- महाविद्यालय प्राचार्य से तीन दिवस के भीतर मांगा जवाब
- मामला सेवानिवृत्त प्राचार्य के द्वारा सेवानिवृत्ति उपरांत महाविद्यालय के दस्तावेजों को जलाने से जुड़ा हुआ…
- सेवानिवृत्त प्राचार्य के द्वारा सेवानिवृत्ति उपरांत कई महीनों बाद महाविद्यालय पहुंचकर जलाये गए थे दस्तावेज
- वर्तमान प्राचार्य के कार्यभार ग्रहण करने उपरांत जलाये थे दस्तावेज,कैसे मिली अलमारियों की चाबी,कैसे मिली सेवानिवृत्त प्राचार्य को दस्तावेज जलाने की अनुमति देना होगा वर्तमान प्राचार्य को जवाब
- क्या शासकीय रामानुज प्रताप सिंहदेव कॉलेज में कोई बड़ा भ्रष्टाचार हुआ ?
- किस वजह से प्राचार्य के सेवानिवृत होते ही दस्तावेजों को जलाना पड़ा?
- शासकीय रामानुज प्रताप सिंहदेव कॉलेज का आखिर कौन सा दस्तावेज जला…क्या इसका पता चल पाएगा?
- पूर्व प्रभारी प्राचार्य अखिलेश गुप्ता पर भ्रष्टाचार और नियम विरोधी कृत्य का आरोप
- लंबे समय से प्राचार्य रहे अखिलेश गुप्ता क्या वाकई में कोई बड़ा भ्रष्टाचार करके बैठे हैं जिसकी जांच जरूरी है?

-रवि सिंह-
कोरिया,21 जुलाई 2025 (घटती-घटना)। दैनिक घटती-घटना की खबरें जन सरोकार से जुड़ी रहती हैं और वह निष्पक्ष एवं बेबाकी के साथ भ्रष्टाचार को उजागर करने वाली होती हैं जिस कार्य में दैनिक घटती घटना की टीम किसी भय द्वेष की परवाह किए बगैर सूत्रों के द्वारा प्राप्त समाचारों को प्रकाशित करने की जिम्मेदारी निभाती है यह पुनः साबित हुआ और इस बार दैनिक घटती-घटना की खबर से कोरिया जिले का जिला प्रशासन सजग होता नजर आया है और एक खबर के आधार पर शासकीय रामानुज प्रताप सिंहदेव स्नातकोत्तर महाविद्यालय बैकुंठपुर के वर्तमान प्राचार्य को पत्र जारी कर तीन दिवस के भीतर जवाब मांगा है। बता दें कि दैनिक घटती-घटना ने एक खबर का प्रकाशन किया था जिसमें यह तथ्य तस्वीरों के साथ प्रकाशित किया गया था कि शासकीय रामानुज प्रताप सिंहदेव स्नातकोत्तर महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य जो सेवानिवृत्त हो चुके हैं के द्वारा सेवा निवृत्त होने के कई महीने बाद महाविद्यालय पहुंचकर महाविद्यालय परिसर में ही कुछ दस्तावेजों को जलवाया गया है और जिसकी तस्वीर भी सामने आई है।
बता दें कि सेवानिवृत्त प्राचार्य की जगह नए प्राचार्य को कार्यभार प्राप्त होने उपरांत यह मामला प्रकाश में आया और जिससे यह प्रश्न खड़ा हुआ कि क्या वर्तमान प्राचार्य के द्वारा ऐसा करने की अनुमति दी गई पूर्व सेवानिवृत्त प्राचार्य को या फिर सेवानिवृत्त प्राचार्य ने जबरन ऐसा किया और जिसका विरोध नए प्राचार्य नहीं कर पाए। कोरिया जिले का अग्रणी महाविद्यालय शासकीय रामानुज प्रताप सिंहदेव स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बैकुंठपुर विवादों में है। कारण कॉलेज के पूर्व प्रभारी प्राचार्य अखिलेश गुप्ता द्वारा किया जाने वाला मनमाना आचरण एवं कालेज प्रशासन में अनावश्यक हस्तक्षेप। जो कि 31 जनवरी 2025 को सेवानिवृत्त हो चुके हैं। भ्रष्टाचार के अनेक कार्यों को अंजाम देने के बाद इस क्रम में उनके द्वारा बिना किसी अनुशंसा के एवं सेवानिवृत्त होने के इतने दिन बाद 12 जुलाई 2025 को महाविद्यालय परिसर में तमाम गोपनीय दस्तावेजों को जलाकर नष्ट कर दिया गया। अपने सेवानिवृत्त होने के 5 से 6 महीने बाद भी उनके द्वारा समस्त दस्तावेज महाविद्यालय को नहीं सौंपा गया है, जिसके चलते उनके द्वारा दस्तावेज जलाने जैसा गंभीर दुष्कृत्य किया गया। यह गंभीर एवं उच्च स्तरीय जांच का विषय है। 