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रायपुर@आयुष्मान कार्ड योजना-देश में सबसे अधिक फ्रॉड क्लेम छत्तीसगढ़ में

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स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया ने कहा…गलत क्लेम से भुगतान में होती है देरी

रायपुर,16 सितम्बर 2025। आयुष्मान कार्ड योजना के अंतर्गत देशभर में सबसे अधिक फ्रॉड क्लेम छत्तीसगढ़ में पाए गए। यदि गलत क्लेम किया जाए तो भुगतान में देरी होती है। इससे ईमानदारी से काम करने वाले संस्थान भी प्रभावित होते हैं। यह कहना है प्रदेश के स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया का। राजधानी के न्यू सर्किट हाउस में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की कार्यशाला में सचिव ने जानकारी दी कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण भारत सरकार ने इस वर्ष 20025 की शुरुआत में नई दिल्ली में जानकारी दी थी कि छत्तीसगढ़ में देश में सबसे अधिक फ्रॉड क्लेम पाए गए हैं। ऐसे अस्पतालों की संख्या के मामले में छत्तीसगढ़ चौथे स्थान पर है। कार्यशाला में अस्पतालों को जानकारी दी गई कि ट्रिगर क्लेम को कैसे कम किया जा सकता है। कार्यशाला में कटारिया ने कहा कि गलत क्लेम करने से एक दुविधा की शुरुआत हो जाती है। इससे योजना की छवि धूमिल होती है और जनता व अस्पताल का विश्वास डगमगाता है। इससे वास्तविक मरीज जिसे उपचार मिलना चाहिए, अक्सर वंचित रह जाता है।

साथ ही अस्पतालों के सही भुगतान में देरी होती है और ईमानदारी से काम करने वाले संस्थान भी प्रभावित होते हैं। और अंततः इसका सबसे बड़ा नुकसान गरीब और वंचित परिवार को उठाना पड़ता है, जिनके लिए यह योजना जीवनरेखा है।
सही पंजीयन जरूरी : योजना में अस्पतालों का सही पंजीयन किया जाए और समय-समय पर उनका निरीक्षण किया जाए। शासकीय अस्पतालों द्वारा भी योजना में क्लेम करने के दौरान पूर्ण दस्तावेज़ अपलोड करें।

जिससे अनावश्यक क्लेम निरस्त न हों।
कार्यशाला में दी निम्न बिंदुओं पर जानकारी
आयुष्मान कार्ड कैसे बनाया जाता है,
वय वंदना योजना में आयुष्मान कार्ड कैसे बनाए जाए
सही तरीके से क्लेम कैसे किए जाएं
दस्तावेज़ कैसे सही तरीके से बनाए जाए
लिपिकीय त्रुटि कम से कम हों
योजना में क्या करना चाहिए व क्या नहीं करना चाहिए
आभा आई.डी. का उपयोग
कार्यशाला में आयुक्त स्वास्थ्य सेवाएं सह मुख्य कार्यपालन अधिकारी डा. प्रियंका शुक्ला, डॉ. सुरेन्द्र पामभोई, संचालक, राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान, छत्तीसगढ़, टी.एन. सिंह, राज्य सूचना एवं विज्ञान अधिकारी, एन.आई.सी, छत्तीसगढ़, मनीष कोचर, तकनीकी निदेशक, एन.आई.सी, छत्तीसगढ़, डॉ. सुरेन्द्र शुक्ला, चेयरबोर्ड, हॉस्पिटल बोर्ड ऑफ इंडिया, छत्तीसगढ़, पूजा शुक्ला मिश्रा, संयुक्त संचालक (वित्त), एवं डॉ धर्मेंद्र गहवई, प्रोजेक्ट डॉयरेक्टर, राज्य नोडल एजेंसी, छ.ग., राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण, भारत सरकार से प्रतिनिधि, छत्तीसगढ़ के समस्त जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सिविल सर्जन सह अस्पताल अधीक्षक, जिला आयुष्मान नोडल अधिकारी, जिला परियोजना समन्वयक एवं अस्पताल सलाहकार एवं जिला रायपुर, दुर्ग एवं बिलासपुर के निजी अस्पतालों के प्रतिनिधि शामिल हुए।


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