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रायपुर/बस्तर/जगदलपुर,@मुख्यमंत्री की मंशा के अनुसार बस्तर को स्वास्थ्य क्षेत्र में बनाना है अग्रणी क्षेत्रःस्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल

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-न्यूज डेस्क-
रायपुर/बस्तर/जगदलपुर, 06 अगस्त 2025 (घटती-घटना)। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मंगलवार को बस्तर संभाग के पांच जिलों के तीन दिवसीय दौरे की शुरुआत की। दौरे की शुरुआत कोंडागांव जिले से हुई, जिसके बाद कांकेर होते हुए मंत्री श्री जायसवाल जगदलपुर पहुंचे। यहाँ उन्होंने डिमरापाल स्थित मेडिकल कॉलेज,सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और जिला अस्पताल का निरीक्षण कर मरीजों, उनके परिजनों, चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों से मुलाकात की और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति की समीक्षा की।
ज्ञात हो की 1 जनवरी 2024 से 16 जून 2025 तक केवल बस्तर संभाग में ही कुल 130 स्वास्थ्य संस्थाओं को एनक्यूएएस के अंतर्गत गुणवत्ता प्रमाणन प्राप्त हुआ है,जिनमें 1 जिला अस्पताल, 16 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 113 उप-स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, 65 अन्य संस्थाओं का प्रमाणीकरण कार्य प्रक्रियाधीन है। खास बात यह है कि नक्सल प्रभावित जिलों कांकेर, बीजापुर, सुकमा और दंतेवाड़ा के 14 संस्थानों को भी गुणवत्ता प्रमाणपत्र प्रदान किया गया है,जो चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। बस्तर संभाग में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक व्यापक बनाने के उद्देश्य से नियद नेल्लानाड योजना अंतर्गत आयुष्मान कार्ड के कवरेज को भी गति दी जा रही है। योजना के अंतर्गत बस्तर संभाग में मात्र एक वर्ष में ही 36,231 आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। अब तक 52.6 प्रतिशत कवरेज हो चुका है, और 6,816 हितग्राहियों को 8 करोड़ 22 लाख रुपये की चिकित्सा सहायता का लाभ मिल चुका है। इस सुगठित व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए सरकार ने पिछले डेढ़ वर्षों में बस्तर संभाग में 33 मेडिकल स्पेशलिस्ट,117 मेडिकल ऑफिसर और 1 डेंटल सर्जन की नियुक्ति की है। इसके अतिरिक्त राज्य स्तर से 75 और जिला स्तर से 307 स्टाफ व प्रबंधकीय पदों पर भर्ती पूरी की गई है, जबकि 291 पदों पर भर्ती प्रक्रिया प्रगति पर है। यह नियुक्तियाँ न केवल सेवाओं की पहुंच को सशक्त बना रही हैं, बल्कि गुणवत्ता और दक्षता में भी उल्लेखनीय बढ़ोत्तरी कर रही हैं।
130 संस्थानों को मिला एनकरेज सर्टिफिकेट,बस्तर के लिए गौरव का क्षण
मंत्री श्री जायसवाल ने इस अवसर पर यह भी जानकारी दी कि बस्तर संभाग के 130 स्वास्थ्य संस्थानों को भारत सरकार की एजेंसी द्वारा गुणवत्ता प्रमाणीकरण (एनक्यूएएस सर्टिफिकेट) प्रदान किया गया है। उन्होंने इसे बस्तर के लिए स्वर्णिम समय बताया। उन्होंने कहा कि यह वही बस्तर है जिसे कभी नक्सल प्रभावित क्षेत्र के रूप में जाना जाता था, जहां विकास की कल्पना भी कठिन थी। आज इन क्षेत्रों के अस्पतालों को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिलना एक बड़ी उपलçध है और यह सब मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी के नेतृत्व में संभव हो पाया है।
चिकित्सकों और स्टाफ की नियुक्ति में बड़ी प्रगति
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि जो चिकित्सक पद रिक्त थे, उन्हें भर दिया गया है। अब तक 800 चिकित्सकों की नियुक्ति की जा चुकी है। मंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि छत्तीसगढ़ के किसी भी अस्पताल में अब एमबीबीएस डॉक्टर का एक भी पद खाली नहीं है। उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि वर्तमान में मेडिकल कालेजों के लिए 125 सहायक प्राध्यापक और राज्य में 610 नर्सों की भर्ती के लिए प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार हेल्थ सेक्टर में मानव संसाधन, उपकरण और इंफ्रास्ट्रख्र के स्तर पर गंभीरता से कार्य कर रही है।
सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल जल्द होगा शुरू
जगदलपुर में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बताया कि बस्तर क्षेत्र के सबसे बड़े सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का कार्य पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि यह अस्पताल आने वाले कुछ महीनों के भीतर आमजन के लिए प्रारंभ कर दी जाएगी। इस अस्पताल के संचालन के लिए देश के प्रतिष्ठित कॉण्टिनेंटल ग्रुप के साथ एमओयू किया गया है। जायसवाल ने कहा कि अस्पताल प्रारंभ होने के बाद अब बस्तर से मरीजों को एयरलिफ्ट या एम्बुलेंस के माध्यम से बाहर नहीं ले जाना पड़ेगा। सभी आवश्यक सर्जरी और इलाज की सुविधा यहीं मिलेगी। जगदलपुर के महारानी अस्पताल का हवाला देते हुए मंत्री ने कहा कि मात्र डेढ़ साल में इसमें अभूतपूर्व सुधार हुआ है और इसे और बेहतर किया जाएगा।
मलेरिया और डायरिया पर नियंत्रण को लेकर सरकार गंभीर
