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कोरिया@बंटवारे के मामले में नियम विरुद्ध आदेश पारित करने को लेकर राजस्व मंडल बिलासपुर में हुई शिकायत

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कलेक्टर कोरिया तहसीलदार बैकुंठपुर की हुई है शिकायत,नियम विरुद्ध निर्णय खारिज करने की हुई है मांग

कोरिया,21 सितम्बर 2025 (घटती-घटना)। तहसील न्यायालय के एक फैसले को लेकर शिकायत सामने आई है जो शिकायत राजस्व मंडल बिलासपुर को की गई है जिसमें कलेक्टर कोरिया के निर्णय को भी नियम विरुद्ध बताते हुए इस निर्णय पर रोक लगाए जाने की मांग की गई है,शिकायतकर्ता ने शिकायत पत्र प्रस्तुत करते हुए राजस्व मंडल से गुजारिश की है कि छत्तीसगढ़ भू राजस्व संहिता की धारा 50 के विपरीत ग्राहता पर अंतिम आदेश कर प्रकरण को निरस्त किए जाने के विरुद्ध कार्यवाही करते हुए अनावेदकगण को न्याय दिलाया जाए। आवेदिका सोनमत बेवा स्व लालसाय, मनबसिया पिता स्व लालसाय एवं फुलपती पिता स्व लालसाय सभी जाती रजवार निवासी ग्राम नरकेली थाना व तहसील बैकुंठपुर जिला कोरिया ने राजस्व मंडल बिलासपुर से एक प्रकरण में नियम विरुद्ध आदेश को निरस्त करने की मांग की है जिसके बाद राजस्व मंडल बिलासपुर ने कलेक्टर कोरिया को पत्र लिखकर जांच का निर्देश दिया है और तदोपरान्त सुचित भी किया जाए यह उल्लेख किया है। प्रकरण बंटवारे से जुड़ा है और आवेदिकागणों द्वारा बंटवारे का आवेदन तहसीलदार बैकुंठपुर के न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था, मामले की सुनवाई में तहसीलदार बैकुंठपुर के द्वारा दिनांक 4 अप्रैल 2025 को प्रारंभिक आदेश जारी कर आवेदिकागण की आपत्ति निरस्त कर प्रकरण में फर्द बंटवारा मंगवाए जाने का आदेश किया गया,वहीं पुनः दिनांक 28 अप्रैल 2025 को उसी विषयवस्तु पर पुनः आदेश कर प्रकरण की कार्यवाही को रोक दिया गया तहसीलदार बैकुंठपुर के द्वारा,जब यह जानकारी आवेदिकागणों को पता चली उन्होंने आपत्ति दर्ज की जिसके बाद तहसीलदार बैकुंठपुर ने आदेश के विरुद्ध सुनवाई हेतु प्रकरण नियत किया वहीं उसके बाद 13 जून 2025 को प्रकरण की कार्यवाही को रोकने पुनः आदेश किया गया,इस प्रकार तहसीलदार बैकुंठपुर द्वारा आदेश दिनांक 4 अप्रैल 2025,28 अप्रैल 2025 एवं 13 जून 2025 को विधि विरुद्ध आदेश कर मनमानी प्रकिया अपनाई गई वहीं ऐसा होने के बाद आवेदिकागणों द्वारा तहसीलदार बैकुंठपुर के द्वारा किए गए आदेश के विरुद्ध संहिता की धारा 50 के तहत पुनरीक्षण कलेक्टर कोरिया के समक्ष प्रस्तुत किया गया। कलेक्टर कोरिया ने दिनांक पुनरीक्षण याचिका पर दिनांक 26 जून 2025 को ग्राहता पर तर्क सुना जाकर दिनांक 10 जुलाई 2025 को प्रकरण नियत किया गया,कलेक्टर कोरिया द्वारा दिनांक 10 जुलाई 2025 को किए गए आदेश में पुनरीक्षण का अंतिम निराकरण किया गया एवं यह आदेश जारी किया गया कि प्रकरण अधीनस्थ न्यायालय अनुसार चलने योग्य नहीं है अधीनस्थ न्यायालय का निर्णय सही है ऐसा कहकर प्रकरण निरस्त किया गया, इस विषय में आवेदिकागणों ने तर्क रखा कि संहिता की धारा 50 (1) (तीन) में प्रावधानित किया गया है कि आदेश को पुनरीक्षण में तब तक फेर फ़ारीत नहीं किया जाएगा जब तक हितबद्ध पक्षकारों को सूचना तामील न की गई हो और उन्हें सुनवाई का अवसर न दे दिया गया हो,इस प्रकार स्पष्ट है की ग्राहीता के स्तर पर प्रकरण में अंतिम आदेश कर संहिता के प्रावधान विरुद्ध आवेदिकागण का पुनरीक्षण निरस्त कर दिया गया है,जिसके विरुद्ध कार्यवाही किया जाना न्याय हित में आवश्यक है। इस मामले में एक मामले के निर्णय का भी उल्लेख उदाहरण स्वरूप किया गया है जो राजस्व मंडल बिलासपुर के पुनरीक्षण प्रकरण क्रमांक आर.एन./14/अ -12/189/2014 निर्णय दिनांक 07/06/2022 है जिसमें पक्षकार धुरंधर बिल्डर्स एवं डेवलपर्स विरुद्ध अरुण कुमार वर्मा व अन्य के मामले में जारी के एक आदेश है के अनुसार पुनरीक्षण आवेदन पर गुण दोष के आधार पर निराकरण होना अनिवार्य है,इस प्रकार यह स्पष्ट है कि ग्राहता के स्तर पर पुनरीक्षण निराकृत नहीं किया जा सकता है किन्तु कलेक्टर कोरिया ने ग्राहता के स्तर पर ही अंतिम निराकरण कर तहसीलदार बैकुंठपुर के आदेश दिनांक 132/06/2025 को विधि सम्मत प्रमाणित कर दिया है,दिनांक 11/07/2025 को आवेदिकागण की ओर से कलेक्टर कोरिया को आवेदन प्रस्तुत कर पुनः सुनवाई किए जाने का निवेदन किया गया था जिसे मौखिक रूप से ही नहीं सुनने से इंकार कर दिया गया, आवेदिकागणों ने खुद को आर्थिक रूप से इतना संपन्न नहीं बताया है कि वह मामले में पैरवी के लिए अधिवक्ता का भार वहन कर सकें और इसलिए वह राजस्व मंडल के समाने आवेदन प्रस्तुत कर रहे हैं ऐसा उनका कहना है।


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