा कानून में संशोधन के लिए ज्ञापन मुख्यमंत्री और राज्यपाल को सौंपेगी।
छत्तीसगढ़ का कानून सबसे कमजोर-शीतल पी. सिंह
वरिष्ठ पत्रकार शीतल पी. सिंह ने कहा कि देश के तीन राज्यों में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू है,जिनमें तमिलनाडु का मॉडल अपेक्षाकृत बेहतर है, महाराष्ट्र का कानून औसत है,जबकि छत्तीसगढ़ का कानून सबसे कमजोर है, उन्होंने कहा कि इस कानून में संशोधन अति आवश्यक है, ताकि पत्रकारों को वास्तविक सुरक्षा मिल सके,उन्होंने यह भी बताया कि केरल में जल्द ही नया पत्रकार सुरक्षा विधेयक लाया जा रहा है, जो देश में सर्वश्रेष्ठ मॉडल हो सकता है।


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