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बैकुंठपुर/पटना@इंसानों से परहेज रखने वाले मुख्य नगर पालिका अधिकारी पटना को अब इंसानों की जिम्मेदारी से किया गया मुक्त

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नगर पंचायत पटना के मुख्य नगर पालिका अधिकारी हटाए गए,कलेक्टर कोरिया ने किया जिला कार्यालय में संलग्न
दैनिक घटती घटना की खबर का हुआ असर, इंसानों से दूर भागते हैं अधिकारी शीर्षक की प्रकाशित खबर के बाद हुई कार्यवाही

-रवि सिंह-
बैकुंठपुर/पटना,03 सितंबर 2025 (घटती-घटना)। कोरिया जिले के नवगठित नगर पंचायत के मुख्य नगर पालिका अधिकारी जिन्हें प्रथम अधिकारी नगर अधिकारी होने का गौरव प्राप्त था को नगर पटना की जिम्मेदारी से छुट्टी दे दी गई है और उन्हें इंसानों से दूर अब जिला कार्यालय में संलग्न कर दिया गया है। मुख्य नगर पालिका अधिकारी इंसानों से दूरी बनाकर चलते हैं उन्हें इंसानों में आम इंसान, जनप्रतिनिधि साथ ही उच्च अधिकारी पसंद नहीं उन्हें केवल ठेकेदारों से और सप्लायरों से ही मिलना पसंद है इस आशय की खबर दैनिक घटती-घटना ने प्रकाशित की थी और इस तरह की कई खबर प्रकाशित की थी जिसके बाद यह कार्यवाही कलेक्टर कोरिया ने की है जो कहीं न कहीं दैनिक घटती-घटना की ही खबरों का असर है।
अब नगर पंचायत पटना में मुख्य नगर पालिका अधिकारी के रूप में जिले में हाल ही में स्थानांतरित होकर आए डिप्टी कलेक्टर अंशुल वर्मा जिम्मेदारी निभाते नजर आयेंगे और वह अब नव गठित नगर पंचायत पटना के निवासियों, निर्वाचित जनप्रतिनिधियों सहित अन्य को इंसान जैसा समझेंगे उनसे वह सीधा जुड़ाव स्थापित करेंगे ऐसा नगर के लोगों,जनप्रतिनिधियों सहित अन्य का विश्वास है,नगर से जिला कार्यालय संलग्न किए गए मुख्य नगरपालिका अधिकारी सिकंदर सिदार की कार्यप्रणाली से लोगों को मुक्ति मिली और यह दिन उत्सव स्वरूप लोगों ने मनाया ऐसी खबरें भी सामने आईं। मुख्य नगर पालिका अधिकारी सिकंदर सीदार वैसे तो नवगठित नगर पंचायत पटना के पहले अधिकारी होने का गौरव प्राप्त अधिकारी थे लेकिन उन्होंने खुद को इतना विशेष बनाए रखा कि वह आम लोगों से दूर होते गए और आज ऐसा दिन उन्हें देखने को मिला जब जनता सीधे उनसे दूर खड़ी नजर आ रही है। पहले नगर पंचायत अधिकारी होने का गौरव वह भुना नहीं पाए और आरंभ से ही अपनी जेब भरने में लगे रहे जिसकी शिकायतें भी हुई और उन्हें हटना पड़ा और वह भी ऐसे जब उन्हें विदाई सम्मान भी नहीं मिलना है।
दैनिक घटती-घटना की खबर का ही है यह असर,कलेक्टर कोरिया ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी पटना को किया कार्यालय संलग्न
दैनिक घटती-घटना ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी पटना सिकंदर सिदार की दोषपूर्ण और स्वार्थ पूर्ण कार्यप्रणाली को लेकर लगातार खबरें प्रकाशित की थी,खबरों में यह बताया गया था कि कैसे एक अधिकारी जनता से जनप्रतिनिधियों से परहेज रखता है जबकि वह जनता से सीधा जुड़ाव वाले पद पर आसीन है,जनप्रतिनिधियों का अपमान भ्रष्टाचार जैसी अनगिनत शिकायतों के आधार पर यह खबरें प्रकाशित की गईं थी,खबरों के प्रकाशन का असर देखने को भी मिला और एक ऐसे अधिकारी को तत्काल जिला कार्यालय संलग्न किया गया जिसे इंसानों से ही परेशानी थी। नगर पंचायत पटना के निर्वाचित सत्तापक्ष के जनप्रतिनिधियों की बात हो या विपक्ष के पार्षदों की बात हो सभी सिकंदर सिदार से परेशान थे और उसके हटाए जाने से सभी ने राहत की सांस ली है।
मुख्य नगरपालिका अधिकारी के हटाए जाते ही नगर में बटी मिठाईःसूत्र
मुख्य नगर पालिका अधिकारी पटना को तत्काल प्रभाव से जिला कार्यालय संलग्न किया गया है इस आशय की खबर जैसे ही सामने आई नगर में मिठाई बांटने की खबर सूत्रों ने बतलाई। मिठाई बांटने की खबर से ही समझा जा सकता है कि किस स्तर तक लोग एक अधिकारी से परेशान थे जिसके हटाए जाने की खुशियां मनाई जा रही है। बताया जाता है कि नगर में हर व्यक्ति उत्साहित है क्योंकि यह एक ऐसा अधिकारी था जो इंसानी आहट से ही दूर भाग जाया करता था।
शिकायत पर गठित जांचदल से भी दो बार भाग चुके थे मुख्य नगर पालिका अधिकारी
मुख्य नगरपालिका अधिकारी की स्वीक्षाचारिता पूर्ण कार्यप्रणाली की शिकायत कलेक्टर कोरिया से की गई थी,कलेक्टर कोरिया ने उक्त संबद्ध में जांच दल का गठन किया था। जांच दल दो बार जांच के लिए नगर पहुंचा था लेकिन बताया जाता है कि दोनों ही बार साहब पीछे के दरवाजे से भाग जाया करते थे। बताया जाता है कि इंसानी आहट का ध्यान रखने और उसकी सूचना देने के लिए उन्होंने एक सिपाही अपना तैनात किया हुआ था जो किसी भी आहट से अवगत कराया करता था और साहब पिछले दरवाजे से भाग जाया करते थे।
जांच हुई तो बहुत बड़े भ्रष्टाचार से उठेगा पर्दा
मुख्य नगरपालिका अधिकारी या प्रथम नगर पालिका अधिकारी पटना के अब तक के कार्यकाल की यदि जांच पटना सम्बंध में की जाए तो यह तय है कि बहुत बड़े भ्रष्टाचार से पर्दा उठ जाएगा। नगर में पदस्थ होते ही साहब ने केवल अपनी जेब गर्म की और कभी अलाव जलाया कभी टेंट पंडाल लगाया कभी मंत्री विधायक के नाम से पैसा निकाला ऐसे कई मामले उजागर होंगे जो बहुत बड़े भ्रष्टाचार को सामने लाने कारगर होंगे।


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