- एक वरिष्ठ भाजपा पार्षद को नगर पंचायत कार्यालय में किया था अपमानित-सूत्र
- अध्यक्ष उपाध्यक्ष का मामले में मौन रहना भी सवालों के घेरे में,क्या उनकी है सहमति?
-रवि सिंह-
कोरिया/पटना,24 अगस्त 2025 (घटती-घटना)। कोरिया जिले का नवगठित नगर पंचायत पटना गठन के बाद से ही लगातार सुर्खियों में है और ऐसा केवल यहां पदस्थ मुख्य नगर पालिका अधिकारी के कारण कहा जा रहा है जो लगातार अपनी मनमानियां कर रहे हैं और वह आम लोगों से भी दूरी बनाकर चल रहे हैं साथ ही वह निर्वाचित नगर पंचायत के जनप्रतिनिधियों को भी अपमानित करने से बाज नहीं आ रहे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मुख्य नगर पालिका अधिकारी पटना के द्वारा हाल ही में एक वरिष्ठ पार्षद का अपमान कार्यालय में किया गया और उन्हें अपने कक्ष से बाहर निकाल दिया गया था।
बताया जा रहा है कि भाजपा के सबसे उम्रदराज पार्षद के साथ यह घटना हुई थी और उन्होंने मामले में अध्यक्ष सहित उपाध्यक्ष से बात भी की थी लेकिन अध्यक्ष उपाध्यक्ष भी मामले में मौन हो गए। भाजपा के वरिष्ठ पार्षद के साथ हुई अभद्रता की घटना आजकल चर्चा का विषय है और बताया जा रहा है कि ऐसा अमूमन हर पार्षद के साथ मुख्य नगर पालिका अधिकारी का व्यवहार है और वह निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के लिए चुनौती बनकर काम कर रहे हैं।
वैसे सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या मुख्य नगर पालिका अधिकारी पटना इतने पहुंच पकड़ वाले हैं कि वह किसी भी निर्वाचित जनप्रतिनिधि का अपमान करने का माद्दा रखते हैं और उन्हें विश्वास है कि उनके विरुद्ध कोई खड़ा नहीं होगा और न ही उन्हें कोई हटा सकेगा। पटना नगर पंचायत के मुख्य नगर पालिका अधिकारी नगर लोगों को वैसे भी हीन भाव से देखते हैं उनसे दुर्व्यवहार वह प्रायः करते हैं अब उनकी हिम्मत इतनी बढ़ गई है कि वह जनप्रतिनिधियों को भी अब हाशिए पर रखकर चल रहे हैं और उन्हें अपमानित करने से भी बाज नहीं आ रहे हैं। पटना नगर पंचायत आरम्भ से माना जाए तो तानाशाही व्यवस्था के जद में आ चुका है जो जन चर्चाओं के अनुसार कहा जा सकता है,नगर के अध्यक्ष उपाध्यक्ष क्यों मौन हैं क्यों वह मामले में मुख्य नगर पालिका अधिकारी को बेहतर सीख नहीं दे पा रहे हैं निर्वाचित जनप्रतिनिधियों सहित आम लोगों से व्यवहार विषय में यह बड़ा सवाल है। मुख्य नगर पालिका अधिकारी को लेकर बताया जाता है कि वह अपने कक्ष में केवल ठेकेदारों से ही मिलना पसंद करते हैं आम लोग या निर्वाचित परिषद के जनप्रतिनिधियों के लिए उनके कक्ष के दरवाजे बंद ही रहते हैं। नगर के गठन और नव निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को काफी उत्साह था कि वह अपने नगर को अपने वॉर्ड को सुंदर स्वच्छ और सर्वसुविधायुक्त बनाएंगे वहीं मुख्य नगर पालिका अधिकारी पटना सभी की अपेक्षाओं को नाकाम कर रहे हैं। जिस वरिष्ठ भाजपा पार्षद का अपमान हुआ मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने अपमानित किया बताया जाता है कि वह एक निर्माण की गुणवत्ता की शिकायत के लिए ही पहुंचे थे और उस दौरान कुछ ठेकेदार अंदर अधिकारी के कक्ष में बैठे भी थे जिस दौरान ही उन्हें अपमानित किया अधिकारी द्वारा। वरिष्ठ भाजपा पार्षद अपमानित होने उपरांत काफी उदास हैं ऐसा भी बताया जा रहा है वह अधिकारी से भी नाराज हैं साथ ही वह अपने ही दल के अध्यक्ष उपाध्यक्ष से भी नाराज हैं जिन्होंने भी उनके मामले में कोई खुली प्रतिक्रिया अधिकारी के विरुद्ध सार्वजनिक रूप से नहीं दी है। मुख्य नगर पालिका अधिकारी पटना को लेकर अंदर ही अंदर आक्रोश पनप रहा है जो आम लोगों सहित पार्षदों का आक्रोश है। नगर पंचायत में मुख्य नगर पालिका अधिकारी केवल अपने निर्णय से ही चलने का नाम से प्रसिद्ध हैं,अब देखना है कि क्या मामले में अध्यक्ष उपाध्यक्ष वरिष्ठ पार्षद का साथ देते हैं या नहीं,वैसे बताया जा रहा है कि वरिष्ठ पार्षद पूरे मामले में पुलिस से भी शिकायत के लिए प्रयासरत थे जबकि ऐसा निर्णय नहीं लेने के लिए उनके ऊपर दबाव भी बनाया गया ऐसी सूचना है।
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