- पूर्व मुख्यमंत्री से लेकर वर्तमान कोरबा सांसद तक मुख्यमंत्री से महाविद्यालय परिसर में कार्यालय ना बनाने की मांग कर रहे, क्या इनकी मांग मुख्यमंत्री मानेंगे?
- महाविद्यालय परिसर में एसपी कार्यालय ना बने जिसके लिए लगातार पत्र मुख्यमंत्री को भेजे जा रहे हैं, क्या इसके बाद भी एसपी कार्यालय वहीं बनेगा?
- मुख्यमंत्री को दो दर्जन से अधिक पत्र भेजा जा चूका है, महाविद्यालय परिसर में पुलिस अधीक्षक कार्यालय ना बने यही है मांग।
- विरोध के बाद भी आखिर क्यों जिद पर अड़े हैं जिला प्रशासन के जिम्मेदार साथ सत्ताधारी दल के विधायक?
- क्या परिसर में पुलिस अधीक्षक कार्यालय ना बने इसके लिए पूर्व मुख्यमंत्री पूर्व विधायक व वर्तमान सांसद धरने पर बैठेंगे?
-रवि सिंह-
कोरिया 12 सितम्बर 2025 (घटती-घटना)। कोरिया जिले के जिला मुख्यालय में स्थित जिले के अग्रणी महाविद्यालय के परिसर में पुलिस अधीक्षक कार्यालय भवन के निर्माण की शुरुआत और इसके लिए हुए भूमिपूजन के बाद लगातार यह मांग उठ रही है कि यह निर्णय सही नहीं है और महाविद्यालय परिसर में पुलिस अधिक्षक कार्यालय का निर्माण महाविद्यालय के विस्तार को प्रभावित करेगा साथ ही यह महाविद्यालय के छात्र छात्राओं की स्वतंत्रता को भी बाधित करेगा, विरोध छात्र भी कर रहे हैं महाविद्यालय के,पूर्व छात्र भी कर रहे हैं, मुख्यालय सहित जिले के लोग भी कर रहे हैं और प्रमुख विपक्षी दल भी इस मामले में अपनी राजनीतिक रोटी सेंक रहा है और इस निर्माण की के लिए चयनित और आबंटित भूमि को गलत ठहरा रहा है। इस बीच क्षेत्रीय सांसद जो कांग्रेस पार्टी से हैं और पूर्व मुख्यमंत्री भी अब मामले में अपने पत्र लिखकर किए गए विरोध के माध्यम से कूद पड़े हैं और उन्होंने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस निर्माण के लिए अन्यत्र स्थान तलाशने की गुजारिश की है,इसे गलत भूमि आबंटन बताया।
बताया जा रहा है कि अभी दो दर्जन से अधिक पत्र मुख्यमंत्री तक भेजे जाने का क्रम जारी है और अब तक भेजे लिखे गए पत्रों के विषय में ही कोई सुनवाई कोई ऐसा निर्णय सामने सरकार या मुख्यमंत्री का नहीं आया है जिससे यह समझा जा सके या जिससे यह प्रतीत हो सके कि पुलिस अधीक्षक कार्यालय के लिए अन्यत्र भूमि की तलाश होगी और महाविद्यालय परिसर में नए पुलिस अधिक्षक कार्यालय निर्माण पर रोक लगेगी। वैसे क्या विरोध और कई दर्जन अनुरोध पत्रों के बावजूद भी नया पुलिस अधिक्षक कार्यालय महाविद्यालय परिसर में ही बनेगा और अब इस निर्णय में बदलाव की गुंजाइश समाप्त हो चुकी है यह एक बड़ा सवाल है। जिला प्रशासन,साथ ही सत्ताधारी दल के विधायक का रुख नए पुलिस अधिक्षक कार्यालय के निर्माण के प्रति सकारात्मक ही सामने आ रहा है वहीं विधायक के अडिग और निर्णय में बदलाव की बात खारिज करने के बाद से ही जिलाध्यक्ष भाजपा का भी बयान सामने आ चुका है जिसमें उन्होंने भी निर्णय को लेकर यही कहा कि निर्माण और विकास को अवरुद्ध किए जाने की जगह उसमे सहभागी बनने का प्रयास किया जाना चाहिए