- दैनिक घटती-घटना विशेष रिपोर्ट
- आत्मानंद विद्यालयों में गड़बड़ी की खबर से मचा हड़कंप,जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में मची हलचल
- दैनिक घटती-घटना की खबर के बाद हरकत में आया शिक्षा विभाग, लीपापोती में जुटे अधिकारी
- बिना आदेश जांच, गैस सिलेंडर की ‘फौरन डिलीवरी:सूत्र
- दो सगे भाइयों की संदिग्ध नियुक्ति और वेतन भुगतान पर उठे सवाल
- ऑपरेटर और प्राचार्य की भूमिका पर भी चर्चा तेज,मध्यान्ह भोजन में गड़बड़ी की पुष्टि आधे बच्चे खाते हैं,हाजिरी पूरी लगती हैःसूत्र

-संवाददाता-
कोरिया,01 नवंबर 2025 (घटती-घटना)। दैनिक घटती-घटना में प्रकाशित आत्मानंद विद्यालयों में गड़बड़ी की खबर से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया,जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से लेकर विद्यालय प्रबंधन तक हरकत में आ गया,खबर छपते ही आनन-फानन में सुधार का दिखावा किया गया कहीं गैस सिलेंडर पहुंचा तो कहीं बिना आदेश जांच के नाम पर लीपापोती शुरू हो गई।
ज्ञात हो की जिला मुख्यालय सहित कुछ अन्य आत्मानंद विद्यालयों में सबकुछ अच्छा नहीं चल रहा है, मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम संचालन में भ्रष्टाचार किया जा रहा है और एलपीजी गैस की जगह लकड़ी और कोयला जलाया जा रहा है,भोजन ग्रहण करने वाले छात्रों से अधिक की हाजिरी भरी जा रही है,दो सगे भाइयों जो आत्मानंद के लिए जुगाड से भर्ती हुए हैं (जैसा सूत्रों का दावा है) वह बिना विद्यालय आए ही वेतन प्राप्त कर रहे हैं और हाजिरी जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में लग रही है जैसी कई शिकायतों की सूचना पर खबर का प्रकाशन किया गया था जिसके बाद सुबह सुबह ही आत्मानंद विद्यालयों में व्यवस्था सुधार का काम शुरू किया गया और कहीं गैस सिलेंडर पहुंचाया गया वहीं दो सगे भाइयों को भी विद्यालय भेजा गया, सब कुछ तत्काल किया गया और ऐसा करके यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि सब कुछ अच्छा चल रहा है,इन सब में बैकुंठपुर के आत्मानंद विद्यालय प्राचार्य ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई वहीं बताए जाता है जांच जैसा कुछ किया गया जरूर लेकिन जांच का आदेश नहीं जारी किया गया जैसा सूत्रों का दावा है, मौखिक या केवल प्राचार्य ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से कुछ लोगों को बुलाया जो समिति में हैं और लीपापोती उन्होंने मिलकर कर ली,वैसे बैकुंठपुर के प्राचार्य नए नए आए हैं और वह हड़बड़ी में यह भूल गए कि बातें बाहर भी जाती हैं जो या जिसे रोकना संभव नहीं,प्राचार्य ने प्रयास काफी किया कि व्याप्त कमियां उजागर न हो उन्होंने पूर्व के व्यवस्था को भी दोष दिया लेकिन उन्हें मालूम होना चाहिए वर्तमान ही जिम्मेदार होता है व्यव्स्था जिसके जिम्मे होता है, लीपापोती का प्रयास हुआ और यह सब होना साबित कर गया कि खबर सत्य थी और प्राप्त सूचनाएं गड़बड़ी होना जैसी बातें झूठी नहीं थीं,खबर पढ़ते ही प्राचार्य, प्रबंधन और कार्यालय हुए जागृत पर सवाल यह है कि क्या सुधार के नाम पर फिर लीपापोती ही होगी?
