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बैकुण्ठपुर/चिरीमिरी/सोनहत/पटना@ “मईया खोल नाहीं केवड़िया, दर्शनवा देहुना…”“जोड़े जोड़े सुपवा तोरे चढ़ईबो ना छठी मईया…”

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आस्था के कुंभ में डूबा कोरिया जिला व्रती महिलाओं और पुरुषों ने उदीयमान सूर्य को दिया अर्घ्य, पूर्ण हुआ चार दिवसीय छठ महापर्व
-राजन पाण्डेय-
बैकुण्ठपुर/चिरीमिरी/सोनहत/पटना, 28 अक्टूबर 2025(घटती-घटना)। कांच ही बांस के बहंगिया,बहंगी लचकत जाए…छठ गीतों की मधुर धुनों से सोमवार की भोर गूंज उठी। चार दिवसीय कठिन व्रत के उपरांत आज उदीयमान सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा विधि-विधान पूर्वक संपन्न हुआ। सोमवार की संध्या में अस्ताचलगामी सूर्य और मंगलवार की सुबह उगते सूर्य को व्रती महिलाओं और पुरुषों ने जल व दूध से अर्घ्य दिया। फलों, गन्ने, और मौसमी प्रसाद से सजे सुप व दौरी लेकर श्रद्धालुओं ने परिवार की मंगल कामना, पुत्र-पुत्री के दीर्घायु जीवन और स्वास्थ्य की प्रार्थना की।

पूरे जिले में गूंजा “जय छठी मईया”
चिरमिरी,बैकुंठपुर,मनेंद्रगढ़,चरचा,खड़गवां,नागपुर,नई लेदरी,खोंगापानी, झगराखांड और भरतपुर हर कस्बे और गांव में छठ पर्व का उल्लास दिखाई दिया। लोगों ने परिवार सहित अर्घ्य देकर सूर्योपासना की और एक स्वर में प्रार्थना की ‘मईया खोल नाहीं केवडि़या,दर्शनवा देहुना…

आस्था का महासागर: घाटों पर उमड़ा जनसैलाब
पटना के झूमर पारा तालाब,कटकोना एसईसीएल जलाशय,गोबरी जलाशय सहित पूरे कोरिया जिले के छठ घाटों पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। व्रती महिलाओं के साथ परिवारजन और भक्तजन सुबह-सुबह तालाबों के तट पर पहुंचे। राम मंदिर तालाब, झुमका बांध और गेज नदी तट पर भी पूजा अर्चना हुई।

बेटियों के लिए भी मां करती हैं अर्घ्यदान
छठ केवल पुत्र कामना का व्रत नहीं,बल्कि बेटियों की मन्नत का पर्व भी बन चुका है। व्रती महिलाओं ने रूनकी-झुनुकी बेटियां और दामाद हे छठी मईया जैसे गीत गाकर पुत्री-सुख की कामना की। समाज में नारी सशक्तिकरण का संदेश देने वाला यह पर्व बेटा-बेटी में समानता का प्रतीक बन रहा है।

दीपदान से झिलमिलाए तालाब
अर्घ्य के बाद श्रद्धालुओं ने दीपदान किया। पानी की लहरों पर तैरते दीपों ने जब झिलमिलाती रोशनी फैलाई, तो ऐसा लगा मानो पूरा पूर्वांचल क्षेत्र यहां उतर आया हो। सूप में पारंपरिक प्रसाद ठेकुआ,फल,गन्ना और मौसमी पकवान सजाए गए थे, जिन्हें श्रद्धालुओं ने सूर्य देवता को अर्पित किया।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम और प्रशासन की सतर्कता
घाटों पर भीड़ को नियंत्रित करने और जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा के लिए पुलिस बल मुस्तैद रहा।


घाटों पर जगह पड़ी कम, बढ़ी श्रद्धा
पटना के झूमर पारा तालाब में श्रद्धालुओं की संख्या इतनी अधिक रही कि व्रती महिलाओं को अर्घ्य देने के लिए खड़े होने की जगह नहीं मिली। हर सीढ़ी, हर तट सुपों और दौरी से भरा नजर आया। इस दौरान प्रथम नगर पंचायत अध्यक्ष गायत्री सिंह सहित उपाध्यक्ष गौरव अग्रवाल का छठ पूजा समिति ने स्वागत किया और छठ घाट छोटे पड़ने की बात बताई, अध्यक्ष, उपाध्यक्ष ने आश्वासन दिया कि छठी मईया का आशीर्वाद रहा तो अगले वर्ष तालाब पर छठ व्रतियों के लिए जगह की कमी नहीं पड़ेगी और सुविधायुक्त छठ घाट का विस्तार पूर्ण हुआ मिलेगा।


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