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सरगुजा/जशपुर/एमसीबी@क्या रेंज स्थापना बोर्ड की बैठक में एमसीबी,कोरिया जिले के विवादित पुलिसकर्मियों की वापसी का रास्ता हुआ साफ?

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-न्यूज डेस्क-
सरगुजा/जशपुर/एमसीबी, 20 सितंबर 2025 (घटती-घटना)। सरगुजा संभाग में पुलिस विभाग की रेंज स्थापना बैठक सम्पन्न हुई जहां सभी जिलों के संभाग स्तरीय पुलिस अधीक्षकों की भी उपस्थिति रही जहां से यह जानकारी निकलकर सामने आ रही है कि बैठक में उन विवादित पुलिसकर्मियों की भी चर्चा हुई जिनकी कार्यप्रणाली दोषपूर्ण होने की वजह से उन्हें पूर्व पदस्थ रहे जिलों से हटाया गया था और पूर्व आईजी के द्वारा विवादित पुलिसकर्मियों से कुछ जिलों को निजात दिलाने के लिए ऐसा किया गया था जिससे रेंज के सभी जिलों में बेहतर पुलिसिंग की स्थापना हो सके। जिन पुलिस कर्मियों को हटाया गया था उनकी कार्यप्रणाली ऐसी थी कि वह जिन जिलों में पदस्थ थे वहां उनके संरक्षण में हर अवैध कारोबार संचालित हुआ करते थे और गाहे बगाहे ऐसे पुलिसकर्मियों का नाम उनसे जुड़ता था जिससे पुलिस की छवि धूमिल हुआ करती थी,पुलिस की छवि धूमिल न हो यह पूर्व आईजी की सोच थी जिस कारण वर्षों से एक जगह जमे और पुलिस की धौंस दिखाकर खुद के लिए ऐशो आराम के साधन जुटा रहे पुलिसकर्मी हटा दिए गए थे। वैसे ऐसी सूचना है कि बैठक जो रेंज में हुई वहां ऐसे विवादित पुलिसकर्मियों को पुनः मनचाही जगह पदस्थापन दिए जाने पर बातें हुईं और जिसमे संभवतः उनके लिए रास्ता भी बनाया गया। कोरिया जिले से जशपुर जिले भेजे गए मायावी प्रधान आरक्षक को नवीन जिले एमसीबी के लिए मौका दिया जाएगा ऐसा बताया जा रहा है, वैसे बताया जा रहा है कि कोरिया जिले के मायावी प्रधान आरक्षक के रूप में जाने जाने वाले पुलिसकर्मी ने एमसीबी जिले जाने की इक्षा जताई है और इस पर मुहर कभी भी लग सकती है,लगी कि नहीं लगी यह सवाल है।
वैसे मायावी प्रधान आरक्षक की इक्षा एमसीबी जिले के पुलिस अधीक्षक के माध्यम से आईजी सरगुजा तक पहुंचने की बात बताई जा रही है और क्या यह सही बात है यह पुष्टि होना शेष है ,सूत्रों के अनुसार मायावी प्रधान आरक्षक ने काफी हांथ पैर जोड़े काफी मिन्नते की कई जगह जाकर जी हुजूरी की और इस क्रम में उन्होंने पूर्व में कोरिया जिले के पुलिस अधीक्षक रहे वर्तमान में एमसीबी जिले के पुलिस अधीक्षक से भी मिन्नते की हांथ पैर उनके सामने जोड़े तब जाकर एमसीबी जिले के पुलिस अधीक्षक ने एमसीबी जिले के लिए उन्हें सहमति प्रदान की। अब बातें ऐसी सामने आई हैं सच्चाई भी सामने आयेगी यदि ऐसा है तो मायावी प्रधान आरक्षक को पूर्व के परिचय का लाभ मिलता नजर आएगा और कोरिया पुलिस अधीक्षक रहे वर्तमान के एमसीबी जिले के पुलिस अधीक्षक ने मायावी की फरियाद सुनी और सहमति देकर एक तरह से जिले में आने का रास्ता साफ किया जो मायावी के लिए किसी वरदान से कम नहीं यह बताया जा रहा है।
मायावी की वापसी पूर्व आईजी की बेहतर पुलिसिंग स्थापित करने की मंशा पर पानी फेरने जैसा निर्णय
यदि मायावी की वापसी जशपुर जिले से होती है मनचाही जगह तो यह उस मंशा पर पानी फेरने वाला निर्णय माना जाएगा जिस मंशा से पूर्व आईजी ने मायावी को जशपुर जिले भेजा था,दोषपूर्ण कार्यप्रणाली,शिकायतों के अंबार की जानकारी के आधार पर पूर्व आईजी ने मायावी को रेंज के सबसे किनारे के जिले के लायक माना था जहां से मायावी अपनी माया का जाल आसानी से फैलाने में कामयाब न हो सके। मायावी की यदि वापसी होती है तो पूर्व आईजी की बेहतर पुलिसिंग की मंशा पर पानी फिरता नजर आना तय है।
कोरिया के अपने व्यवसाय को एमसीबी जिले से संचालित करेगा मायावी…यदि पहुंचा एमसीबी
मायावी प्रधान आरक्षक एमसीबी जिले तक यदि वापसी कर सका तो वह कोरिया जिले में फैले अपने व्यवसाय को एमसीबी जिले से आ जाकर संचालित करेगा,बताया जाता है कि कोरिया जिले को वह किसी हाल में छोड़ना नहीं चाहता क्योंकि आरंभ से यही पदस्थ रहते हुए उसने कोरिया जिले में अपना एक तरह से साम्राज्य स्थापित किया हुआ है,अपने फैले साम्राज्य को वह कहीं और स्थापित नहीं कर सकता इसलिए वह जशपुर भेजे जाने के बाद से ही काफी परेशान था और इधर उधर की दौड़ लगाकर वह कोरिया वापसी चाहता था,जब उसे यह विश्वास हो गया वह कोरिया नहीं आ सकता उसने अगल बगल के जिले के लिए मिन्नते करना शुरू किया और अंत में वह एमसीबी जिले के लिए जुगाड बना ले गया। एमसीबी जिले से वह अपने सम्राज्य को जो कोरिया जिले में फैला है आसानी से संचालित कर सकेगा यह बताया जा रहा है और यही कारण माना जा रहा की उसने एमसीबी जिले का चयन मिन्नतें करने के दौरान किया।
एमसीबी जिले के पुलिस अधीक्षक ने क्या सच में मायावी के लिए आईजी सरगुजा को कन्वेंस किया?
