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कोरिया@असिस्टेंट प्रोफेसर बेचूलाल सोनवानी को महाविद्यालय का काम करने के लिए भेजा गया है या फिर अखिलेश चंद्र गुप्ता व प्रीति गुप्ता का काम करने के लिए?

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-रवि सिंह-
कोरिया,31 अगस्त 2025 (घटती-घटना)।
आजकल कोरिया जिले के अग्रणी महाविद्यालय के सेवानिवृत्त प्राचार्य कोरिया जिले के एक अन्य महाविद्यालय का संचालन खुद कर रहे हैं, यह महाविद्यालय है नवीन महाविद्यालय पोड़ी बचरा, यहां के असिस्टेंट प्रोफेसर भी उन्हीं के लिए लगता है नियुक्त हैं और उन्हीं के प्रति उनकी जवाबदेही नजर भी आ रही है,असिस्टेंट प्रोफेसर बेचूलाल सोनवानी को उच्च शिक्षा विभाग के नियम को पालन करने की जरूरत नहीं है ऐसा लगने लगा है,क्योंकि उनके पास इतनी ऊंची पहुंच पकड़ है कि वह एक तरफ जुगाड़ से जनकपुर छोड़ कोरिया के पोड़ी बचरा में संलग्न हैं जो कहीं न कहीं सेवानिवृत्त प्रभारी प्राचार्य अग्रणी महाविद्यालय की ही देन है, और बेचूलाल सोनवानी इसी सुविधा जो उन्हें अग्रणी महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य रहे अखिलेश चंद्र गुप्ता ने दी है उसका फायदा भी उठा रहे है,वह 35 किलोमीटर दूर बैकुंठपुर में रहते हैं जबकि नियम है कि महाविद्यालय के 8 किलोमीटर के दायरे में ही उन्हें रहना है पर यह 35 किलोमीटर दूर महाविद्यालय से रहते हैं और जब मन करता है महाविद्यालय जाते हैं और नहीं मन करता है तो नहीं जाते हैं यह 80 हजार की वेतन अपने मनमर्जी चलाने के लिए उठा रहे हैं क्या? बेचूलाल सोनवानी इस समय असिस्टेंट प्रोफेसर शासन से 80 हजार का वेतन तो उठा रहे हैं पर काम पूर्व सेवानिवृत्ति प्रभारी प्राचार्य अखिलेश चंद्र गुप्ता व उनकी पत्नी का कर रहे हैं। महाविद्यालय का काम निजी दुकान में बैठकर करती हुई उनकी तस्वीर भी सामने आई है इसमें यह भी बताया जा रहा है कि जो व्यक्ति सेवानिवृत्त हो चुका है उस व्यक्ति के मार्गदर्शन में बेचूलाल सोनवानी अतिथि शिक्षक की भर्ती की सूची बनवाते नजर आए। यह भर्ती पोड़ी बचरा महाविद्यालय के लिए अतिथि शिक्षकों की भर्ती है जो पोड़ी बचरा का विषय है जो मुख्यालय के एक निजी कंप्यूटर संस्थान से की जा रही है। जबकि भर्ती का विषय गोपनीयता का होता है जो कहीं न कहीं भंग हो रहा है।
अव्यवस्था के कारण छात्र हो रहे महाविद्यालय से दूर
पोड़ी बचरा के छात्र अब अव्यवस्थाओं के कारण महाविद्यालय से दूर होते जा रहे हैं,वह लगातार टीसी लेने इक्षा जाहिर कर रहे हैं,वर्तमान में बी.कॉम प्रथम सेमेस्टर में- 02, तृतीय सेमेस्टर में- 05, बी.कॉम. अन्तिम वर्ष में 7 छात्र प्रवेश लिए है। बी.कॉम में पूर्व वर्ष में रिजल्ट काफी खराब आने व सफाई व्यवस्था, बाथरूम न होने के कारण छात्र यहां से टीसी कटा कर अन्यत्र महाविद्यालय में प्रवेश ले रहे है। डॉ. गुप्ता एवं उनकी पत्नी प्रीति गुप्ता के निजी कार्यों के लिए बेचूलाल सोनवानी को शासन द्वारा लगभग 80 हजार प्रतिमाह भुगतान किया जा रहा है। जो कि शासकीय कार्य न करके निजी कार्य कर रहे है। महाविद्यालय के रिजल्ट से ही पता चलता है कि इनके द्वारा सही अध्यापन कार्य नहीं कराया जा रहा है।
