- बदतमीजी…पद का दुरुपयोग करते हुए अपनी निजी सुविधा बढ़ाने एवं लाभ कमाने के लिए कमिश्नर से कर रहा है दुर्व्यवहार:सूत्र
- अपने घूमने के लिए कर रहा सरकार से गाड़ी की मांग…क्या निगम कमिश्नर को अपना निजी सचिव या कठपुतली समझ रहा है चना चोर नेता?
- सभागार के सामने कमिश्नर की खड़ी गाड़ी के सामने चनाचोर घंटों अपनी गाड़ी लगाकर उन्हें शासकीय वाहन पर नहीं चलने की दे रहा था नसीहत:सूत्र
- अपनी बोलेरो को जबरदस्ती निगम से लगवाने की कर रहा है जिद:सूत्र
-रवि सिंह-
चिरमिरी,19 जुलाई 2025 (घटती-घटना)। चिरमिरी नगर निगम में कुछ लोग जनप्रतिनिधि क्या बन बैठे ऐसा लग रहा है कि शासकीय धन पर डाका डालने की एजेंसी ले ली है,आ रही जानकारी के अनुसार वार्ड क्रमांक एक का चना चोर के नाम से प्रसिद्ध नेता भारतीय जनता पार्टी की सरकार को बदनाम करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है,बीते दिवस नगर निगम में कमिश्नर की गाड़ी के सामने अपनी गाड़ी लगाकर घंटों रोके रखा था इस बात को लेकर जिद में अड़ा रहा की किसी भी कीमत पर आप मुझे मेरे पद के आधार पर मेरे घूमने के लिए एक एसी गाड़ी उपलब्ध कराओ या फिर मेरी निजी बोलेरो को अटैच करके मुझे महीने का 45000 रुपए दो…इस तरह जिस तरह आप एक गाड़ी बोलेरो अटैच करके घूम रहे हो जितना भुगतान उसे दे रहे हो उतना ही भुगतान मुझे भी चाहिए निगम कमिश्नर नियमों का हवाला देकर कहते रहे की गाड़ी देने का प्रावधान आपको नहीं है एवं आपकी गाड़ी भी निगम में अटैच नहीं की जा सकती लेकिन कमिश्नर की गाड़ी के आगे बलात अपनी बोलेरो वाहन लगाकर खड़ा ये नेता गाड़ी हटाने को तैयार नहीं हुआ बड़ी मान मनौव्वल के बाद यह धमकी देते हुए की मुझे ऐसी गाड़ी उपलब्ध कराओ और इस पर गंभीरता से जल्दी विचार करना वरना अपनी मांग मनवाना मुझे अच्छे से आता है इससे भी बड़ा कदम उठाऊंगा…कह कर घंटों खड़ी गाड़ी हटा लिया जिसको लेकर उसे दिन चिरमिरी नगर निगम में गहमा गहमी का माहौल बना रहा…इसके इस कृत्य से अधिकारी कर्मचारियों में भी असंतोष व्याप्त हुआ है इसके अडि़यल रवैया से सभी परेशान हो चले हैं कमिश्नर समझाते रहे अन्य अधिकारी समझते रहे लेकिन चनाचोर अपने जिद में अड़ा रहा और अपने लिए गाड़ी की मांग करता रहा नहीं देने पर आगे देख लेने की भी धमकी दिया जिसको लेकर अब महापौर एक्शन मूड में आ गए हैं और वह अब शासकीय गाड़ी में घूमना बंद कर दिए हैं बताया जाता है कि वह अपने निजी वाहन में घूम कर जन सेवा वाले कार्य निष्पादित कर रहे हैं पता यह भी चला है कि यह व्यक्ति महापौर से भी गाड़ी लेने के लिए दुर्व्यवहार किया है। ऐसा सूत्रों का कहना है दैनिक घटती-घटना इसकी पुष्टि नहीं करता।
नियम विरुद्ध वाली दलील देकर कमिश्नर पर दबाव बनाकर अपने लिए शासकीय वाहन चाह रहा चना चोर नेता
महापौर को कैबिनेट स्तर का मंत्री का दर्जा दिया गया है जिनको गाड़ी उपलध कराना सरकार की जिम्मेदारी होती है लेकिन कमिश्नर और महापौर से अपने आप को ऊपर समझने वाले इस व्यक्ति ने नग्नता की अंतिम प्रकाष्ठ लांघ दी है कमिश्नर के कर के आगे अपनी बोलेरो वाहन को रास्ता रोक कर बलात उनसे बदतमीजी करना फिर उनके चेंबर में जाकर उनसे विवाद करना देख लेने की धमकी देना और अन्य शासकीय कार्यों में व्यवधान उत्पन्न करने की भी धमकी देता फिर रहा है,सूत्रों के अनुसार चना चोर नेता पिछले कार्यकाल का हवाला देते हुए बताता है कि पिछले दिनों जो पूर्व जन्म प्रतिनिधियों को बोलेरो वाहन की सुविधा दी गई थी तो मुझे के दी जानी चाहिए मैं भी इस पद में हूं और जब उन्हें दिया गया तो मुझे भी दिया जाना चाहिए यदि शासन मेरी बातें नहीं मानेगा तो मैं अपने पद से इस्तीफा दे दूंगा ऐसी भी धमकी देता फिर रहा है देखना यह है कि निगम के अधिकारी अपने नियमों के तहत कार्य करते हैं या फिर इसकी दादागिरी एवं बार-बार की जा रही बदतमीजी के आगे अपनी नाक रगड़ते हैं।
क्या नियमों में सभापति को गाड़ी देने का नियम है?
निगम से मिल रही जानकारी के अनुसार सभापति को गाड़ी देने का नियम नहीं है यदि सामान्य सभा या कोई अन्य कार्यक्रम होता है तो उन्हें गाड़ी भेज कर बुलाया एवं पहुंचा जा सकता है इसके अतिरिक्त उन्हें गाड़ी देने का नियम नहीं है सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार यह नेता अपनी मानसिक स्थिति को चुका है कमिश्नर पर उच्च अधिकारियों से करवाई करवाने की बात करता है कहता है कि जनता द्वारा चुने गए मंत्री महापौर और अन्य पदाधिकारी को जब गाड़ी मिलती है तो मुझे क्यों नहीं मिलेगी कमिश्नर ने कहा कि आप मुझ पर कार्रवाई करवा सकते हैं लेकिन मेरे उच्च अधिकारियों से एक पत्र मुझे लिखवा कर ला दीजिए कि आपको गाड़ीउपलब्ध करवाना है तो मैं फिर आपके इस सुविधा के लिए विचार कर सकता हूं चनाचोर के इस आइडियल और घटिया रवैया से कमिश्नर तो थे ही वह महापौर से भी दबाव बनाना प्रारंभ कर दिया है जिसको लेकर महापौर भी अब सरकारी गाड़ी में नहीं घूम रहे हैं वह अपने निजी बुलेट में ऑफिस आना-जाना कर रहे हैं सवाल यह होता है कि जिस सुविधा और व्यवस्था को सरकार ने दिया ही नहीं जबरदस्ती दादागिरी करके हासिल करने की मंशा पूरे सिस्टम को डैमेज करना कहां तक उचित है सूत्रों से यह भी खबर मिली है कि चनाचोर नेता की गाड़ी में परमानेंट तेल निगम से दिया जा रहा था लेकिन इन दिनों उसे पर पाबंदी लगा दी गई है जिसको लेकर यह बौखला गया है बीच में अपने चहेते ठेकेदार से भी डीजल भरवाता था ऐसी खबर आ रही है।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur