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कोरिया@जिले में धान खाद की किल्लत के बीच रोपाई हुई शुरू,धान की खेती में युद्ध स्तर पर जुटे किसान

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-राजन पाण्डेय-
कोरिया,04 जुलाई 2025 (घटती-घटना)। 20 जून के बाद किसानों के धान के खेती का कार्य शुरू हो गया है कुछ किसानों ने पहले थरहा कर लिया था उनका धान रोपाई का इंतजार अब खत्म हो चुका है। इन दिनो कोरिया जिले के सोनहत बैकुंठपुर और पटना तहसील तथा उसके आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों ने धान की रोपाई के लिए खेतों को तैयार करना शुरू कर दिया है। जिसके लिए वे ट्रैक्टर से अपने खेतों को तैयार करने में जुट गए हैं। किसानों ने कुछ जगह धान की रोपाई का काम शुरू कर दिया है। हालांकि अभी क्षेत्र में धान की रोपाई पूरी तरह से शुरू नहीं हुई है। लेकिन उम्मीद है कि आने वाले एक सप्ताह में में धान की रोपाई का काम तेजी पकड़ जाएगा।
पिछले साल की तुलना में अभी तक डेढ़ गुनी ज्यादा बारिश
जिले में इस साल पिछले साल की तुलना लग्भग डेढ़ गुनी ज्यादा बारिश हुई है सोनहत तहसील से मिली जानकारी अनुसार सोनहत विकासखण्ड में अभी तक 169 मिमी वर्षा हो चुकी है जबकि पिछले साल आज की तारीख तक सिफऱ् 94 मिमी वर्षा रिकार्ड की गई थी इसी प्रकार बैकुंठपुर में भी पिछले साल के मुकाबले ज्यादा वर्षा होने की जानकारी मिली है
सोनहत क्षेत्र में मूँगफली और धान के बीजों का वितरण
कोरिया जिले के ग्राम जामपारा,खोडरी व विकासखण्ड सोनहत अंतर्गत ग्राम मझारटोला एवं सुन्दरपुर में कृषि विभाग द्वारा किसानों को निशुल्क अरहर, उड़द,तिलहन व मूँगफली और धान के बीजों का वितरण किया गया। यह वितरण अनुदान के तहत ‘नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल‘ योजना के अंतर्गत संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम का आयोजन वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, सोनहत कार्यालय द्वारा किया गया था। योजना का उद्देश्य क्षेत्र में तिलहन फसलों का विस्तार कर किसानों को आत्मनिर्भर बनाना है। शासन द्वारा सोनहत क्षेत्र में विशेष रूप से तिलहन और दलहन उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए किसानों को लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है।
कलेक्टर के निर्देश पर विशेष चला अभियान
कलेक्टर श्रीमती चन्दन त्रिपाठी के निर्देशानुसार जिले में तिलहन व दलहन फसलों पर विशेष ध्यान देते हुए, कृषि विभाग कोरिया की टीम द्वारा क्षेत्र में लगातार मैदानी भ्रमण कर किसानों को जागरूक किया जा रहा है। कृषि अधिकारियों और फील्ड अमले की सक्रिय भूमिका से किसान नवीन तकनीकों और योजनाओं से लाभान्वित हो रहे हैं। बीज प्राप्त करने वाले किसानों ने शासन एवं कृषि विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए बताया कि इस प्रकार की योजनाएं उत्पादन लागत को कम करने और आय बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो रही हैं।
एन वक्त पर खाद की किल्लत
जिले के सोनहत रामगढ़ रजौली सुंदरपुर बैकुंठपुर पटना,सलका समेत कई गांवों में खेती का काम शुरू हो चुका है। धान की रोपाई से पहले डीएपी खाद डालना जरूरी है। सहकारी समितियों में डीएपी खाद नहीं मिलने से किसानों को निजी दुकानों का रुख करना पड़ रहा है। प्राइवेट दुकानदार सहकारी समिति के मूल्य से ज्यादा में खाद मिल रही हैं। समितियों में फिलहाल डीएपी उपलध नहीं है। धान की रोपाई से पहले डीएपी खाद डालना जरूरी है। सहकारी समितियों में खाद नहीं मिलने से किसानों को निजी दुकानों का रुख करना पड़ रहा है। किसानों की मांग है कि सहकारी समितियों में जल्द से जल्द खाद उपलध कराई जाए। साथ ही प्राइवेट दुकानदारों द्वारा की जा रही मनमानी पर रोक लगाई जाए।
आवारा मवेशियों से किसान परेशान,
फसल को हो रहा नुकसान

कोरिया जिले के सोनहत पटना तहसील क्षेत्र में आवारा पशुओं ने किसानों को परेशान कर रखा है आलम है आवारा मवेशी किसानों की धान की नर्सरी को काफी नुकसान पहुंचा रहे है। यह एक ऐसी समस्या है फिलहाल इसका कोई इलाज नही है दिन और रात दोनो समय आवारा मवेशी फसल को नुकसान पहुचा रहे हैं वही शासन प्रशासन की ओर से इस सम्बंध में कोई आवश्यक कदम नही उठाये जा रहे है।किसानों की मेहनत की कमाई आवारा पशुओं द्वरा कुछ हीघटों में नष्ट कर दी जाती है।
महिलाएं भी जुटी धान की रोपाई में…
इस बार धान की रोपाई में क्षेत्र की महिलाएं भी लगी हुई है खेत में धान की रोपाई कर रही महिलाओ ने बताया कि वे सभी रोपाई का काम इसलिए कर रही हैं ताकि उनके परिवार की आर्थिक आमदनी बढ़े व जरूरतें पूरी हो सके। सभी सुबह आपने घर के कार्य निपटाकर खेतों में काम करने के लिए आ जाती है।
कई जगह पानी ज्यादा होने के कारण कर चोपी
कुछ किसानों ने पानी के इंतज़ार में बीज का थरहा नही किया था लेकिन जब पानी आया तो कई किसानों को थरहा करने का मौका ही नही मिल पाया इस लिए कई किसान अब चोपी बीड़ा थहर रहे हैं, सूखा बोन वालो के लिए सोनहत में 4 दिन से पानी नही गिरने के कारण मौका मिल गया लेकिन जिन्होंने पानी गिरने के ठीक पहले थरहा किया था ज्यादा पानी गिरने से उनके बीज खराब हो गया इससे किसानों को कई जगह नुकसान भी हुआ है।
धान की सीधी बिजाई करें
जानकर बताते हैं कि इन दिनो में जो बारिश हुई है इसका सीधा लाभ किसानों को धान की रोपाई के लिए मिलेगा। किसानों को पानी व धान का लागत मूल्य कम करने के लिए धान की सीधी बीजाई करनी चाहिए। धान की रोपाई के लिए ट्रैक्टर से खेत तैयार कर रहे जितेंद्र लठवाल, राजेश कंबोज,जितेंद्र शर्मा ने बताया कि जैसा कि सभी किसान जानते है कि धान की फसल को सबसे ज्यादा की आवश्यकता पड़ती है। इसको लेकर किसानों के लिए राहत की बात यह है कि है कि अभी मौसम में आए बदलाव और बारिश होने के चलते किसानों को इसका यह लाभ होगा कि उनके खेतों में नमी बरकरार है और आगे होने वाली बारिश से धान की फसल में कुदरती सिचाई पूर्ति होगी।


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