बस्तर में मलेरिया और डायरिया की स्थिति को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री जायसवाल ने बताया कि सरकार अब मलेरिया के पूर्ण उन्मूलन के लिए डोर-टू-डोर जांच अभियान चला रही है,जिसमें लक्षण न होने वाले लोगों की भी जांच की जा रही है। पॉजिटिव मिलने पर उन्हें पूरी दवा दी जा रही है ताकि मलेरिया के परजीवी को जड़ से समाप्त किया जा सके। डायरिया की रोकथाम के लिए भी स्वास्थ्य अमला पूरी तरह सतर्क है। जहां भी आवश्यकता महसूस हो रही है वहां स्वास्थ्य शिविर लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बस्तर में मलेरिया या डायरिया से जुड़ी कोई आपात स्थिति नहीं है।
छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में स्वास्थ्य सेवाओं में सकारात्मक परिवर्तन
छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय और सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित सुशासन और जनकल्याणकारी स्वास्थ्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से अब बस्तर जैसे दुर्गम और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य सुविधाएं लोगों की पहुंच में हैं। सरकार की जन-केंद्रित सोच,ठोस रणनीति और जमीनी स्तर पर समर्पित क्रियान्वयन से स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच अब वहां तक संभव हो रही है,जिसे नक्सल प्रभावित क्षेत्र में एक समय असंभव माना जाता था। मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर में स्वास्थ्य सेवाओं के निरंतर विस्तार और गुणवत्ता में सुधार पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा है कि मितानिनों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और विभागीय कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी और प्रतिबद्धता के कारण ही आज यह परिवर्तन संभव हुआ है। बस्तर के लिए हमारी सरकार का विशेष फोकस है और हम इसे निरंतर मजबूत करते रहेंगे।
प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना हमारा लक्ष्य
स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने जानकारी दी कि सरकार का लक्ष्य पूरे छत्तीसगढ़ में समान रूप से गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। बस्तर में चलाए जा रहे मलेरिया मुक्त अभियान के तहत घर-घर जाकर जांच, त्वरित उपचार और जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से मलेरिया के प्रसार को प्रभावी रूप से नियंत्रित किया गया है। राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक के अंतर्गत पूरे राज्य में,विशेषकर बस्तर क्षेत्र में, स्वास्थ्य संस्थानों ने अनुकरणीय उपलब्धियां दर्ज की हैं। राज्य सरकार की यह स्पष्ट प्राथमिकता रही है कि नक्सल प्रभावित इलाकों कांकेर,बीजापुर,सुकमा और दंतेवाड़ा जैसे जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं का जमीनी विस्तार हो। आज इन अंचलों में भी लोग गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं से लाभान्वित हो रहे हैं। यह परिवर्तन श्री विष्णु देव साय के सुशासन और स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर उनके विशेष फोकस का प्रमाण है। इन उपलब्धियों की गहराई से समीक्षा और जमीन प्रगति के प्रत्यक्ष अवलोकन हेतु स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल 5 अगस्त से 7 अगस्त 2025 तक तीन दिवसीय बस्तर दौरे पर रहेंगे। उनके साथ स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं तकनीकी दल भी रहेगा। इस दौरान वे बस्तर संभाग के प्रमुख जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों का निरीक्षण करेंगे, स्वशासी समिति की बैठक लेंगे, मलेरिया मुक्त अभियान की समीक्षा करेंगे तथा बीजापुर और सुकमा जैसे दूरस्थ जिलों के अंतिम छोर पर बसे गांवों में जाकर भी स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी स्थिति का मूल्यांकन करेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में हो रहा यह परिवर्तन सिद्ध करता है कि जब सरकार की नीयत स्पष्ट हो, योजना व्यावहारिक हो और सिस्टम में प्रतिबद्धता हो तो किसी भी दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्र की तस्वीर बदली जा सकती है। बस्तर अब पिछड़ेपन और असुविधा की छवि से निकलकर विकास और सशक्तिकरण की पहचान बन रहा है। स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषय में जो क्रांतिकारी बदलाव बस्तर में हो रहा है, वह पूरे देश के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण है।
मेडिकल कॉलेज जगदलपुर के हॉस्टल और अस्पताल के नवीनीकरण के लिए 50 करोड़ रुपये की राशि जारी
स्वास्थ्य मंत्री ने पूर्व में दिए गए कई निर्देशों की प्रगति की भी समीक्षा की, जिनमें मरीजों के लिए पर्दा व्यवस्था, स्क्रीन, टीवी, ऑनलाइन टोकन जैसी आधुनिक व्यवस्थाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि मेडिकल कालेज को और अधिक सशक्त करने के लिए शासन द्वारा 50 करोड़ रुपये की राशि जारी की जा रही है। इस राशि का उपयोग मेडिकल कॉलेज जगदलपुर के हॉस्टल और अस्पताल के नवीनीकरण, जिम, मरीजों के परिजनों के बैठने की सुविधा और चिकित्सा उपकरणों की खरीदी हेतु किया जाएगा।


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