सूत्रों की माने तो मायावी प्रधान आरक्षक अब एमसीबी जिले में नजर आयेंगे, एमसीबी जिले के पुलिस अधीक्षक ने मायावी के लिए आईजी सरगुजा को कन्वेंस किया है ऐसी बात सामने आ रही है, मायावी एमसीबी जिले में रहते हुए बेहतर कार्यप्रणाली अपनी साबित करेंगे यह विश्वास आईजी सरगुजा को एमसीबी जिले के पुलिस अधीक्षक ने दिलाया है ऐसा बताया जा रहा है, अब इस बात में कितनी सच्चाई है यह हम तो साबित नहीं कर सकते लेकिन यह सवाल जरूर है कि क्या सच में पुलिस अधीक्षक एमसीबी ने मायावी के लिए पैरवी की है? क्या वह सच में आईजी सरगुजा से मायावी की फरियाद रखने गए थे? वैसे दावा सच है या झूठा है यह बात सामने आएगी जरूर लेकिन ऐसा बतलाया जा रहा है कि मायावी की फरियाद पहले एमसीबी पुलिस अधीक्षक ने सुनी फिर उन्होंने यही फरियाद आईजी सरगुजा तक पहुंचाई और अब संभवतः मायावी एमसीबी जिले में नजर आने वाले हैं।
डायल 112 के लिए मायावी ने दी है सहमतिःसूत्र
छत्तीसगढ़ में डायल 112 में शुरू है कुछ जिले में अभी यह सुविधा शुरू नहीं हुई है पर बहुत जल्द सरगुजा संभाग के कई जिलों में यह सुविधा शुरू होनी है ऐसा बताया जा रहा है कि यह सुविधा बहुत जल्द शुरू हो जाएगी सुविधा शुरू होने से पहले ही इस जगह पर पदस्थ होने के लिए मायावी प्रधान आरक्षक ने अपनी इच्छा जताई है और आवेदन जिले के एसपी को दिया था ऐसा विशेष सूत्रों का कहना, मायावी प्रधान आरक्षक ने डायल 112 के लिए एमसीबी जिले के पुलिस अधीक्षक को सहमति दी है ऐसा बताया जा रहा है, बताया जा रहा है कि एमसीबी जिले के डायल 112 में काम करते नजर आयेंगे मायावी प्रधान आरक्षक, वैसे कोरिया जिले में खुद को सुपर कॉप घोषित करके काफी प्रसिद्धि हासिल करने वाले और जिले की पुलिसिंग के पूरे नियंत्रण खुद के हांथ में बतलाने वाले वर्तमान में जशपुर में पदस्थ मायावी अब डायल 112 लिए भी तैयार हैं यह आश्चर्य की बात है,वैसे डायल 112 कहीं एक बहाना मात्र तो नहीं असल मकसद पहले लौटना जशपुर से फिर जिले में धौंस जमाना ऐसा तो नहीं?
कभी भी जारी हो सकती है आईजी कार्यालय से तबादला सूचीःसूत्र
सूत्रों की माने तो कभी भी आईजी कार्यालय सरगुजा से रेंज स्तरीय तबादला सूची जारी हो सकती है,सूची तैयार है और अंतिम मुहर लगनी बाकी है, वैसे इस सूची में मायावी के अलावा भी कई ऐसे विवादित पुलिसकर्मियों का नाम हो सकता है जिन्हें दोषपूर्ण कार्यप्रणाली के कारण पूर्व पदस्थ जिले से पूर्व आईजी ने हटाया था ऐसा सूत्रों का दावा है,विवादित पुलिसकर्मियों को उनके मनचाही पदस्थापना प्रदान करने के लिए जारी होने वाली इस सूची में जो नाम नजर आने वाले हैं उन्होंने काफी मिन्नते की और काफी उन्हें दौड़ भाग करने की जरूरत पड़ी ऐसा बताया जा रहा है। वैसे यदि सूची जारी होती है तो यह भी माना जाएगा कि विवादित पुलिसकर्मियों के आगे विभाग भी या तो नतमस्तक है या उनके आगे किसी कारणवश मजबुर है।


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