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बैकुंठपुर/पटना@कांग्रेस ने समर्थित लोगों को जोड़े रखने के लिए दिया दायित्व

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-रवि सिंह-
बैकुंठपुर/पटना,04 अगस्त 2025 (घटती-घटना)। छत्तीसगढ़ आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर कांग्रेस ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। कांग्रेस ने पहली बार मंडल अध्यक्ष का पद सृजित किया है। यह कदम पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है। जिले में कई मंडल बनाए जाना प्रस्तावित है। मंडल अध्यक्ष का पद ब्लॉक अध्यक्ष के नीचे का होगा। इन दोनों पदों के बीच मंडल अध्यक्ष का पद मध्यस्थता के तौर पर रहेगा। मंडल अध्यक्षों की नियुक्ति से पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय मुद्दों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होने की उम्मीद है। संगठनात्मक बदलावों के साथ-साथ, सूत्रों की माने यो आगामी समय में कांग्रेस जिला स्तर पर एक कंट्रोल रूम भी स्थापित कर सकती है यह कंट्रोल रूम पार्टी की गतिविधियों के समन्वय और निगरानी का केंद्र रहेगा। कांग्रेस ने युवा नेता सागर शर्मा को पटना मण्डल का अध्यक्ष बनाया है युवाओं में अच्छी छवि रखने वाले सागर शर्मा पर कांग्रेस का भरोसा करना आगामी चुनाव के लिए फायदेमंद हो सकता है सागर शर्मा कांग्रेस के सच्चे सिपाही में से है जिस वजह से सर्व संपत्ति से मिली इन्हें यह जिम्मेदारी। जिम्मेदारी मिलने के साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया पर भी अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। यह युवा मतदाताओं और शहरी क्षेत्रों तक अपनी पहुंच बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा बन सकता है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग पार्टी की नीतियों, कार्यक्रमों और भाजपा सरकार की विफलताओं को जनता तक पहुंचाने के लिए सागर शर्मा उपयुक्त साबित हो सकते हैं ।
क्या सभी के सहमति से बने मंडल अध्यक्ष भी हटाया जा सकते हैं?
भाजपा की तर्ज पर कांग्रेस भी मंडल अध्यक्ष बना रही है कांग्रेस अपने आप को मजबूत करने के लिए हर पैंतरा आजमा रही है इस बीच पटना मंडल में मंडल अध्यक्ष का चुनाव शुक्रवार को किया गया जहां पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रदीप गुप्ता सहित तमाम बड़े नेता उपस्थित रहे, सभी के बीच सागर शर्मा का नाम मंडल अध्यक्ष के लिए रखा गया और कोई भी विरोध नहीं हुआ और मंडल अध्यक्ष सागर शर्मा चुन लिया गए, अब उनके मंडल अध्यक्ष चुने जाने के तीन दिन बाद ऐसी सुगबुगाहट हो रही कि उन्हें हटाया जा सकता है क्योंकि उसके लिए अब अलग रणनीति तैयार की जा रही है, जब उन्हें मंडल अध्यक्ष चुना ही नहीं था तो सभी ने सहमति क्यों दी और अब मंडल अध्यक्ष चुने जाने के बाद उन्हें हटाने का षड्यंत्र किसके इशारे पर हो रहा है? क्या कांग्रेस की खींचातानी अभी जारी है? क्या पूर्व विधायक का, लोगों के प्रति आक्रोश अभी भी पनप रहा है क्या ऐसे में अगला विधानसभा फिर लड़ा जाएगा?


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