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एमसीबी@विश्व आदिवासी दिवस पर सर्व आदिवासी समाज का भव्य आयोजन

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मनेंद्रगढ़ नगर में रैली…सांस्कृतिक कार्यक्रम और समाजहित के संदेश गूँजे

एमसीबी,11 अगस्त 2025 (घटती-घटना)। सर्व आदिवासी समाज,जिला एमसीबी के तत्वावधान में आज विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह साईं मंदिर, सिविल लाइन से हुई,जहाँ समस्त सामाजिक बंधुओं ने मंदिर में पूजा-अर्चना की। पूजा उपरांत, नगर के चौक-चौराहों और मुख्य बाजार से गुजरते हुए भव्य रैली का आयोजन किया गया, जो कार्यक्रम स्थल तक पहुँची। मुख्य अतिथि पूर्व विधायक गुलाब कमरों, विशिष्ट अतिथि पूर्व जनपद अध्यक्ष डॉ. विनय शंकर सिंह, डॉ. एस. एस. सिंह,कांग्रेस जिला अध्यक्ष अमोल सिंह मरावी,विधायक प्रतिनिधि सरजू यादव श्रीमती अनीता सिंह (जिपं सदस्य),श्रीमती ममता सिंह (जिपं सदस्य),भगत बाबू,जानकी देवी कुसरो (अध्यक्ष जनपं.),सरपंच सोनू सिंह सहित कई जनप्रतिनिधियों ने कार्यक्रम में भाग लिया। गोंड समाज- दल प्रताप कुर्रे,उरांव समाज-सीताराम भगत, कोड़ाकू समाज-शंकर कोड़ाकू, अगरिया समाज-मंगलराम, कंवर समाज -भुनेश्वर सिंह, कोल समाज-राजाराम कोल,धुर्वे समाज-रामाधार धुर्वे, पाव समाज-दलबीर सिंह,बैग समाज- रामप्रसाद,भैना समाज-सुखनंदन सिंह, खैरवार समाज-भगवान सिंह,धनुहारे समाज-बुद्धलाल,पण्डो समाज-सोने साय पांडे, पढ़ारी समाज-गुलाब सिंह, विशेष सहयोग डॉ. विनय शंकर सिंह, अमोल सिंह मरावी,संतोष सिंह कमरों, महेंद्र सिंह, भवन सिंह,ब्रह्मा सिंह,मोती सिंह, देवन सिंह,नाभाग सिंह,किरण लकड़ा, रघुवर सिंह,श्रीमती कौशल्या सिंह, ललिता पाव,भागवत सिंह मरावी, रामप्रसाद सिंह शांडिल्य,सुजीत सिंह पोया, आनंद भगत, जगरनाथ,अमर सिंह, शिवरतन और रामलाल का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम के अंत में पुरस्कार वितरण और आभार प्रकट किया गया कार्यक्रम का समापन समाज के विकास और एकजुटता के संकल्प के साथ हुआ।

दीप प्रज्वलन और अतिथियों का सम्मान
कार्यक्रम के शुभारंभ में समाज और देश के महापुरुषों की प्रतिमाओं के समक्ष दीप प्रज्वलन किया गया। इसके पश्चात मंच पर विराजमान मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों का पुष्पगुच्छ और गुलाब कमरों से स्वागत किया गया।
सांस्कृतिक प्रस्तुति और संदेश
बच्चों और महिलाओं द्वारा पारंपरिक नृत्य, सांस्कृतिक गीत एवं समाजहित से जुड़े संदेश प्रस्तुत किए गए। इन प्रस्तुतियों में जल, जंगल और जमीन की रक्षा का महत्व विशेष रूप से रेखांकित किया गया।
जल जंगल जमीन को है बचाना : विनय शंकर सिंह
डॉ. विनय शंकर ने अपने संबोधन में कहा हमें जल,जंगल,जमीन को बचाना है। केते-परसा कोल लॉक के चलते हमारे जंगल कट रहे हैं। हमें अपने हक को जानना और समाज में एकजुट रहना आवश्यक है। पढ़-लिखकर हमें समाज से दूर नहीं होना चाहिए,बल्कि समाज के विकास में योगदान देना चाहिए।
हमे संविधान से मिले अधिकारो को समझना होगा
मुख्य अतिथि पूर्व विधायक गुलाब कमरों ने कहा कि हमें अपने अधिकारों को समझना होगा,हमें संविधान से जो अधिकार मिले है उसके कारण मैं विधायक रहा हूँ और उसी अधिकार से अन्य जनप्रतिनिधि भी है। आदिवासी समाज का नारा है जल जंगल जमीन हमारा है यथार्थ करना होगा, जंगल से लाखों रुपए की लकडि़यां चोरी हो रही, सरकार और अधिकारियों के मिली भगत से पूरा जंगल साफ हो रहा है,हमें अपने-अपने क्षेत्र में जंगलों की निगरानी करना है काटने से बचाना है जंगल नहीं रहेंगे तो हम कैसे जिएंगे?
समाज तरक्की करे और आगे बढ़े : सरजू यादव
मेरा बचपन आदिवासी समाज के साथ बीता है। समय के साथ समाज की स्थिति में बहुत सुधार हुआ है। आज हमारे मुख्यमंत्री और राष्ट्रपति भी आदिवासी समाज से हैं,जो गर्व की बात है। मैं चाहता हूँ कि समाज और आगे बढ़े और तरक्की करे। सामाजिक बुराइयों को खत्म करना है-इसी दौरान रामनरेश पटेल ने आदिवासी समाज के महापुरुषों को याद किया और नमन किया, यह दिन हमारे लिए हर्ष का दिन है, आदिवासी दिवस इस लिए मनाया जाता है कि यह दिन हमारी प्राचीन सभ्यता और अपने अधिकारों के बारे में जानने का दिन है,उन्होंने कहा कि बाबा साहब के बदौलत हमें इस देश में वोट का अधिकार मिला और संविधान में आरक्षण मिला। हमारे समाज के लोग जो पीछे है उन्हें आगे लाने का संकल्प लेना है। हम यदि अपने अधिकारों को समझना है। इसके साथ ही हमें अपनी सामाजिक बुराइयों को खत्म करना है, और अपने अन्य साथियों को आगे बढ़ाना है। सर्व आदिवासी सामाज के जिला अध्यक्ष शरण सिंह ने कहा कि हमें समाज को आगे बढ़ाना है समाज की बैठकों और कार्यक्रमों में आना जरूरी है, इन बैठकों और कार्यक्रमों में हमें समाज के अधिकार और अपने कर्तव्यों के बारे में जानकारी मिलती है। हमें संगठित रहना होगा और अपने संगठित भाव रखना होगा


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