और जहां तक महाविद्यालय परिसर में पुलिस अधिक्षक कार्यालय निर्माण और तत्पश्चात महाविद्यालय के विस्तार के लिए भूमि उपलब्धता न होने की बात की जा रही है इसके लिए जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की भूमि जिसपर वर्तमान में कार्यालय है उसे प्रदान किया जाएगा ऐसा उन्होंने कहा। उनके अनुसार भविष्य में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय मानस भवन या उसके आसपास नए भवन में स्थापित किया जायेगा कुल मिलाकर प्रशासन और सत्ताधारी दल के नेताओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि निर्णय में बदलाव संभव नहीं है। वैसे नए पुलिस अधीक्षक कार्यालय के निर्माण के समय ही सही इस संबंध में सहमति और इस निर्णय के समर्थन में ही सही विधायक और जिलाध्यक्ष साथ साथ नजर आ रहे हैं या कहें एक आम राय या विचार प्रकट कर एकजुटता दिखा रहे हैं।

क्षेत्रीय सांसद ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, महाविद्यालय परिसर में पुलिस अधीक्षक कार्यालय निर्माण के निर्णय को बदलने की मांग की
मामले में क्षेत्रीय सांसद ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय निर्माण के लिए महाविद्यालय परिसर की भूमि की जगह अन्य किसी स्थल का चयन कर निर्माण की मांग की है, क्षेत्रीय सांसद ज्योत्सना महंत ने मुख्यमंत्री को लिखे अपने पत्र में लिखा है कि यह निर्णय महाविद्यालय सहित छात्र हित में सही नहीं है,इस निर्णय से महाविद्यालय का विस्तार प्रभावित होगा। उन्होंने महाविद्यालय में अध्ययनरत छात्र छात्राओं की संख्या का उल्लेख करते हुए भविष्य में भवन आवश्यकताओं की बात कहते हुए यह मांग की है कि यह निर्णय महाविद्यालय के विस्तार को प्रभावित करेगा। उन्होंने यह भी कहा है कि यह भवन अन्य स्थान पर भी बनाया जा सकता है और इस निर्णय को लेकर पुनः विचार की आवश्यकता है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने भी मुख्यमंत्री को लिखा पत्र,निर्णय बदलने की मांग
मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र लिखते हुए यह मांग की है कि महाविद्यालय परिसर में पुलिस अधीक्षक कार्यालय का निर्माण सही निर्णय नहीं प्रतीत हो रहा है, महाविद्यालय में वर्तमान में 3200 छात्रों के अध्यनरत होने की बात कहते हुए उन्होंने यह उल्लेखित किया है कि महाविद्यालय परिसर में छात्रों के लिए अभी अतिरिक्त कक्षों की भी आवश्यकता है वहीं वहां ऑडिटोरियम के निर्माण भी आवश्यकता है जिसका प्रस्ताव भी भेजा जा चुका है। उन्होंने नालंदा परिसर जो जिले के लिए स्वीकृत है उसका निर्माण महाविद्यालय परिसर में किया जाए जो अच्छा निर्णय होगा यह भी पत्र में लिखते हुए यह अनुरोध किया है कि पूर्व में लिए निर्णय जिसमे महाविद्यालय परिसर में पुलिस अधिक्षक कार्यालय का निर्माण किया जा रहा है उसे बदलने की आवश्यकता है और भविष्य में पुलिस अधीक्षक कार्यालय के लिए अन्य जगह स्थल चयन कर पुलिस अधिक्षक कार्यालय बनाया जा सकता है। पूर्व मुख्यमंत्री ने मामले में पत्र में यह भी उल्लेखित किया है कि यह पत्र कोरिया जिले से पहुंचे कुछ लोगों के अनुरोध पर उन्होंने लिखा है जो महाविद्यालय परिसर में पुलिस अधीक्षक कार्यालय की जगह महाविद्यालय का ही या शिक्षा संबधी व्यवस्थाओं का ही विस्तार चाहते हैं और छात्र इसके लिए आंदोलन भी कर रहे हैं उन्होंने पत्र लिखा है।

