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रायपुर@ डीएपी की कमी,सदन में जमकर हंगामा एवं नारेबाजी

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  • खाद की कमी को लेकर कांग्रेस ने सरकार को घेरा,कालाबाजारी करने का आरोप
  • कांग्रेस ने घडि़य़ाली आंसू बहा रहे…
  • गर्भगृह में कांग्रेसजनों ने दिया धरना,स्वयं हुए निलंबित…


रायपुर,17 जुलाई 2025 (ए)।
विधानसभा में आज राज्य में डीएपी खाद की कमी, अमानक एवं काला बाजारी को लेकर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने सरकार को घेरा। कृषि मंत्री रामविचार नेतम के जवाब से असंतुष्ठ विपक्ष के सदस्यों ने जमकर हंगामा एवं नारेबाजी की। विधानसभा की कार्रवाई दो बार स्थगित की गई। विपक्ष के सदस्य गर्भगृह में आकर धरना देने लगे। इसके पश्चात अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह उन्हें समझाइश दी कि वे स्वयं निलंबित हो गये है इसलिए सदन छोड़कर चले जाए। लेकिन विपक्ष के सदस्य नहीं माने और धरने पर बैठे रहे जिसके कारण विधानसभा की कार्रवाई फिर बाधित हुई। इसके पश्चात पुनः विधानसभा की कार्रवाई स्थगित कर दी गई। विधानसभा में आज कांग्रेस के उमेश पटेल ने डीएपी खाद की मांग तथा इसकी आपूर्ति के बारे में जानकारी मांगी। उन्होंने पूछा की सरकार किसानों को किस कारण से डीएपी खाद उपलब्ध नहीं करा पा रही है। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने बताया कि भारत सरकार द्वारा 3,10, 000 टन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है जून माह तक 2, 19 हजार मीटरिक टन की सप्लाई उर्वरक मंत्रालय द्वारा की गई है। मंत्रालय द्वारा 30 जून 2025 तक 108000 टन का भंडारण किया गया है। उन्होंने कहा कि सप्लाई निरंतर जारी है राज्य में खाद की कमी नहीं है वैकल्पिक खाद के रूप में नैनो डीएपी की पूर्ति की जा रही है।
अध्यक्ष ने कांग्रेस सदस्यों को दी समझाइश
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि इस पूरे मुद्दे पर 15 20 मिनट से अधिक चर्चा हो चुकी है। अन्य सदस्यों को भी प्रश्र पूछना है इसलिए कृषि मंत्री बताया कि डीएपी की शतप्रतिशत व्यवस्था के लिए आप क्या कर रहे हैं। कृषि मंत्री ने कहा कि यह एक वैश्विक समस्या है सभी राज्यों में डीएपी को लेकर संकट चल रहा है। वैकल्पिक खाद के रूप में तरल नैनों डीएपी का उपयोग करने की सलाह दी गई है। सदन में देवेंद्र यादव,रामकुमार यादव, संगीता सिन्हा सहित अन्य
सदस्यों ने भी खाद की समस्या को लेकर प्रश्र दागे।
किसान विरोधी सरकार नहीं चलेगी…
सदन के अंदर विपक्षीय सदस्यों के आक्रामक रूप को देखते हुए विधानसभा की कार्रवाई पहले पांच मिनट के लिए स्थगित की गई। कृषि मंत्री के जवाब से असंतुष्ठ कांग्रेस सदस्यों ने जमकर नारेबाजी की। किसान विरोधी सरकार नहीं चलेगी, नहीं चलेगी। मंत्री इस्तीफा दो इस्तीफा दो के नारे लगाए गये। विधानसभा में कांग्रेस के अनीला भेडिय़ा संगीता सिन्हा, कविता लहरे, यशोदा वर्मा,लाल जी राठिया एवं लखेश्वर बघेल ने भी बेंच में खड़े होकर अपना विरोध किया तथा नारा लगाते हुए गर्भ गृह में आ गये।
गर्भगृह में दिया धरना
कांग्रेस विधायकों ने आज नारेबाजी करते हुए धरना दिया तथा वहां पर बैठ गये। विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह कहा कि विस की प्रक्रिया के अनुसार वे स्वयं निलंबित हो गये है छग विस उच्च संसदीय परंपरा के लिए जाने जाती है इसलिए आप इसकी गरीमा का ध्यान रखें। लेकिन विपक्ष सदस्य नहीं माने और नारे बाजी करते रहे। जिसके कारण विस की कार्रवाई एक बार पुनः स्थगित हुई इसके पश्चात 12.40 को प्रारंभ हुई।
अमानक खाद की आपूर्ति करने का आरोप लगाया भूपेश बघेल ने