खबर पढ़ते ही प्राचार्य, प्रबंधन, कार्यालय हुआ जागृत, हुई लीपापोती
सूत्रों के अनुसार आत्मानंद विद्यालयों में व्याप्त मनमानियों की खबर का जैसे ही प्रकाशन किया गया और जैसे ही उसे सभी ने पढ़ा,प्राचार्य,प्रबंधन और कार्यालय तत्काल जागृत हो गए और सभी ने खबर प्रकाशन दिवस ही मिलकर लीपापोती करने का काम विद्यालय में किया,कार्यालय से तत्काल दो अधिकारी भेजे गए और यह तय किया गया कि सब कुछ बेहतर है और कोई गड़बड़ी नहीं है,बताया जाता है कि कुछ मामलों को चुप्पियों से छिपाए जाने का निर्देश भी दिया गया,सभी जानकारी सूत्रों से प्राप्त जानकारी है और जो बताती है कि आत्मानंद विद्यालयों में गड़बड़ी तो है।
दो सगे भाई अब आयेंगे विद्यालय,प्राचार्य प्रबंधन और कार्यालय की सह पर जो घूम कर प्राप्त कर रहे थे वेतन
सूत्रों ने बताया कि खबर प्रकाशन के बाद जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का ऑपरेटर घबरा गया,बताया जाता है कि वह प्राचार्य से सांठगांठ स्थापित करने का मुख्य मास्टरमाइंड है,जैसे ही दो सगे भाइयों के विषय में यह बात प्रकाशित हुई कि दोनों बिना विद्यालय आए वेतन उठा रहे हैं जिसके पीछे ऑपरेटर और प्राचार्य की भूमिका है तत्काल दोनों को विद्यालय जाने आदेश दे दिया गया,बताया जाता है कि दोनों सगे भाइयों को स्कूल जाने से मनाही थी वहीं उनकी हाजरी ऑपरेटर के द्वारा कार्यालय में लगाई जाती थी,अब दोनों विद्यालय जायेंगे जो तय हो गया।
गैस सिलेंडर भी पहुंचा विद्यालय,मध्यान्ह भोजन संचालन समूह को भी बचाने बनाई गई योजनाःसूत्र
सूत्रों की माने तो खबर प्रकाशन पश्चात प्राचार्य और ऑपरेटर मध्यान्ह भोजन समूह को भी बचाने की कोशिश में लग गए,दोनों ने मिलकर जांच होने से पहले विद्यालय में गैस सिलेंडर मंगवा लिया जो समूह संचालक ने भेजा,अब तक लकड़ी और कोयले पर मध्याह्न भोजन पकाया जाता था,समूह ऑपरेटर के पारिवारिक सदस्य का बताया जाता है जिसे भी बचाने रणनीति बनाई गई है,वैसे पूरी तरह अब योजना के साथ प्राचार्य ऑपरेटर मामले में लीपापोती करने में भीड़ चुके हैं।
दो सगे भाइयों की नियुक्ति की जांच होने से खुलेंगे दबे राज :सूत्र
सूत्रों का कहना है कि आत्मानंद विद्यालयों में कोरिया जिले में दो सगे भाई जो दूसरे जिले के हैं वह लिपिक बनकर काम कर रहे हैं,दोनों भाइयों को लेकर बताया जाता है कि दोनों की नियुक्ति में गड़बड़ी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता,दोनों की नियुक्ति एक जिले में एक ही प्रकार की संस्था में हुई है,दोनों भाई अन्य जिले जहां या जो उनका गृह जिला है वहां कहीं चयनित नहीं हुए,ऑपरेटर की भूमिका इस मामले में मानी जा रही है,सूत्रों का कहना है यदि जांच हुई आत्मानंद विद्यालयों के भर्ती की जांच हुई कई राज उजागर होंगे।
आधे बच्चे खाते हैं खाना, हाजरी पूरे बच्चों की लगती है…
आत्मानंद विद्यालयों में आधे बच्चे ही मध्यान्ह भोजन करते हैं,हाजरी पूरे बच्चों की लगती है,यह स्पष्ट भ्रष्टाचार लगातार जारी है,इस मामले में निगरानी और नियंत्रण को लेकर कोई व्यवस्था नहीं है,यह विषय शासन को आर्थिक नुकसान पहुंचाने का मामला है।
ऑपरेटर के रिश्तेदार कैसे बन गए कई स्कूलों के मध्यान्ह भोजन संचालक?
ऑपरेटर के रिश्तेदार एक से अधिक स्कूलों का मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम संचालित कर रहे हैं,उसके एक रिश्तेदार को बैकुंठपुर सहित पटना के स्कूल की जिम्मेदारी मिली हुई है,पटना स्कूल की जिम्मेदारी पटना के समूह को नहीं मिली,यह तथ्य बतलाते हैं कि ऑपरेटर आत्मानंद विद्यालय सहित अन्य शासकीय विद्यालयों के मध्याह्न भोजन कार्यक्रम में पूरा हस्तक्षेप रखता है, वही इस कार्यक्रम में सर्वेसर्वा है।
खबर की पुष्टि और प्रतिक्रिया
सूत्रों के अनुसार, समाचार में जिन गड़बडि़यों का उल्लेख किया गया था, वे सही पाई गईं। मध्यान्ह भोजन योजना में अनियमितता, उपस्थिति में हेराफेरी, और दो सगे भाइयों की संदिग्ध नियुक्ति जैसे मुद्दों पर अब विभाग खुद जांच की बात कह रहा है।
निष्कर्ष (जनहित कोण से)
अगर आत्मानंद विद्यालयों की भर्ती प्रक्रिया और भोजन कार्यक्रम की जांच ईमानदारी से की गई, तो कई दबे राज उजागर होंगे। विभागीय स्तर पर लीपापोती के बजाय पारदर्शी कार्रवाई की मांग अब तेज हो गई है।
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