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कोरिया/सूरजपुर@ पुल नही,बीमार को पहले कंधे पर बैठाया फिर नदी पार कर अस्पताल पहुचाने मजबूर ग्राम वासी

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सोनहत विकासखण्ड से सूरजपुर जिले की सीमा पर लगे ग्राम रसौकी का मामला
पूर्ववर्ती सरकार में सड़क व पुल निर्माण के लिए 23 करोड़ की हुई थी स्वीकृति
नई सरकार ने रोका दिया कामःपारसनाथ राजवाड़े पूर्व विधायक
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के विधानसभा क्षेत्र का है मामला
क्या ऐसे दृश्य देख कर भी सरकारों का नही पसीज रहा दिल?
-राजन पाण्डेय-
कोरिया/सूरजपुर,05 जुलाई 2025 (घटती-घटना)।
छत्तीसगढ़ में सरकारों ने ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए करोड़ों खर्च किया। लेकिन धरातल से ऐसी तस्वीरें सामने आती है जो सरकार के विकास के दावों की पोल खोल देती है। सोनहत विकासखण्ड के सेमरिया ग्राम के ठीक बगल में सूरजपुर जिले के रसौकी ग्राम से ऐसा ही एक मामला देखने को मिला सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक बीमार व्यक्ति को कंधे पर बैठा कर पैदल नदी पार करा रहे हैं। वही दूसरे तरफ इसी नदी में बाइक को भी कंधे पर लोड करके नदी पार की जा रही है। इसका कारण यह है कि नदी में पुल नहीं है. जिसकी वजह से खास कर बरसात के दिनों में ग्रामीणों को भारी परेशानी होती है ,और एंबुलेंस बीमार व्यक्ति के घर तक नहीं पहुंच सकती ये वीडियो दो दिन पुराना है, जो इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिससे शासन-प्रशासन की जमकर किरकिरी हो रही है।


