- खबर से जिला शिक्षा अधिकारी ने लिया संज्ञान,तीन सदस्यीय जांच दल गठित कर तीन दिवस में मांगा प्रतिवेदन
- शासकीय स्कूल का प्राचार्य अपने घर के निजी स्कूल के लिए जिला मुख्यालय से बाहर जाता है बिना अनुमति यह था खबर का विषय
- दैनिक घटती-घटना की खबर का फिर हुआ असर,अखबार ने प्रमुखता से प्रकाशित की थी खबर निजी स्कूल के लिए प्राचार्य देता है ज्यादा समय
-रवि सिंह-
कोरिया,26 जुलाई 2025 (घटती-घटना)। दैनिक घटती-घटना ने अपने जनसरोकार मामले की प्रतिबद्धता को पुनः साबित किया है और कैसे एक शासकीय स्कूल का प्राचार्य अपने घर के निजी स्कूल के संचालन में समय व्यतीत कर रहा है,अपने मूल कर्तव्य से कैसे वह समय निकालकर निजी हित लाभ ढूंढ रहा है इस आशय की खबर का प्रकाशन दैनिक घटती-घटना ने 25 जुलाई 2025 को किया था जिसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी कोरिया ने खबर पर संज्ञान लिया और मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच दल का गठन कर तीन दिवस के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश जांच दल के सदस्यों को दिया।
बता दें कि कोरिया जिले के बैकुंठपुर विकासखंड के रनई ग्राम में संचालित शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला के प्रभारी प्राचार्य की एक तस्वीर दैनिक घटती-घटना के हांथ लगी थी जिसमें वह विद्यालयीन कार्यदिवस संभागीय शासकीय बुक डिपो में नजर आए थे जहां निजी स्कूलों के लिए निजी स्कूल संचालकों को पुस्तकों का वितरण किया जा रहा था,यह तस्वीर विद्यालय कार्यदिवस का था और यह शाम के समय की तस्वीर थी जिसमें दिनांक और समय नजर आ रहा था,तस्वीर प्रभारी प्राचार्य की ही थी और दिवस कार्यदिवस था और वह निजी स्कूल संचालक भी हैं इस नाते दैनिक घटती-घटना ने इसे शासकीय कर्तव्य के प्रति उदासीनता और निजी हित उद्देश्य को प्राथमिकता माना और खबर का प्रकाशन कर मामले को जिला प्रशासन के संज्ञान में लाने का प्रयास किया,शासकीय नियमों अनुसार किसी कर्मचारी को सामान्य स्थिति में भी मुख्यालय छोड़ने की अनुमति की जहां आवश्यकता होती है वहीं वह कर्तव्य के प्रति उदासीन होने पर और अधिक गुनहगार माना जाता है जो नियमानुसार सही नहीं है। खबर प्रकाशन के तत्काल पश्चात ही जिला शिक्षा अधिकारी कोरिया ने मामले में त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करने जांच दल का गठन किया और तीन सदस्यीय जांच दल का गठन कर तीन दिवस में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश उन्होंने जारी कर दिया।
प्रभारी प्राचार्य अपने निजी स्कूल के लिए करता था विद्यालय समय में कार्य
बताया जाता है कि रनई के प्रभारी प्राचार्य घर पर निजी स्कूल का संचालन करते हैं जो नाममात्र के लिए उनके परिवार द्वारा या परिवार के सदस्यों द्वारा संचालित होता है,स्कूल का संचालन वह खुद करते हैं और जिसके लिए वह मूल कर्तव्य के प्रति उदासीनता बरतते हैं। इस संबंध में बताया यह भी जाता है कि प्रभारी प्राचार्य इसके लिए समय निकालने के लिए प्रभारी प्राचार्य होने का भरपूर फायदा उठाते हैं और वह इसी बहाने अपने घर की निजी संस्था को समय दे पाते हैं,शासकीय स्कूल के प्रभारी प्राचार्य रहते हुए उन्हें विभागीय कई ऐसे विषयों और अवसरों का भी फायदा होता है जो उनके निजी स्कूल के लिए लाभप्रद होता है,आरटीई अंतर्गत छात्रों का घर के स्कूल में प्रवेश भी वह ज्यादा कर पाते हैं यह बताया जाता है। प्रभारी प्राचार्य के संबंध में खबर प्रकाशन पश्चात गठित जांच दल भले ही तीन दिवस में अपनी रिपोर्ट जिला शिक्षा अधिकारी को सौंपेगी लेकिन प्रभारी प्राचार्य के विषय में हर कोई क्षेत्र में अवगत है और वह जानते हैं कि वह किस तरह अपने मूल कर्तव्य में से समय निकालकर निजी संस्था का संचालन करते हैं।
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