दर्जनों पत्र मुख्यमंत्री को भेजे जाने की है तैयारी,पत्र लिखकर मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की होगी मांग
बताया जा रहा है कि स्थानीय विधायक और जिला प्रशासन के अड़ियल रवैए से निराश होकर साथ ही भाजपा जिलाध्यक्ष के द्वारा दिए गए बयान के बाद जिसमें उन्होंने निर्माण और विकास में अवरोधक बनने से परहेज करने की बात की है अब मुख्यमंत्री से ही महाविद्यालय परिसर में पुलिस अधीक्षक कार्यालय का विरोध कर रहे लोगों को उम्मीद रह गई है,अब कई दर्जन पत्र मुख्यमंत्री को भेजे जाने की तैयारी हो रही है जो भेजा भी जा रहा है, मुख्यमंत्री से मामले में हस्तक्षेप के लिए यह पत्र भेजे जाएंगे और उनसे यह मांग की जाएगी कि इस निर्णय पर पुनः विचार किया जाए। पत्र भेजकर महाविद्यालय की भविष्य की आवश्यकताओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराना और उनसे महाविद्यालय परिसर की भूमि को पुनः महाविद्यालय को आबंटित करवाने की मांग प्रमुख होगी। मुख्यमंत्री ही मामले में अब रास्ता निकाल सकते हैं और वह महाविद्यालय की भूमि को पुनः महाविद्यालय को वापस लौटा सकते हैं यह लोगों का मानना है।

कोरिया जन सहयोग समिति ने कलेक्टर को ज्ञापन सौप नवीन एसपी कार्यालय को कालेज परिसर से अन्यत्र किसी उपयुक्त स्थान पर बनाने की मांग
कोरिया जन सहयोग समिति पंजीकृत गैर राजनीतिक सोसायटी ने कलेक्टर कार्यालय कोरिया को ज्ञापन भेज कर नवीन एसपी कार्यालय को कालेज परिसर से अन्यत्र किसी उपयुक्त स्थान पर बनाने मांग पत्र भेजा है समिति के अध्यक्ष पुष्पेंद्र राजवाड़े एवं कार्यकारी अध्यक्ष अधिवक्ता जयचन्द सोनपाकर ने बताया कि शासकीय रामानुज प्रताप सिंह देव स्नात्कोत्तर महाविद्यालय जिले का अग्रणी महाविद्यालय है, यह जिले के लगभग 250 गांव एवं 192 ग्राम पंचायतो के बीच इकलौता पी.जी. कॉलेज है एवं शिक्षा के मामले में जिले की शान है। यहां के छात्र देश के कई उच्च संस्थानो में कार्यरत है और कॉलेज का मान भी बढाया है पुष्पेंद्र राजवाड़े एवं अधिवक्ता जयचन्द सोंपाकर ने बताया कि कॉलेज परिसर में स्थित माडल स्कूल जो पूर्व में महाविद्यालय का भवन था जिसे माडल स्कूल संचालन हेतु दिया गया था जिसके जमनी पारा में स्थानांतरित होने के बाद उक्त स्थान पर एस.पी. कार्यालय बनाया जाना प्रस्तावित किया गया है। कालेजों सेमेस्टर प्रणाली लागू होने के बाद कॉलेज परिसर में अतिरिक्त भवन की आवश्यकता पडेगी उक्त कॉलेज में नियमित व स्वाध्यायी हजारो छात्र परिक्षा में शामिल होते है। इसके अतिरिक्त व्यापम व अन्य परीक्षाओ का भी मुख्य केन्द्र पी.