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रायपुर@छत्तीसगढ़ की बाघिन ‘बिजली’ की वनतारा में मौत

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3 दिन पहले इलाज के लिए भेजे थे गुजरात में होगा अंतिम संस्कार


रायपुर,11 अक्टूबर 2025। रायपुर जंगल सफारी की बाघिन बिजली की गुजरात,जामनगर स्थित वनतारा में इलाज के दौरान मौत हो गई। वनतारा एडमिनिस्ट्रेशन ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी। छत्तीसगढ़ से भी पीसीसीएफ चीफ अरूण कुमार पांडेय ने भी इसे कन्फर्म किया है। पांडेय ने बताया जंगल सफारी के ष्ठस्नह्र और मेडिकल टीम बिजली की मौत की खबर मिलते ही जामनगर के लिए रवाना हुई है। बिजली का अंतिम संस्कार जामनगर में ही होगा। बता दें कि बाघिन के यूट्रस-ओरल में इन्फेक्शन था। 3 दिन पहले 7 अक्टूबर को उसे बेहतर इलाज के लिए वनतारा वाइल्ड लाइफ रेस्क्यू रिहेबलिटेशन सेंटर भेजा गया था, वह 9 अक्टूबर की रात गुजरात पहुंची थी।
जहां से आए थे पिता वहीं ली अंतिम सांस : 9 साल पहले जब जंगल सफारी का उद्घाटन हुआ था। तब गुजरात से नर बाघ लाया गया था। इसका नाम शिवाजी रखा गया। इसी शिवाजी का पीएम मोदी ने तस्वीर ली थी। बिजली, शिवाजी की पहली शावक थी। जहां से पिता आए थे, बिजली ने भी वहीं अंतिम सांस ली।
10 दिन से खाना-पीना कर दिया बंद : बाघिन बिजली की उम्र 8 साल की थी। उसके यूट्रस-ओरल में इन्फेक्शन था। जंगल सफारी में पिछले कुछ समय से बीमार चल रही थी। बिजली ने पिछले 10 दिन से खाना-पीना बंद कर दिया था। बेहतर इलाज के लिए 4 दिन पहले ही उसे हावड़ा-अहमदाबाद एक्सप्रेस से रवाना किया गया था। सीटी स्कैन में यूट्रस में इंफेक्शन की बात सामने आई तो इलाज के लिए वन विभाग ने वनतारा शिफ्ट करने का निर्णय लिया गया। अनुमति के लिए केंद्रीय चिडि़याघर प्राधिकरण को पत्र लिखा गया लेकिन अनुमति मिलने में 10 दिन लग गए। अनुमति मिलने पर बिजली को वनतारा जामनगर भेजा गया। शुरुआत में उसकी बीमारी को गैस्ट्रो इंटेस्टाइनल (पाचन तंत्र) के रूप में डाइग्नोज कर इलाज शुरू किया गया। बाद में हेमेटोलॉजिकल जांच और अल्ट्रासाउंड जांच में किडनी में इंफेक्शन के लक्षण मिले। इसके बाद वनतारा की एक विशेषज्ञ पशु चिकित्सा टीम को उन्नत जांच और इलाज के लिए बुलाया गया।


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