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कोरिया@लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को मजबूत करने के लिए फिर से एकजुट होते दिखे पत्रकार

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-रवि सिंह-
कोरिया,30 जून 2025 (घटती-घटना)। देश के चौथे लोकतंत्र को मजबूत करने व उसकी बुनियादी जड़ों को मजबूत रखने के लिए कोरिया जिले में पत्रकार एक मंच पर एक होने के प्रयास में जुटे हुए हैं,जिसके लिए पहली बैठक आयोजित की गई और जिले में पत्रकार वह पत्रकारिता दोनों को एक नए आयाम पर पहुंचने के लिए एक जूटता का संदेश देने का प्रयास किया,सभी पत्रकारों का एकजुट होना काफी मुश्किल है फिर भी प्रयास किया गया,जिला विभाजन के बाद क्षेत्रफल भी छोटा हो चुका है और इस जिले के पत्रकारों की संख्या भी काम हो चली है और अब संगठित होना काफी आसान हो गया है पर क्या सभी संगठित हो पाएंगे यह बड़ा सवाल है? पुराने धुरंधर पत्रकार का एक होना काफी जरूरी है क्योंकि उनके पास तजुर्बे के साथ-साथ अनुभव भी पत्रकारिता का काफी है पर अभी भी यह पत्रकार पूरी तरीके से एक नहीं हो पा रहे हैं, इसके पीछे की कुछ अंदरूनी वजह है जो खत्म होने का नाम नहीं ले रही है,लंबे समय के इंतजार के बाद पुराने पत्रकारों ने एक बार फिर से नए यूथ को जोड़कर पत्रकारों को संगठित करने का जोखिम उठाया है, अब देखना है कि यह कितने सफल हो पाते है क्योंकि मंच तो एक होने के लिए सही है पर कुछ अंदरूनी स्थितियां लोगों को एक होने से अड़चन पैदा कर देती हैं, यदि उन सबको भूल कर सभी एक होते हैं तो लोकतंत्र को मजबूती जरूर मिलेगी ऐसा माना जा रहा है। लोकतांत्रिक देश में व्यवस्थापिका, कार्यपालिका न्यायपालिका के बाद सबसे अहम स्तंभ है लोकतंत्र का चौथा स्तंभ प्रेस और पत्रकारिता। जनसरोकार और निष्पक्षता के साथ क्रियाशील पत्रकारिता जो पैनी नज़र रखे शासन प्रशासन के साथ जनता के बीच के सटीक धुरी बने। इसकी स्वतंत्रता का हनन ना हो और अव्यवस्था पर कलम चले और शासन जागरूक हो उक्ताशय के विचार वरिष्ठ पत्रकार विनोद शर्मा ने पत्रकार भवन में आयोजित बैठक में व्यक्त किए। विदित हो कि स्थानीय पत्रकार भवन में विभिन्न संगठनों के वरिष्ठ पत्रकार,संपादकगण की उपस्थिति में बैठक आयोजित हुई। आपको बता दें उक्त बैठक में कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए जिसमे पत्रकारों हेतु आवास निर्माण हेतु भूमि आवंटन को लेकर पंजीकृत सोसाइटी का गठन करना,पत्रकार भवन में ‘प्रेस से मिलिए’ कार्यक्रम का आयोजन हो जिसमे मंत्री,विधायक और आधिकारी सम्मिलित हो उचित सम्मान पत्रकार को मिले, पत्रकार भवन के कुछ हिस्सों को भाजपा कार्यकाय हेतु किराए पर दिया जाना ताकि आय का साधन पत्रकारहित में सुनिश्चित हो, पत्रकार भवन के संचालन और निर्णय के लिए एक संचालन समिति का गठन करने का निर्णय लिया गया। बैठक में विनोद शर्मा, कमलेश शर्मा,फारुख ढेबर, दुष्यंत कुमार,अनूप बड़ेरिया,योगेश चंद्रा कृष्ण विभूति तिवारी,अमित श्रीवास्तव,संवर्त कुमार रूप राजन पांडे,मनोज सिंह, अजीम अंसारी, अजीत पाटकर, कमालुद्दीन, तीराजुद्दीन राजू खान, अजय गुप्ता, अजय रजक, अनवर आलम सिद्दीकी, मो शाहबाज आलम, लाल दास महंत कल्ला सहित कई पत्रकारगण उपस्थित रहे।