जी. कॉलेज ही होता है। अधिवक्ता जयचन्द ने बताया कि जानकारी मिली है कि कॉलेज भवन के विस्तार हेतु कॉलेज परिसर मे राष्ट्रिय शिक्षा अभियान मद से भवन एवं आडिटोरियम का प्रस्ताव भी शासन को भेजा गया है, ऐसे में एसपी कार्यालय बनाए जाने पर कॉलेज के लिए जगह की काफी समस्या हो जायेगी अधिवक्ता ने बताया कि कार्यालय अपर कलेक्टर बैकुन्ठपुर तत्कालीन जिला सरगुजा मध्यप्रदेश के आदेश दिनांक 28 अगस्त 1986 रा.प्र.क्र. 233/19/3/85-86 अनुसार खसरा क्र 287,289 कुल रकबा 1.225 हे. भुमि कॉलेज परिसर हेतु हस्तांतरित की गई थी लेकिन किसी कारण इसका राजस्व अभिलेख में नाम दर्ज नही हो सका कोरिया जनसहयोग समिति की ओर से पुष्पेंद्र राजवाड़े एवं जयचन्द सोंपाकर ने भविष्य की महाविद्यालयीन शिक्षण व्यवस्था एवं छात्रहित को देखते हुए एस.पी. कार्यालय भवन को कॉलेज परिसर में न बनाते हुए कही अन्यत्र उपयुक्त स्थान में बनवाने की मांग किया है।

पुलिस अधीक्षक कार्यालय निर्माण के दौरान पर्यावरण को भी पहुंचाया जा रहा नुकसान,पेड़ों को काटने की बजाए उखाड़कर आंधी तूफान से गिरा होना बताए जाने का प्रयास:सूत्र
सूत्रों के अनुसार पुलिस अधीक्षक कार्यालय निर्माण के दौरान पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचाया जा रहा है, महाविद्यालय परिसर की जिस भूमि पर नया भवन बनाया जा रहा है उसमें लगे हरे भरे पेड़ अब बीते दिनों की बात होने जा रहे हैं। पेड़ों को हटाने और पर्यावरण विरोधी न होने दोनों विषय में फिट बैठने के लिए पेड़ों को काटने की बजाए उखाड़ा जा रहा है जिससे किसी समय भी यदि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए जाने की बात सामने आए यह कहा जाए कि आंधी तूफान से पेड़ उखड़ कर खुद गिर गए थे। वैसे पर्यावरण बचाओ अभियान के तहत पेड़ लगाने वाले जिला प्रशासन द्वारा ही यदि पेड़ों की कटाई की या उन्हें उखाड़ने की अनुमति दी जा रही है तो यह चिंताजनक विषय है। पेड़ों को हटाने यह नई तरकीब पहली बार अपनाई जा रही है ऐसा माना जा रहा है। बताया जा रहा है पेड़ों की संख्या कम भी नहीं है यह संख्या बड़ी है और ऐसा किया जाना निश्चित रूप से पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए जाने का मामला है,वैसे प्रशासन जहां खुद की बात आती है ऐसे मामलों में मौन हो जाता है या कोई तरकीब निकाल लेता है और वैसा ही हो भी रहा है पेड़ों को काटने की जगह उखाड़ा जा रहा है।
पुलिस सुरक्षा में तेजी से हो रहा निर्माण कार्य
पुलिस अधीक्षक कार्यालय निर्माण पुलिस सुरक्षा में तेजी से किया जा रहा है,पुलिस निर्माण के दौरान किसी तरह की रुकावट आने से पहले ही निर्माण करने की कोशिश में लगी है और वह निर्माण जल्द पूरा हो जाए इसलिए सुरक्षा के लिए पुलिस भी तैनात कर रखी है,वैसे पुलिस विभाग के किसी निर्माण मामले में कोई सीधे तौर पर निर्माण को नुकसान पहुंचाने या अन्य कोई हिमाकत सोचेगा भी नहीं लेकिन पुलिस अपनी तरफ से सजग और सतर्क होकर इस निर्माण को जल्द पूरा करने के प्रयास में लगी है।
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