शासकीय कर्मचारियों को मुख्यालय के 8 किमी के दायरे में करना होता है निवास
शासन के नियमानुसार कार्य स्थल से 8 कि.मी. अन्दर ही कर्मचारी को रहना चाहिए लेकिन नियम को ठेंगा दिखाकर दबंगई के साथ बेचूलाल सोनवानी मुख्यालय से दूर बैकुण्ठपुर में लगभग 35 कि.मी. दूर निवास करते हैं वहीं वह कभी कभी आना जाना करते है महाविद्यालय से। बैकुण्ठपुर महाविद्यालय में ही लगभग दिखते है,पोड़ी बचरा के प्रभारी प्राचार्य के साथ बैकुण्ठपुर महाविद्यालय में ही निजी कार्य करते दिखते है। बाजार में जाकर टाईप कराना, दूध दही घर पहुंचाना जैसे कार्य करते है बेचूलाल सोनवानी ऐसी खबरें सूत्रों से प्राप्त हुई हैं,एक सहायक प्राध्यापक का प्रभारी प्राचार्य के लिए इतना समर्पित होना कहीं न कहीं वह कृतज्ञता उनकी दिखाता है जो उन्हें संलग्न करने घर के समीप वाली कृतज्ञता है जिससे उन्हें 150 किमी का सफर तय नहीं करना पड़ रहा है। पोड़ी बचरा महाविद्यालय की प्रभारी प्राचार्य एवं बेचूलाल सोनवानी द्वारा 35 कि.मी. दूर से ही महाविद्यालय का संचालित किया जाता है। महाविद्यालय में अनिवार्य सुविधाओं का भी अभाव है वहीं छात्र महाविद्यालय छोड़कर अन्यत्र जाने मन बना रहे हैं वहीं प्रभारी प्राचार्य और सहायक प्राध्यापक बेचू लाल सोनवानी अपनी सुविधाओं के अनुसार महाविद्यालय आ जा रहे हैं और ज्यादातर बैकुंठपुर से ही वह महाविद्यालय का संचालन कर रहे हैं।
लोगों को छोटे से छोटे काम के लिए बैकुंठपुर आना पड़ता है महाविद्यालय से जुड़े कार्यों के लिए,जिम्मेदारों का नहीं मिलना है वजह…
पोड़ी बचरा महाविद्यालय में यदि कोई काम है किसी को तो उसे बैकुंठपुर आना होगा यह तय है,यदि कोई डाक देना हो अथवा कोई सूचना का अधिकार किसी को लगाना हो तो पोड़ी बचरा में कोई जिम्मेदार व्यक्ति के न होने के कारण उसे बैकुण्ठपुर महाविद्यालय आना पड़ता है। सूचना के अधिकार का शुल्क जमा करने के लिए जब पोड़ी बचरा महाविद्यालय पहुंचकर बेचूलाल सोनवानी को एक डाक रिसीव करने के लिए फोन किया गया, तो उनके द्वारा कहा गया कि- बैकुण्ठपुर महाविद्यालय आकर डॉ. प्रीति गुप्ता प्राचार्य को डाक दे दीजिए।
बेचुलाल सोनवानी जनकपुर से पोड़ी बचरा संलग्न हुए अखिलेश चंद्र गुप्ता की मदद से
बेचूलाल सोनवानी की पदस्थापना एमसीबी जिले के जनकपुर में है, डॉ. अखिलेश चंद्र गुप्ता एवं प्रीति गुप्ता की ऊंची पहुंच के कारण अपने कार्य में सहयोग के लिए पोड़ी बचरा के नाम पर कार्य कर रहे है। बैकुण्ठपुर में रहकर पूरी सेवा प्रीति गुप्ता एवं अखिलेश चंद्र गुप्ता को दे रहे है ऐसी बातें सूत्रों से ज्ञात हुई हैं। 150 किमी पहले जाना होता था बेचुलाल सोनवानी को अब उन्हें केवल 35 किमी जाना पड़ता है और इसलिए ही बताया जा रहा है कि वह महाविद्यालय की प्रभारी प्राचार्य जो सेवानिवृत्त प्राचार्य की पत्नी हैं के लिए हर सहयोग करने तैयार हैं जिसमें वह घर की जरूरतों के सामान भी पहुंचाते नजर आ जाते हैं।


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