भाव विभोर हुए मंत्री तो गुरुओं ने दिया आशीर्वाद
चिरमिरी,12 जुलाई 2025 (घटती-घटना)। गुरु शिष्य की परंपरा का प्रतीक गुरु पूर्णिमा पर भारतीय जनता पार्टी जिला इकाई एमसीबी ने एक ऐतिहासिक पहल की। इस दौरान भारतीय जनता पार्टी ने जिले के स्थानीय गुरुओं को एक मंच में लाकर चरण वंदना,पूजन और सम्मान स्वरूप शाल,श्रीफल,मिठाई और मोमेंटो भेंट किया। ज्ञात हो कि गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर चिरमिरी के हल्दीबाड़ी एनसीपीएच क्लब में आयोजित श्री गुरु पूर्णिमा उत्सव 2025 गुरु पूजन,गुरु सम्मान समारोह में शामिल हुए प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री भावुक हो गए, दरअसल गुरु पूजन कार्यक्रम में पधारे गुरुओं में कई गुरुओं के सानिध्य में मंत्री जी ने ज्ञान का अर्जन लिया था। इस दौरान श्री जायसवाल पधारे समस्त गुरुओं की चरण वंदना कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
उक्त कार्यक्रम में सम्मानित हुए गुरु
उक्त कार्यक्रम में सम्मानित गुरुओं, वरिष्ठजनों में कैलाश पाण्डेय, यशवंत सिंह, भागवत दुबे, झारोलिया जी, कृष्णा मैम,प्रणव चक्रवर्ती,जगन्नाथ मंदिर के महंत,कथा वाचक मिथलेश जी,हरिकांत अग्निहोत्री,राजेंद्र पटेल, राजेंद्र शुक्ला,राम नरेश सिंह, साधुराम बेलबंशी,तरुण शर्मा,डीके उपाध्याय शामिल रहे वही कार्यक्रम को सफल बनाने अनिल केशरवानी, द्वारिका जायसवाल,राहुल सिंह, रीत जैन,कीर्ति वासो,संतोष सिंह,रघुनंदन यादव,गौरी हाथगेन,इंदु पनेरिया,रीता आइच सहित जिला भाजपा के पदाधिकारी, महिला कार्यकर्ता, नगर निगम चिरमिरी के एमआईसी, पार्षदगण की अहम भूमिका रही।
स्वास्थ्य मंत्री ने अनेक उदाहरणों से गुरु-शिष्य परंपरा को किया रेखांकित
कार्यक्रम में मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि गुरु नहीं तो ज्ञान नहीं,और ज्ञान के बिना मानवता का कोई अस्तित्व नहीं। उन्होंने संत कबीर की अमर वाणी गुरु गोविंद दोऊ खड़े काके लागू पाय बलिहारी गुरु आपने गोविंद दियो बताए का उल्लेख करते हुए गुरु-शिष्य परंपरा की महत्ता बताई और कहा कि आज की युवा पीढ़ी को भारतीय मूल्यों और परंपराओं से जुड़ने को कहा है। उन्होंने ब्रिटिश काल की शिक्षा नीति की आलोचना करते हुए कहा कि लॉर्ड मैकाले की नीतियों ने हमारे महापुरुषों को इतिहास से हटाकर विदेशी आक्रांताओं का महिमामंडन किया। लेकिन आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू की गई नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत हमारे गौरवशाली नायकों जैसे चंद्रगुप्त मौर्य, सम्राट अशोक, शिवाजी महाराज, अहिल्याबाई होलकर जैसे महान विभूतियों को शिक्षा के केंद्र में लाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत न केवल शिक्षा के क्षेत्र में बल्कि आत्मनिर्भरता, नवाचार और सांस्कृतिक जागरण की दिशा में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। श्री जायसवाल ने आगे कहा कि आज का दिन भारत के लिए बेहद खास है और इससे बड़ा दिन कोई हो ही नहीं सकता है क्योंकि गुरुओं का स्थान भगवान से भी ऊपर है। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम को मर्यादित गुरुओं के ज्ञान ने किया,नटखट कृष्ण को गुरु का ही सानिध्य रहा जो नारायण बना दिया। गुरु के बिना ज्ञान का संचार नहीं हो सकता।
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