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कोरिया@पुरस्कार व सम्मान महेश मिश्रा घर को भर दिया

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कोरिया,31 अगस्त 2025 (घटती-घटना)। कोरिया जिले के नगर सेना में पदस्थ लांस नायक डॉक्टर महेश मिश्रा क्षेत्र के लिए एक गौरव साबित होते जा रहे हैं, अपने उत्कृष्ट कार्यो से अपनी एक अलग पहचान बनाया है, इनकी कार्यशैली ऐसी है कि विभिन्न मंचों पर इन्हें सम्मानित किया जाता है,यही वजह है कि उनके कार्य की वजह से लोग इन्हें मंचों पर हमेशा सम्मान देते हैं, जिस कारण महेश मिश्रा का घर प्रशस्ति पत्र व प्रतीक चिन्ह से भर गया है, जहां इन्हें सामाजिक संस्थाओं के मंचों पर सम्मान मिलता है तो वही 15 अगस्त 26 जनवरी जैसे मौको पर उत्कृष्ट कार्य के लिए अपने प्रशासन के हाथों भी सम्मानित होते हैं, अपने उत्कृष्ट कार्य के लिए कई बार राष्ट्रीय पर्व पर सम्मानित हुए हैं, हाल ही में उन्हें इस स्वतंत्रता दिवस पर सर्वोच्च राष्ट्रपति सम्मान से पुरस्कृत किया गया, यह पुरस्कार उन्हें रायपुर में दिया गया पुरस्कार मिले 15 दिन बीत चुके हैं पर बधाई देने वालों का तांता अभी तक लगा हुआ है, उनके घर पहुंच कर लगातार बधाई संदेश देने की तस्वीर सामने आ रही है अभी तक उन्हें प्रशासनिक अधिकारी से लेकर शासकीय कर्मचारी जनप्रतिनिधि सहित क्षेत्र के लोग लगातार उनके घर पहुंच कर उन्हें इस उपलब्धि के लिए सम्मानित कर रहे हैं और उन्हें बधाई दे रहे हैं।
कोरिया जिले के रियल हीरो से उनके निवास में जाकर मिले आकार स्कूल के बच्चे
सर्वोच्च राष्ट्रपति सम्मान से पुरस्कृत डॉ महेश मिश्रा को शाल श्रीफल भेंट कर आकार पब्लिक स्कूल के शिक्षकों दिया सम्मान। नागरिक सुरक्षा के लिये देश के सर्वोच्च राष्ट्र्रपति सम्मान से पुरस्कृत डॉ महेश मिश्रा को आज उनके निवास पहुंचकर आकार पब्लिक स्कूल परिवार की ओर से बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की। यातायात विभाग में कार्य करते हुए लांस नायक महेश मिश्रा लगातार यातायात संबंधी जागरूकता में सक्रिय रूप से सहभागिता रही। सामाजिक कार्य के साथ सामाजिक हित में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों के साथ समाज में सजग नागरिकता का दायित्व का निर्वहन करते है। बता दे कि उनके इसी निष्ठापूर्वक कार्य से उन्हें सैकड़ों विभिन्न पुरस्कारों से नवाजा गया है। कोरिया जिले के साथ पूरे प्रदेश में इनके कार्य की खूब प्रशंसा किया जाता है। इनके इसी निष्ठा को देखते हुए राजधानी में स्वतंत्र दिवस के दिन मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा सर्वोच्च राष्ट्रपति सम्मान देकर नवाजा गया है।
एक गांव से सफर राष्ट्रपति पुरस्कार तक
आकार पब्लिक स्कूल के स्कूल के बच्चों समेत शिक्षिकाओं को उत्साहित करते हुए श्री मिश्रा ने अपने जीवन के बारे में बच्चों को बताया और एक छोटे से गांव से कैसे राष्ट्रपति पुरस्कार के लिए सम्मानित हुए बच्चों से हंसी मजाक करते हुए अपने पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने की बात कही। वहीं शिक्षकों को अपने जवाबदारी से अवगत करते हुए बताया कि वह कैसे कार्य कर रहे महत्वपूर्ण नहीं पर किसी संस्था से जुड़ने के बात उनकी जवाबदेही बनती है कि बच्चों के चहुमुखी विकाश के लिए सदैव प्रयत्नशील रहे। श्री मिश्रा के सम्मान देने में आशीष सोनी, श्रेया दुबे, श्वेता विश्वकर्मा, इरफा सिद्दकी, आफरीन परवीन, तबस्सुम के साथ स्कूल के बच्चों की उपस्थिति रही।
महेश मिश्रा को सिर्फ सम्मान की चाह है
एक व्यक्ति के लिए सम्मान के साथ सर उठाकर जीना उसकी जिंदगी का सबसे बड़ा गौरव लक्ष्य होता है जिसे जीने की इच्छा हर एक अच्छे इंसान में होता है, कुछ ऐसे ही इंसान है महेश मिश्रा जो सम्मान पाने के लिए भूखे हैं, यही वजह है कि वह अपने जीवन को लोगों की सेवा के साथ लक्ष्य पर बढ़ाना चाह रहे हैं,अपने उत्कृष्ट कार्यो व ऊंची सोच से एक अलग ही पहचान बन चुके हैं,यही वजह है कि हर मंच उन्हें सम्मान के साथ याद करता है बुलाता है और उनके बिना मंच अधूरा है ऐसी स्थिति भी कई बार निर्मित हो जाती है, समाजसेवी से लेकर तमाम संस्थाएं महेश मिश्रा को मंच पर बुलाते हैं और उनके उत्कृष्ट कार्यो के लिए उन्हें सम्मानित करते हैं उनके सम्मान की गिनती यदि की जाए तो शायद कम पड़ जाएगी, उनके घर पर पहुंचने से यह पता चलता है कि उनका घर उन्हें मिलने वाले सम्मान के प्रतीक चिन्ह व प्रशस्ति पत्र से भरा हुआ है, लोग जाते हैं तो उसकी गिनती तो शुरू करते हैं पर गिन नहीं पाते हैं आज उनके उत्कृष्ट कार्य ही उन्हें जिले में एक अलग पहचान दे दी है यही वजह है कि महेश मिश्रा किसी पहचान के अब मोहताज नहीं है।


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