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कोरिया@नवीन शासकीय महाविद्यालय पोड़ी बचरा में 2 साल में 26 लाख से अधिक की हुई खरीदी

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-रवि सिंह-
कोरिया,27 जुलाई 2025 (घटती-घटना)। उच्च शिक्षा विभाग के संचालनालय रायपुर को बैकुंठपुर अग्रणी महाविद्यालय के सेवानिवृत्ति प्रभारी प्राचार्य के कार्यप्रणाली को लेकर संज्ञान लेना चाहिए, क्योंकि प्रभारी प्राचार्य ने न्याय विरुद्ध कार्य किया है कहीं ना कहीं उन्होंने आरोपी बनने का कार्य दस्तावेजों को जलाकर किया है, उनके द्वारा दस्तावेज जलाने को लेकर यह साफ हो गया है कि उनके कार्यकाल में महाविद्यालय में जमकर भ्रष्टाचार हुआ है क्योंकि इनका बिना किसी से अनुमति लिए दस्तावेजों को सेवानिवृत होने के बाद जलाना ही इस बात को प्रमाणित करता है कि इनके हाथ भ्रष्टाचार से अछूते नहीं हैं, अब उनके तमाम तरीके की जांच की मांग उठने लगी है इनके अब तक के कार्यकाल की बारीकी से जांच हो यह मांग अब बहुत तेजी से उठ रहा है, पर क्या जांच हो पाएगी यह भी बड़ा सवाल है, क्योंकि प्रभारी प्राचार्य काफी रसूखदार व्यक्ति हैं, क्योंकि यदि रसूखदार नहीं होते तो महाविद्यालय में इतना लंबा कार्यकाल शायद उनका नहीं होता, इतने संवेदनशील पद पर इतना लंबा कार्यकाल क्या भ्रष्टाचार की तरफ इशारा नहीं करता? इस पद पर जहां परिवर्तन होना चाहिए था वहां पर परिवर्तन न होना भी कहीं ना कहीं भ्रष्टाचार करने की उन्हें अनुमति देता रहा? कार्यकाल किसी का भी रहे चाहे भाजपा या कांग्रेस सभी में यह अग्रणी महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य बनने में सफल रहे, यहां तक के जितने भी नवीन महाविद्यालय खुले समय समय पर कई सालों तक उसके भी वह प्रभारी प्राचार्य बने रहे और जहां भी रहे वहां पर उन्होंने जमकर खरीदी की, खरीदी भी ऐसी की जिसका उपयोग शायद ही वहां पर अध्ययनरत छात्र छात्रों ने उन सामानों का किया होगा।
यहां-यहां पर जमीन है प्रभारी प्राचार्य व उनकी पत्नी के नाम…
प्रभारी प्राचार्य अखिलेश चंद्र गुप्ता खसरा नंबर 253/29 रकबा 0.0170 जगह बैकुंठपुर, उनकी पत्नी के नाम बैकुंठपुर के भंडारपारा मनसुख स्थित जमीन जिसका खसरा क्रमांक 495 रकबा 1.4900, उनकी पत्नी के नाम नरकेली बैकुंठपुर खसरा क्रमांक 162/1 रकबा 0.1580, नरकेली खसरा क्रमांक 163/3 रकबा 0. 2100, बैकुंठपुर खसरा क्रमांक 253/32 रखबा 0.0170, नरकेली बैकुंठपुर खसरा क्रमांक 163/3 रकबा 0.2100, केनापारा खसरा क्रमांक 27/3 रकबा 0.1520, यह वह जमीन की जानकारी है जो दैनिक घटती घटना के पास प्राप्त हुई कई ऐसे भी जमीन है जिसकी जानकारी मिली नहीं है पर वह जमीन भी इनके पास उपलध है जिसका जिक्र इन्होंने अपने चल अचल संपत्ति में शासन को नहीं दिया है, यहां तक कि इन्होंने जमीन खरीदने से पहले शासन से अनुमति विभाग की ली है या नहीं यह भी जांच का विषय है ,वहीं इसके अलावा बिलासपुर में दोनों के नाम पर अलग-अलग जमीन है यदि इन पूरे जमीनों की जांच की जाए तो इन्होंने अपने कार्यकाल में ही इन्हें खरीदा है, और इन जमीनों का भले ही शासकीय कीमत कम है पर जमीन काफी कीमती है जिन्हें खरीदने में करोड़ों रुपए लगे होंगे पर इतने पैसे कहां से आए यह भी जांच का विषय है।
पत्नी हैं प्रभारी प्राचार्य पोड़ी बचरा…यहां भी दो वर्षों में हुई जमकर खरीदी…
कोरिया जिले के अग्रणी महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य पद से सेवानिवृत हुए अखिलेश चंद्र गुप्ता ने अपनी पत्नी को पोंडी बचरा का प्रभारी प्राचार्य बनाया गया यह उनके द्वारा जुगाड़ बनाकर किया गया जब महाविद्यालय की वहां स्थापना हुई,प्रभारी प्राचार्य नियुक्त कर इन्होंने अपनी पत्नी के प्रभार वाले महाविद्यालय में भी जमकर खरीदी की और लगभग 26 लाख की खरीदी दो वर्षों के दौरान इन्होंने वहां की,यह खरीदी फर्नीचर सहित कई जरूरतों के हिसाब से की गई जिसमें बताया जाता है कि प्राचार्य के बैठने के लिए खरीदी गई कुर्सी ही पंद्रह हजार रुपए के लगभग की है,बताया जा रहा है कि पोड़ी बचरा महाविद्यालय में अखिलेश चंद्र गुप्ता की पत्नी नाममात्र की प्राचार्य बनी रहीं और खरीदी और अन्य निर्णय खुद अखिलेश चंद्र गुप्ता लेते रहे। भ्रष्टाचार के लिए इन्होंने कई महाविद्यालयों को अपना लक्ष्य बनाया और इस तरह इन्होंने जमकर लूट शासकीय महाविद्यालय में मचाया।
हर राजनीतिक दल में रही पैठ,जिसकी रही सत्ता उसी से अपने लिए समर्थन प्राप्त कर बने रहे प्रभारी प्राचार्य
अखिलेश चंद्र गुप्ता का पूरा कार्यकाल काफी चौंकाने वाला है,बैकुंठपुर के महाविद्यालय में यह प्रभारी प्राचार्य बतौर कार्य करते हुए सेवानिवृत्त हो गए,इनका पूरा कार्यकाल कई राजनीतिक दलों के कार्यकाल के बीच बीता,इस दौरान इन्होंने उन सभी नेताओं से समर्थन प्राप्त किया अपने लिए जिनकी सत्ता रही,कुल मिलाकर अपने लिए इन्होंने हर वह प्रयास हर दल की सरकार में किया जिससे इन्हें प्रभारी प्राचार्य का दायित्व मिलता रहे और पूर्णकालिक प्राचार्य अग्रणी महाविद्यालय में न पदस्थ हो सके। इनके द्वारा जब जब किसी पूर्णकालिक प्राचार्य की पदस्थापना हुई उसे कार्यभार न ग्रहण करने के लिए एन केन प्रकार से रोक गया रुकवाया गया ऐसा भी बताया जाता है,छात्र नेताओं का भी इन्होंने अपने लाभ उद्देश्य से उपयोग किया और उन्होंने उन्हें भी अपना समर्थक बनाकर अपना हित साधा।
खरीदी की जानकारी-