12 जुलाई को श्री गुप्ता अचानक कॉलेज पहुंचे और वह कमरा खोला,जिसे उन्होंने सेवानिवृत्ति के समय से बंद कर रखा था। इसके बाद उन्होंने उस कक्ष में रखे अनेक शासकीय दस्तावेजों को जलाकर नष्ट कर दिया । बहुत सारे दस्तावेजों को इनके द्वारा घर पर भी ले जाकर नष्ट किया गया है। सूत्रों की मानें तो किसी भी सेवानिवृत्त कर्मचारी को शासकीय दस्तावेजों को नष्ट करने का अधिकार नहीं होता है, दस्तावेजों को नष्ट करने की एक विधिवत प्रक्रिया होती है,जिसके तहत शासन की अनुमति,समिति की संस्तुति और रिकॉर्ड बनाए जाते हैं। ऐसे में श्री गुप्ता द्वारा बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के दस्तावेजों को जलाया जाना, गंभीर सवाल खड़े करता है।
उच्च शिक्षा के नाम पर भी हुआ बड़ा भ्रष्टाचार?
क्या उच्च शिक्षा के नाम पर भी बड़ा भ्रष्टाचार हुआ है,बैकुंठपुर के शासकीय रामानुज प्रताप सिंहदेव महाविद्यालय की बात की जाए तो यहां के सेवानिवृत्त प्राचार्य द्वारा जिस तरह सेवा निवृत्त होने के बाद वह भी कई महीने बाद जिस तरह महाविद्यालय पहुंचकर दस्तावेजों को जलाया गया उससे साबित हो हो गया कि भ्रष्टाचार को छिपाने ही ऐसा किया गया। वैसे उच्च शिक्षा संस्थानों से भ्रष्टाचार की खबरें कभी सामने नहीं आती थीं और इन संस्थानों को काफी अच्छा माना जाता था नियम अनुसार इनके संचालन की एक साथ थी जो धूमिल हुई बैकुंठपुर की घटना के बाद। उच्च शिक्षा संस्थानों में भ्रष्टाचार का यह मामला निश्चित ही जांच का विषय होना चाहिए यदि दस्तावेजों को भ्रष्टाचार को छिपाने जलाया गया है।
निजी कॉलेजों में भ्रष्टाचार नहीं सुनने को मिलता, शासकीय कॉलेज में भ्रष्टाचार करने के लिए बड़े पद की आवश्यकता?
निजी कॉलेज हमेशा से अपनी साख बरकरार रखते चले आए हैं और उनके मामले में भ्रष्टाचार सुनने को नहीं मिलता है वहीं शासकीय कॉलेज मामले में बैकुंठपुर कॉलेज में जिस तरह पूर्व प्राचार्य के द्वारा दस्तावेज जलाए गए वह काफी बड़ी घटना मानी जा रही बड़ा भ्रष्टाचार छिपाने का प्रयास माना जा रहा है। वैसे क्या शासकीय कॉलेज में भ्रष्टाचार करने के लिए बड़े पद की आवश्यकता होती है,क्या बड़े पद के साथ भ्रष्टाचार करना आसान होता है, जिस तरह बैकुंठपुर के महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य ने तब दस्तावेज जलाए जब प्राचार्य कोई और बन चुका था और वह सेवानिवृत्त हो चुके थे यह मामला यह आशंका जाहिर करता है कि कहीं न कहीं पूर्व प्राचार्य ने वर्तमान प्राचार्य से किसी सहमति के आधार पर दस्तावेजों की मांग की और उसके जलाए जाने की भी सहमति प्राप्त की।
प्रयोग शाला के सामान खरीदी में भी बड़े भ्रष्टाचार का अनुमान
शासकीय रामानुज प्रताप सिंहदेव महाविद्यालय बैकुंठपुर में प्रयोगशाला के सामानों की खरीदी में भी भ्रष्टाचार हुआ है ऐसी बातें बताई जा रही हैं और इसलिए दस्तावेज जलाए गए हैं,बताया जा रहा है कि महाविद्यालय के लिए प्रयोगशाला की जो सामग्री खरीदी गई है उसमें खरीदी की जगह कई बार ऐसे ही बिल भुगतान कर दिया गया है,बताया जा रहा है कि कुछ सामानों की मरम्मत की गई और उसकी खरीदी बताई गई कुछ मामलों में केवल बिल प्रस्तुत कर भुगतान प्राप्त किया गया। कुल मिलाकर प्रयोगशाला के नाम पर जमकर भ्रष्टाचार का खेल खेला गया है,प्रयोगशाला के लिए सामग्रियां कई बार केवल कागजों में ही खरीदे जाने की बात बताई जा रही है।
सेवानिवृत होने के बाद कॉलेज जाकर दस्तावेजों को जलाना ही भ्रष्टाचार को साबित करता है?