प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनांदगांव सहित अन्य जिलों में अमानक खाद बेची जा रही है। जिसके कारण किसान परेशान हो गये है। कृषि मंत्री ने कहा कि अमानक खाद का नमूना लिया गया है जिसकी जांच जारी है। उन्होंने बताया कि सहकारी समितियों के माध्यम से 60 प्रतिशत खाद की आपूर्ति की जा रही है शेष निजी क्षेत्रों को दी जाती है। कांग्रेस के उमेश पटेल ने कहा कि खाद की काली बाजारी हो रही है यह 1900 प्रति बोरा की दर से मिल रही है। कृषि मंत्री ने कहा कि धडिय़ाली आंसू बहाना बंद करे। कांग्रेस शासन काल में भी यह संकट बरकरार था।
भूपेश बघेल समेत सभी विपक्षी विधायक सस्पेंड


पूर्व सीएम भूपेश बघेल बुधवार को विधानसभा में बिजली की दरों में वृद्धि के मसले पर सीएम के जवाब से अपने कांग्रेस सदस्यों के संतुष्ट होने से नाखुश हैं। वो खुद सदन में मौजूद नहीं थे। लेकिन उन्होंने इशारों-इशारों में अपनी असहमति का इजहार कर दिया। उन्होंने हल्के फुल्के अंदाज में कहा कि हम उस ‘ट्रंप ’को खोज रहे हैं जिसने सीजफायर किया था। गुरुवार को विधानसभा की कार्यवाही हल्के फुल्के अंदाज में शुरू तो हुए लेकिन आधे घंटे बाद ही तल्खी में बदल गई और समूचे कांग्रेस विधायकों को दिन भर के लिए निलंबित कर दिया गया। पूर्वाह्न 11 बजे प्रश्न काल शुरू होते ही भाजपा के अजय चंद्राकर ने बुधवार को नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत के सदन बहिष्कार का मामला उठाया।
वन अधिकार पत्रों को निरस्त करने भारत सरकार से मांगा गया मार्गदर्शनःनेताम


आदिमजाति विकास मंत्री रामविचार नेताम ने बताया कि सरगुजा जिले में फर्जी वन अधिकार पत्रों को निरस्त करने के संबंध में भारत सरकार से मार्गदर्शन चाहा गया है। तत्संबंध में भारत सरकार से प्राप्त निर्देशानुसार विधिक कार्यवाही हेतु प्रक्रियाधीन है। विधानभा में आज भाजपा के राजेश अग्रवाल ने पूछा कि वन भूमि में कब्जाधारियों के अधिकार पत्रों को निरस्त करने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है और इसमें प्रक्रिया लंबित हैं।आदिमजाति मंत्री ने बताया कि वनअधिकार पत्रों के आधार पर 26830 वन अधिकार पत्र के बाद 14183.95 हेक्टरभूमि पर कब्जा है। शिकायतों के आधार पर 2079 व्यक्तियों के अनुमोदन निरस्त किए गए हैं। वन अधिकार अनिधिम के तहत प्राप्त हितग्राहियों को लाभान्वित करने की कार्यवाही की जाती है।


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