नवीन शासकीय महाविद्यालय पोड़ी बचरा के दो वर्षो के क्रय की जानकारी
क्र.सामग्री का विवरण    2023-242024-25
प्राप्त आवंटन    कुल व्यय        प्राप्त आवंटनकुल व्यय         
104-003 फर्नीचर एवं कार्यालयीन उपकरण      150000149917  
204-004 पुस्तकें एवं नियतकालीन पत्रिकाएं   210000209926150000149954
304-007 लेखन सामग्री एवं फार्मो की छपाई 47000470003500035000
404-008 अन्य आकस्मिक व्यय1800001798505000049995
504-009 सूचना प्रौद्योगिकी           470000469950100009990
624-002 अनुरक्षण (मशीन तथा उपकरण)   100000100000
725-001 भण्डार तथा कच्चा माल     500000499993200000199978
825-004 गैर कार्यालयीन फर्नीचर550000549994
 योग:-21070002106630545000544917
जमीन का विवरण
क्र.जमीन किसके नाम परडॉ. एसी गुप्ता से रिश्तास्थानजमीन व भवन की मात्रकीमत लगभग
1डॉ0 ए0 सी0 गुप्तास्वयंबिल्हा, बिलासपुर3600 वर्गफुट का आवासीय प्लाट  1200000
2डॉ0 ए0 सी0 गुप्तास्वयंरहंगी, बिल्हा बिलासपुर2700 वर्गफुट का आवासीय प्लाट  2000000
3डॉ0 ए0 सी0 गुप्तास्वयंबैकुण्ठपुरआवासीय भवन 1350 वर्गफुट3000000
4डॉ0 प्रीति गुप्तास्वयंतखतपुर3600 वर्गफुट का आवासीय प्लाट  1500000
5डॉ0 प्रीति गुप्तास्वयंबिलासपुर3600 वर्गफुट का आवासीय प्लाट  3000000
6डॉ0 प्रीति गुप्तापत्नीबिलासपुर1356 वर्गफुट का आवासीय भवन   6000000
7डॉ0 प्रीति गुप्तापत्नीबैकुण्ठपुरआवासीय भवन   1350 वर्गफुट3000000
8प्रियम गुप्तापुत्रकेनापारा0-1520 हे.500000
9डॉ0 प्रीति गुप्तापत्नीनरकेली0-1580 हे.1000000
10डॉ0 प्रीति गुप्तापत्नीनरकेली0-2100 हे.1000000
11प्रियम गुप्तापुत्रभण्डारपारा1-4900 हे.500000
12 नहीं पता रायपुर में भी फ्लैट 4000000
13 नहीं पता घर के बगल में10 डिसमिल जमीन5000000
    कुल31700000

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