शासकीय रामानुज प्रताप सिंहदेव महाविद्यालय बैकुंठपुर के सेवानिवृत्त प्राचार्य ने सेवानिवृत्त होने के कुछ महीने बाद महाविद्यालय जाकर वहां से दस्तावेज निकलवाकर जलवा दिया,यह मामला ही उनके भ्रष्टाचार को साबित करने काफी है,जब वह सेवानिवृत्त हो चुके थे और कई महीने बीत चुके थे तब जाकर दस्तावेज जलाना यह स्पष्ट रूप से साबित करता है कि उन्होंने अपने कार्यकाल के सभी भ्रष्टाचार को छिपाने यह काम किया।वैसे भी सेवानिवृत्त प्राचार्य को लेकर माना जाता है कि वह बैकुंठपुर महाविद्यालय को एक तरह से अपनी जागीर बना बैठे थे समझ बैठे थे और पूरे कार्यकाल में उनके लिए कोई एवजीदार खड़ा नहीं हो सका और उनकी मनमानी जारी रही वहीं जब वह सेवा निवृत हुए उन्हें अपने कार्यकाल के भ्रष्टाचार कई महीनों बाद याद आए और उन्होंने इसीलिए दस्तावेजों को आग के हवाले किया। पूर्व प्राचार्य के पूरे कार्यकाल की जांच होने पर बड़े भ्रष्टाचार के मामले का खुलासा होगा यह दावा सूत्र भी कर रहे हैं।
वर्तमान प्राचार्य ने क्यों दी दस्तावेज जलाने की सहमति यह भी है बड़ा सवाल?
पूर्व प्राचार्य ने महाविद्यालय के दस्तावेज जलाए और किसी ने रोका नहीं जबकि वह सेवानिवृत्त हो चुके और नए प्राचार्य ने पदभार ग्रहण भी कर लिया।ऐसा होना सम्भव नहीं माना जा सकता है,इस मामले में वर्तमान प्राचार्य की बिना सहमति कोई ऐसे ही महाविद्यालय जाकर वहां से दस्तावेज प्राप्त कर उसे आग के हवाले नहीं कर सकता,वर्तमान प्राचार्य और पूर्व प्राचार्य काफी समय से एक साथ काम करते चले आ रहे हैं और माना जा रहा है कि इसलिए वर्तमान प्राचार्य ने पूर्व प्राचार्य को कहीं न कहीं दस्तावेजों को सौंपा और तब जाकर पूर्व ने उसे आग के हवाले किया।
25 से 30 साल का कार्यकाल क्या भ्रष्टाचार से भरा रहा?
पूर्व प्राचार्य पर पहले से ही भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं। उनके कार्यकाल में शासकीय पीजी महाविद्यालय बैकुंठपुर जहां 25 से 30 साल तक प्रभारी प्राचार्य के रूप में वे जमे रहे, और मामने सामान की खरीद फ़रोख्त होती रही है। इसके अलावा शासकीय नवीन महाविद्यालय नागपुर, शासकीय नवीन महाविद्यालय पोड़ी बचरा में फर्नीचर एवं कार्यालयीन उपकरण,खेल सामग्री,पुस्तकें,आईसीटी उपकरण,लैब सामग्री आदि की खरीदी में भारी अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई हैं। साथ ही यह भी कि खरीदी के साल भर बाद ही भारी मात्रा में इन सामग्रियों का अपलेखन (राइट ऑफ) भी भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए इनके द्वारा किया गया है। जो कि गंभीर जांच का विषय है, कि इतनी मात्रा में इनके द्वारा हर कॉलेज में क्यों और क्या छुपाने के लिए किया गया। पता चला है कि इसी भ्रष्टाचार की लीपापोती के लिए इनके द्वारा अपनी पत्नी डॉ. प्रीति गुप्ता को शासकीय नवीन महाविद्यालय पोड़ी बचरा का प्रभार दिलवाया गया। जिससे मामले को अपने हिसाब से सेट किया जा सके। इन मामलों में उच्च स्तरीय जांच की मांग लगातार की जा रही है।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur