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मनेन्द्रगढ़@मनेन्द्रगढ़ जिले के घाटों में सूर्य देव के अर्घ्य देकर मनाया गया छठ पर्व

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छठ महापर्व की पूर्व संध्या पर छठ घाट पहुंचे पूर्व विधायक गुलाब कमरों ने दी शुभकामनाएं
नगर पंचायत खोंगापानी सहित पूरे एमसीबी जिले में धूमधाम से मना

वेद बाबू तालाब,सरोवर मार्ग,जोड़ा तालाब,चैनपुर तालाब,मनी मोहल्ला और हसदेव गंगा तट पर उमड़ा जनसैलाब,मनेंद्रगढ़ में उत्तर भारतीय संस्कृति का भव्य प्रदर्शन


-राजन पाण्डेय-
मनेन्द्रगढ़,27 अक्टूबर 2025
(घटती-घटना)।

भक्ति,निष्ठा और पवित्रता का प्रतीक लोक आस्था का महापर्व छठ मनेंद्रगढ़ में आज हर्षोल्लास के साथ अपने चरम पर पहुँच गया। उत्तर भारतीय संस्कृति का गढ़ माने जाने वाले मनेंद्रगढ़ में सैकड़ों की संख्या में छठ व्रतियों ने विधि-विधान से तैयार सूप और दउरा लेकर शहर के सभी प्रमुख जल स्रोतों की ओर रुख किया। मंगलवार की सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देने से पहले, व्रतियों ने सोमवार की शाम अस्ताचलगामी (डूबते) सूर्य को पहला अर्घ्य दिया। इस दौरान, नदी पर स्थित वेद बाबू तालाब,सरोवर मार्ग स्थित तालाब,सब्जी मंडी तालाब, चैनपुर तालाब, हसदेव गंगा तट और मनी मोहल्ला के घाटों पर छठ व्रतियों और श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड भीड़ उमड़ी, जिसने मनेंद्रगढ़ को पूरी तरह से छठमय बना दिया।
घाटों पर आस्था का भव्य नज़ारा
घाटों पर गन्ने के मंडप और रंगीन रोशनी से सजे घाटों पर व्रतियों ने पानी में खड़े होकर भगवान भास्कर की आराधना की। इस दौरान,पूरा वातावरण छठ के पारंपरिक गीतों से गुंजायमान रहा, जो आस्था और भक्ति की एक अद्भुत छटा बिखेर रहा था। व्रतियों ने सूर्य देव को दूध और जल अर्पित किया, साथ ही सूप में रखे ठेकुआ, फल और अन्य पकवानों का अर्घ्य देकर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
छठ पर्व का सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व
छठ महापर्व सूर्य देव और छठी मैया की आराधना का पर्व है,जिसकी परंपरा वैदिक काल से चली आ रही है। यह पर्व चार दिनों तक मनाया जाता है जिसमे नहाय-खाय, खरना, सांझ का अर्घ्य (डूबते सूर्य को),और भोर का अर्घ्य (उगते सूर्य को)। व्रती महिलाएं इस दौरान कठोर नियमों और पूर्ण शुद्धता के साथ पूजा-अर्चना करती हैं। जल में खड़े होकर सूर्य को अर्घ्य देना इस पर्व की सबसे प्रमुख विशेषता है,जो मानव और प्रकृति के सामंजस्य का प्रतीक है।
जिले में छठ घाटों पर उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

एमसीबी जिले के सभी प्रमुख घाटों मनेंद्रगढ़, चिरमिरी,भरतपुर,सोनहत,खोगापानी आदि में हजारों श्रद्धालु अपने परिवार सहित उपस्थित रहे। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सजीं, हाथों में पूजन सामग्री लिए भगवान सूर्य की आराधना में लीन दिखाई दीं। नगर पंचायतों ने घाटों की साफ-सफाई,प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा की विशेष व्यवस्था की थी।
छठ पर्व संदेश भी देता है…
छठ पर्व यह संदेश देता है कि प्रकृति की उपासना,आत्मसंयम और सामाजिक एकता ही भारतीय संस्कृति की आत्मा हैं। पूर्व विधायक गुलाब कमरों ने जनता से अपील की कि वे इस पर्व की पवित्रता को बनाए रखते हुए सामाजिक सद्भाव और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लें। इस दौरान रामा यादव,राजा पांडेय,पूर्व उपाध्यक्ष राजकुमार केसरवानी,हाफिज मेमन,सौरव मिश्रा,पिंटू भास्कर,मनोज साहू,भावेश जैन,अमर सिंह, संतोष चौबे सहित कई जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए


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