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बैकुंठपुर/पोंडी बचरा@ऐसी प्रभारी प्राचार्य जो स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भी अपने महाविद्यालय ध्वजारोहण में नहीं पहुंची…

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-जिला प्रतिनिधि-
बैकुंठपुर/पोंडी बचरा, 16 अगस्त 2025 (घटती-घटना)। कोरिया जिले के पोड़ी बचरा शासकीय महाविद्यालय से एक तस्वीर सामने आई है जिसमें यह देखने को मिल रहा है कि वहां स्वतंत्रता दिवस के 79 वें अवसर पर आयोजित ध्वजारोहण कार्यक्रम में महाविद्यालय की प्रभारी प्राचार्य अनुपस्थित हैं और ध्वजारोहण वहां के सहायक प्राध्यापक कर रहे हैं और वहीं वहां स्वतंत्रता दिवस के दिन प्रभारी हैं, महाविद्यालय की प्रभारी प्राचार्य प्रीति गुप्ता इस दिन अग्रणी महाविद्यालय में उपस्थिति दर्ज करती नजर आ रही हैं और अग्रणी महाविद्यालय के ध्वजारोहण कार्यक्रम में वह शामिल रहती हैं। तस्वीर दोनों ही महाविद्यालय से सामने आई है और दोनों ही महाविद्यालय की स्वतंत्रता दिवस अवसर की सच्चाई सामने नजर आ रही है। नियमानुसार किसी भी शासकीय संस्था के प्रमुख को स्वतंत्रता दिवस या गणतंत्र दिवस के दिन अपने प्रभार की संस्था में उपस्थित रहना है और ऐसा प्रीति गुप्ता प्रभारी प्राचार्य शासकीय महाविद्यालय पोंडी बचरा के मामले में नजर नहीं आया। अब सवाल यह उठता है कि यदि वह शासकीय पर्व अवसर पर यदि अपने प्रभार वाले संस्था तक जाने में कठिनाई महसूस कर रही हैं तो उन्होंने प्रभार क्यों लिया,उन्हें यदि आने जाने में दिक्कत है वह अग्रणी महाविद्यालय में ही क्यों नहीं प्राध्यापक बतौर काम कर रही हैं?
प्रभारी प्राचार्य पोड़ी बचरा प्रीति गुप्ता के विषय में यह बताया जाता है कि पहले वह अग्रणी महाविद्यालय के प्रभार की उम्मीद लगाए बैठी थीं जब वहां के प्राचार्य सेवानिवृत हुए थे लेकिन उन्हें वहां मौका नहीं मिला और वह पोड़ी बचरा में प्रभारी प्राचार्य बनकर रह गईं,अग्रणी महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य पद के लिए उनके प्रयास जब असफल हुए तब अब वह पोड़ी बचरा केवल नाम के लिए जाना आना करती हैं और ज्यादातर वहां का पूरा जिम्मा एक लिपिक द्वारा सम्हाला जाता है जो उनका विश्वासपात्र है। स्वतंत्रता दिवस के दिन ध्वजारोहण के लिए अपने प्रभार वही संस्था न जाकर अग्रणी महाविद्यालय में उपस्थिति दर्ज करने के पीछे की वजह केवल यह बताई जा रही है कि जिससे वह शासकीय आयोजन के बहिष्कार मामले से खुद को बचा सकें। वैसे सवाल तो यह है कि जब वह पोड़ी बचरा आना जाना नहीं कर सकती तो क्यों उन्होंने प्रभार वहां का ले रखा है, क्या केवल खरीदी और शासन से प्राप्त राशि के व्यय तक की ही जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रीति गुप्ता प्रभारी प्राचार्य हैं, शेष अन्य मामलों के लिए उन्होंने एक लिपिक को जिम्मा दे रखा है। प्रीति गुप्ता का घर बैकुंठपुर जिला मुख्यालय में स्थित है और यहीं से वह आना जाना करती हैं चूंकि पोड़ी बचरा बैकुंठपुर से काफी दूर है इसलिए वह प्रतिदिन आना जाना करती हैं इसमें संदेह है और यह संदेह तब और अधिक बढ़ जाता है जब वह स्वतंत्रता दिवस के दिन भी महाविद्यालय नहीं पहुंचती हैं। वैसे यदि किसी लिपिक के भरोसे ही महाविद्यालय का संचालन होना है तो फिर प्रभारी प्राचार्य जैसी नियुक्त ही क्यों की गई है? लिपिक को ही ऐसे में जिम्मा दे दिया जाना चाहिए की वह आहरण भी करे और संवितरण भी कर लिया करे। वैसे पोड़ी बचरा महाविद्यालय में सहायक प्राध्यापक भी मौजूद हैं और यदि प्रीति गुप्ता महाविद्यालय आने जाने में कठिनाई महसूस कर रही हैं तो उनकी जगह किसी सहायक प्राध्यापक को यह जिम्मा दिया जा सकता है और प्रीति गुप्ता को पुरवत पुनः अग्रणी महाविद्यालय भेजकर शैक्षणिक कार्य कराया जा सकता है।


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