कांग्रेस सरकार में स्वीकृत थी सड़क भाजपा सरकार ने रोका:पारस नाथ राजवाड़े
इस सबन्ध में भटगांव विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक पारस नाथ राजवाड़े ने जानकारी देते हुए बताया कि रसौकि से नवाटोला तक 12 किलोमीटर सड़क पुल पुलिया सहित स्वीकृत हुआ था जिसकी लागत 23 करोड़ 46 लाख की थी, इसके लिए 5 जनवरी 2023 को ही स्वीकृति आदेश एवं राशि जारी हो गई थी लेकिन सरकार बदलने के बाद सुशासन के नाम का वादा करके आई नई सरकार ने उक्त सड़क का कार्य रोक दिया और स्थिति आज भी दयनीय है, पूर्व विधायक ने आरोप लगाते हुए कहा यही नही हरिहरपुर से घुइडी तक मुख्य मंत्री ग्राम सड़क के तहत पक्की सड़क पुल पुलिया सहित स्वीकृत हुआ था,इसे भी रोक दिया गया यह दोनों क्षेत्र कोरिया जिले की सीमा से टच होते हैं, पूर्व सरकार में मैंने इसे स्वीकृत कराया था ताकि सीमावर्ती ग्रामो को इसका लाभ मिल सके लेकिन पूर्व सरकार के कार्यो पर रोक लगा दिया गया जिसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।
क्या ओछी राजनीति का शिकार हो रहा क्षेत्र?
पूर्व विधायक का कहना है सड़क स्वीकृत थी,जिसे रोक दिया गया, यह वर्तमान सरकार और मंत्री पर भी गम्भीर सवाल खड़ा करता है,क्या श्रेय लेने की राजनीति ने सड़क और पुल पुलिया के निर्माण पर ग्रहण लगा दिया, क्या पूर्व सरकार के स्वीकृत कार्यो को वर्तमान सरकार नही कराना चाहती? बहर हाल जो भी हो पर वर्तमान में नुकसान जनता का हो रहा है।
पुल के साथ सड़क का निर्माण जल्द हो:अवध यादव
इलाके के सामाजिक कार्यकर्ता अवध यादव ने कहा कि रसौकी से उमझर मार्ग अत्यंत जर्जर एवं नदी पर पुल नही होने से भारी परेशानी हो रही है, बरसात में बहुत दिक्क्क्त है,स्वस्थ्य एवं शिक्षा के लिए लोग परेशान होते है, आपात स्थिति में एम्बुलेंस नही पहुच पाती, शासन प्रशासन को जल्द संज्ञान लेकर सड़क एवं पुल की व्यस्था करनी चाहि वही महेश यादव ने कहा कि बरसात बहुत परेशानी है लॉक मुख्यालय जाने के लिए एक ही नदी को 3 बार पार करके जाना पड़ता है, आपात स्थिति में कोरिया जिले के सोनहत लॉक पर निर्भर होना पड़ता है पर वहां पहुचने में भी सेमरिया घाट की चढ़ाई चढ़नी पड़ती है, शासन से गांव की मांग है जल्द सड़क एवं पुल बने।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े का विधानसभा क्षेत्र का ग्राम है रसौकी
रसौकी उमझर ग्राम मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के भटगांव विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आता है,रसौकि से बिहारपुर लगभग 30 किलोमीटर के आस पास की दूरी है जिसमे ग्रामीणों की माने तो लगभग 20 किलोमीटर की सड़क पिछ्ली सरकारों में बनाई जा चुकी है लेकिन यह 12 किलोमीटर के कच्चे रास्ते के पक्के होने की उम्मीद ग्रामीणों ने मंत्री महोदया से लगा रखा है,अब लोगो की उम्मीदें एवं मांग कब पूरी होगी ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा।
मूलभूत सुविधाओं से वंचित है इधर के ग्रामीण अंचल
रसौकी ग्राम में मूल भूत सुविधा सड़क बिजली पानी का सर्वथा अभाव रहा है वर्तमान में भी मूल भूत सुविधाओ को लेकर काफी जद्दो जहद है। आलम है कि लंबे समय से परेशानी झेल रहे ग्रामीण अब अपनी नियति को कोसने लगे है, खराब सड़क के कारण लोगो खास कर शिक्षा स्वस्थ्य की परेशानी हमेशा लगी रहती है। इस सबन्ध में ग्राम सरपँच सहित ग्रामीणों ने कई बार कलेक्टर सूरजपुर सहित जनप्रतिनिधियों और शिविरों में आवेदन देकर मांग किया लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नही होने से ग्रामीण मायूस हैं, ग्रामीणों की मांग है कि शीघ्र पुल और सड़क का निर्माण हो ताकि ग्राम वासी मुख्य धारा से जुड़ सके।
सूरजपुर जिले के रसौकी से उमझर मार्ग पर पुल नही
ग्राम पंचायत रसौकी सुरजपुर जिले में पड़ता है जो कि कोरिया जिले का सीमावर्ती जिला है जहां से बरंगा नदी बहती हैं , और यह नदी इतनी घुमाव दार है कि इस नदी की रसौकि से उमझर के बीच मे तीन जगह पर पार करना पड़ता है ,जिसे लोग रोज जान जोखिम में डालकर नदी पार करते हैं,इस सम्बद्ध में रसौकी के महेश एवं अवध यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि रसोकी निवासी एक बीमार ग्रामीण को अस्पताल के ले जाने के लिए गांव के ही दूसरे व्यक्ति ने अपने पीठ पर बिठाकर नदी पार कराई इसके बाद बाइक को भी दो लोगो न कंधे पर उठा कर नदी पार कराया जिसके बाद मरीज को हॉस्पिटल लेजाया गया। अवध यादव ने बताया कि मुख्य सड़क मार्ग कोरिया जिले से सुरजपुर जिले बिहारपुर मुख्य मार्ग है जो कि पूरा 20 किलोमीटर कच्ची सड़क है।
रसौकी में पूरे बरसात रहता है यही हाल
महेश यादव का कहना है कि बिहारपुर तहसील का रसौकि गांव है। जो दुरस्त पहाड़ी क्षेत्र में है और उस गांव में जाने के लिए एक नदी है है, जिसमे में आज भी पुल नहीं बन पाया है और लोगों को भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है,मरीजों को लाने ले जाने के लिए 108 एंबुलेंस नहीं पहुंच रही है। वहां विशेष पिछड़ी जनजाति सहित कई समाज के लोग जीवन यापन करते हैं। उल्लेखनीय है कि सरकार बड़े-बड़े वादे करती है, राशि उपलध कराती है लेकिन धरातल पर विकास कार्य नहीं दिख रहा है।
पूर्ववर्ती सरकार में स्वीकृत हुई थी सड़क
पूर्व वर्ती कांग्रेस की सरकार में तत्कालीन विधायक पारस नाथ राजवाड़े के प्रयासों से सड़क निर्माण कराया गया था लेकिन उक्त सड़क उमझर आस पास तक ही बनाई गई रसौकि से उमझर तक रस्ता अभी भी कच्चा ही है,नई सरकार बनने के बाद से लोगो मे उम्मीद जगी थी कि बची हुई सड़क का निर्माण होगा लेकिन अभी तक ग्रामीणों के हाथ मायूसी ही लगी है


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