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बैकुंठपुर@क्या कोई भी छत्तीसगढ़ शासन का प्रतीक चिन्ह अपने कार्यालय में लगा सकता है?

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पूर्व विधायक के नजदीकी रहे युवा नेता क्या अपने निजी कार्यालय में छत्तीसगढ़ शासन का प्रतीक चिन्ह लगाने की योग्यता रखते हैं?
क्या सरपंच भी छत्तीसगढ़ शासन के अभिन्न हिस्सों में से एक हैं?

-रवि सिंह-
बैकुंठपुर,26 जुलाई 2025 (घटती-घटना)। राजनीति में पद पाने की लालसा प्रथम चाह व्यक्ति की होती है और पद मिलते ही यह चाहत प्रतिष्ठा का विषय बन जाती है व्यक्तिगत प्रतिष्ठा की यह आज का आम व्यवहार निर्वाचित जनप्रतिनिधियों का नजर आता है जिसे देखा जा सकता है। राजनीति में सक्रिय होकर निर्वाचित होना जहां आज हर आयु वर्ग की मंशा के शुमार है वहीं युवाओं में इसका ज्यादा प्रभाव है जो जल्द से जल्द निर्वाचित होकर सीधे नेतृत्व के लिए उत्सुक नजर आते हैं लेकिन इन सब के बीच जो लोग भी जनता से बड़े बड़े वादे कर निर्वाचित हो जाते हैं वह निर्वाचित होते ही सर्वप्रथम खुद की प्रतिष्ठा के लिए ज्यादा काम करते नजर आते हैं और कई बार वह इस खोखली प्रतिष्ठा जो जनता के लिए कार्य कर उनकी सेवा से मिलने वाले आशीर्वाद वाली स्नेह वाली प्रतिष्ठा से कहीं नीचे है के लिए ज्यादा कार्य करते नजर आते हैं। इसी क्रम में निर्वाचित हुए जनप्रतिनिधि यह भी ध्यान नहीं रखते अपनी प्रतिष्ठा का बखान करने के दौरान कि क्या जिस तरह वह अपनी प्रतिष्ठा के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं वह प्रदर्शन जायज भी है या नहीं, क्या वह जिस पद पर निर्वाचित हुए हैं उस पद अनुसार उन्हें ऐसी प्रतिष्ठा खुद की जताने की सार्वजनिक रूप से आजादी है कि नहीं?
क्या शासन के प्रतीक चिन्ह लगाने की उन्हें अनुमति है?
मामला कोरिया जिले के बैकुंठपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत सलबा का है जहां के नव निर्वाचित सरपंच जो युवा हैं ने अपनी प्रतिष्ठा ऊंची साबित करने के लिए अपने कार्यालय को काफी आधुनिक बनाया है और कार्यालय की तस्वीर वह आए दिन साझा भी करते हैं और अपनी प्रतिष्ठा से वह आम लोगों को अवगत कराने का भी प्रयास करते रहते हैं, इसी क्रम में वह कार्यालय में छत्तीसगढ़ शासन का प्रतीक चिन्ह भी जिसे उन्होंने बिल्कुल उसी तरह दीवार पर लगवाया है जैसा संवैधानिक पदों पर शासन के बैठे अधिकारी या जनप्रतिनिधि लगवाते हैं उन्होंने भी लगवा रखा है, क्या ऐसा प्रतीक चिन्ह शासन के प्रतीक चिन्ह लगाने की उन्हें अनुमति है? जानकारों के अनुसार तो ऐसा शायद जायज नहीं है लेकिन फिर भी जानकर कहते हैं कि शायद कोई आदेश हो जिसके तहत सलबा के युवा सरपंच शासन का प्रतीक चिन्ह कार्यालय के दीवार पर ठीक अपनी कुर्सी के पीछे लगवा रखे हैं। पूर्व विधायक के काफी करीबी रहे वर्तमान में ग्राम पंचायत सलबा के युवा सरपंच कार्यालय भी काफी आधुनिक बनवा लिए हैं जो होना चाहिए यह खबर का विषय नहीं है,खबर एक सवाल है कि क्या सरपंच भी अपने कार्यालय में ठीक अपनी कुर्सी के पीछे छत्तीसगढ़ शासन का प्रतीक चिन्ह लगवा सकते हैं क्या?
शासन के प्रतीक चिन्ह के उपयोग को लेकर कोई स्पष्ट निर्देश की उपलब्धता नहीं?
वैसे शासन के प्रतीक चिन्ह के उपयोग को लेकर कोई स्पष्ट निर्देश की उपलब्धता नहीं हो सकी इसलिए यह केवल सवाल बतौर एक विषय है जिसका जवाब आने वाले समय के लिए शासन से मिलना चाहिए और जिसके बाद स्थितियां स्पष्ट होंगी और शायद यदि प्रतीक चिन्ह सभी के लिए उपयोग हेतु छूट का विषय है तो अन्य सरपंच भी इसका पालन करें और जल्द से जल्द वह भी इसका अनुसरण कर इसका पालन करें। वैसे प्रतीक चिन्ह का उपयोग सरकार और उसके समस्त विभागों द्वारा किया जाना है, निगम मंडल भी इसमें शामिल हैं वहीं पुलिस विभाग के लिए अलग प्रतीक चिन्ह होता है जिसका विभाग में उपयोग होता है। सलबा सरपंच वैसे युवा हैं और वह काफी ऊर्जावान माने जाते हैं इसीलिए ग्राम की जनता ने उन्हें अवसर दिया है और उन्हें ग्राम की जनता के लिए बेहतर करना है वह इस तरफ ज्यादा ध्यान देंगे ऐसा विश्वास है वहीं वह प्रतीक चिन्ह शासन का कार्यालय में अपने कक्ष में अपनी कुर्सी के पीछे लगवा सकते हैं कि नहीं इस विषय का पूर्ण ज्ञान प्राप्त कर ऐसा करें तो बेहतर, वैसे उन्होंने इसका पता नहीं किया होगा लगता नहीं, वहीं यदि उन्होंने पता किया और यह जायज है तो वह अन्य पंचायतों में भी इसका अनुसरण करवाने का प्रयास करें यह उन्हें करना चाहिए।


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