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कोरिया@पूर्ववर्ती सरकार में स्वीकृत रामगढ़ से कोटाडोल 46 करोड़ के सड़क निर्माण कार्य को प्रारंभ करने शीघ्र मिले अनुमतिःगुलाब कमरो

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-राजन पाण्डेय-
कोरिया,01 जुलाई 2025 (घटती-घटना)। भरतपुर-सोनहत क्षेत्र क्रमांक 01 के पूर्व विधायक एवं आदिवासी विकास प्राधिकरण के राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त पूर्व उपाध्यक्ष गुलाब कमरो ने कोरिया जिले के ग्राम रामगढ़ से ग्राम कोटाडोल तक प्रस्तावित 27.20 कि.मी. लम्बी सड़क के निर्माण कार्य को शीघ्र प्रारंभ करने की मांग की है।
पूर्व विधायक गुलाब कमरों ने इस विषय में छत्तीसगढ़ शासन के लोक निर्माण विभाग के सचिव को पत्र प्रेषित कर आग्रह किया है कि द्वितीय अनुपूरक वर्ष 2022-23 में स्वीकृत इस निर्माण कार्य के लिए रु. 46.95 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति दिनांक 22 सितंबर 2023 को जारी की जा चुकी है। अब केवल शासकीय मितव्ययता के अंतर्गत वित्त विभाग की अनुमति अपेक्षित है। उन्होंने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि यह मार्ग क्षेत्रीय जनता की जीवन रेखा है और इसके निर्माण से ग्राम रामगढ़, कोटाडोल सहित आसपास के अनेक गांवों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिलेगी,जिससे शिक्षा,स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। पूर्व विधायक कमरो ने शासन से आग्रह किया है कि जनहित को सर्वोपरि मानते हुए इस मार्ग निर्माण हेतु अनुमति शीघ्र प्रदान की जाए, ताकि कार्य प्रारंभ कर समय पर पूर्ण किया जा सके।
दर्जनों गांव को जोड़ने वाली सड़क का निर्माण ठंडे बस्ते में…
रामगढ़ से कोटाडोल सड़क के बनने से देवसिल कटवार, रौंख मसर्रा, सोनवाहि, सीतापुर, नटवाहि, चुलादार कुहूकपुर सहित मनियारी बडेरा बड़गांव खुर्द बड़गांव कला सहित दर्जनों बड़े ग्राम के लोगो को लाभ मिलता लेकिन उक्त सड़क स्वीकृति पश्चात ठंडे बस्ते में चले जाने से ग्रामवासी मायूस है और आक्रोशित भी हैं उल्लेखनीय है कि पूर्व वर्ती सरकार में तत्कालीन विधायक से ग्रामीणों ने लगातार इस सड़क का मांग किया था जब जब विधायक का दौरा होता था ग्रामीणो की प्रमुख मांग यही रहती थी, ग्रामीणों की मांग पर विधायक गुलाव कमरो के लगातार प्रयास से तत्कालीन मुख्यमंत्री भुपेश बघेल ने इसकी घोषणा की और कार्य का स्वीकृति आदेश और राशि सरकार ने जारी कर दिया उक्त आदेश सितंबर 2023 में हुआ इसके बाद 2024 में सरकार बदल गई तब से उक्त सड़क स्वीकृति के बाद भी ठंडे बस्ते हैं।
क्या राजनीति का शिकार हो गई 46 करोड़ की सड़क?
उक्त सड़क की स्वीकृति कांग्रेस सरकार में 46 करोड़ की लागत से हुई थी, लेकिन सरकार बदलने के बाद ठंडे बस्ते में जाने से यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या उक्त सड़क कांग्रेस सरकार ने स्वीकृत किया था इस लिए भजपा सरकार इसे आगे बनाना नही चाहती,क्या यह सड़क राजनीति का शिकार हो गई, आखिर इतने ग्राम के लोगो की आवाज क्यों नही सुनी जा रही यह आम लोगो मे चर्चा का विषय है। खराब रस्ते के चलतेवर्तमान में बहुत कठिन है यहां का सफर- वर्तमान में रामगढ़ से कोटाडोल की सड़क की स्थिति बहुत ही खराब है,चार पहिया वाहनों का आवागमन में दम निकल जा रहा है ऐसी स्थिति में आपातकालीन समय मे ग्रामीणों को कितनी परेशानी होती होगी इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है, इस क्षेत्र में 108 और 102 कि सेवाएं भी बा मुश्किल ही मिल पाती हैं ऐसे में यदि सड़क बनती तो ग्रामीणों को बहुत फायदा होता।
पूर्व में भी भेजा था पत्र
उल्लेखनीय है कि भरतपुर सोनहत के पूर्व विधायक ने पूर्व में भी छत्तीसगढ़ शासन को पत्र लिख कर इस सड़क को शुरू करने की मांग किया था लेकिन कोई कार्यवाही नही हुई, पुर्व विधायक का कहना है जब राशि पूर्व से स्वीकृत है तो निर्माण चालू कराने में क्या दिक्कत है , काम होगा तो फायदा जनता को होगा क्षेत्र का विकास होगा, ऐसे ही रहा तो कुछ दिनों में उक्त सड़क की राशि लेप्स होने की संभावना बन सकती है इस लिए क्षेत्र की जरूरत और मांग अनुसार उक्त अति आवश्यक सड़क का निर्माण जल्द शुरू होना चाहिए।


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