इन पत्रकारों ने भी अपनी बात रखी
सभा को संबोधित करते हुए वरिष्ठ फारुख ढेबर ने कहा कि पत्रकार के लिए सबसे जरूरी है रोजमर्रा की जिंदगी में समाचार के साथ साथ आय का सुगम साधन की उपलब्धता यह सुनिश्चित होना जरूरी है। पत्रकार मनोज सिंह ने कहा कि पत्रकार हित को लेकर योजना बने, बैठक का समय समय पर आयोजन हो और निर्णयों का सही क्रियान्वयन हो। वरिष्ठ पत्रकार कृष्ण विभूति तिवारी ने कहा कि पत्रकार अपना कार्य कर रहा है लेकिन उसका उचित मानदेय उसे प्राप्त नही होता वह अपना पूरा समय निकालकर केवल जनता को सूचना पहुंचाने का कार्य करता है उसके लिए भी सोचना जरूरी है जो अमूमन होता नही है। पत्रकार राजन पांडे ने कहा कि पत्रकारों के हित में केवल बात नही कार्य होना जरूरी है। उसके संघर्ष को समझना जरूरी है,उसके दिनचर्या को समझिए कि वह कैसे ग्राम, जंगल, शहर, आदि स्थानों में मौसम की मार कभी भूखे प्यासे कभी जान को जोखिम में डालकर पत्रकारिता करता है उसके लिए बने नियम क्रियाशील नही है जो बहुत जरूरी है। पत्रकार कमालुद्दीन ने कहा कि संगठन भले कई है लेकिन सब एकता के सूत्र में बंधे और एक संघटन को लेकर आगे बढ़े। इसी तरह अजीम अंसारी ने कहा कि यह बहुत सुंदर समायोजन है कि सभी यहां उपस्थित है। सभी निर्णय लेकर इस वर्ग के हितबद्ध कार्य करें। अमित श्रीवास्तव ने कहा कि जरूरी है कि बैठक में जो बाते पत्रकार हित में आई है वह सार्थक हो और उस पर कार्य हो।युवा पत्रकार राजू खान ने कहा कि पत्रकारों के साथ अन्याय और कही कही मुंहदेखी हो जाती है यह नही होनी चाहिए लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कार्यशील है सभी अपने अपने जगह उचित दायित्व का निर्वहन करते है। युवा पत्रकार शाहबाज आलम ने कहा कि इस फील्ड में कुछ दिक्कतें आती है जो सार्थक लोग है भवन में उनका नाम और बैनर डिस्प्ले होना चाहिए ताकि अन्य को जानकारी मिले। आभार प्रदर्शन करते हुए बैठक के संयोजक अनूप बड़ेरिया ने कहा कि आप सभी कलम के जादुगर है सिपाही है। और अपने अपने जगह पर सजग है क्रियाशील है। आप सबने अपना अमूल्य समय इस महत्वपूर्ण बैठक में दिया है।
पत्रकार हित ही हमारा उद्देश्य है…
कार्यक्रम की रूपरेखा पर पत्रकार योगेश चंद्रा ने प्रकाश डालते हुए कहा कि हम सब एक है,और आज यहां कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर निर्णय लेने उपस्थित हुए है पत्रकार हित ही हमारा उद्देश्य है पत्रकार को अवसर की समता का लाभ हो और वह सुरक्षित जीवन जिए।
जनता की आवाज कौन उठाएगा…
बैठक में प्रेस क्लब के अध्यक्ष वरिष्ठ संपादक कमलेश शर्मा ने कहा कि पत्रकार जनता और तंत्र को चलायमान करने वाले प्रत्येक इकाई की धुरी है, अगर यह वर्ग नही हो तो सूचनाओं, योजनाओं और जनता की आवाज कौन उठाएगा इसलिए इनका उचित सम्मान इन्हे मिलना जरूरी है।
पत्रकार के लिए जरूरी है वह अपने कलम का सार्थक उपयोग करे…
जिला जर्नलिस्ट प्रेस क्लब कोरिया के अध्यक्ष प्रविंद्र सिंह ने कहा कि पत्रकार के लिए जरूरी है वह अपने कलम का सार्थक उपयोग करे। समस्याओं को दिखाए जनहित की पत्रकारिता को प्रेरित हो इसके साथ ही शासन के बढि़या कार्य जो जमीनी स्तर पर हुए है उसे भी स्थान दें। कभी कभी ऐसी घटनाए सामने आती है जो पत्रकारों को लेकर जो हृदय विदारक हो जाती है अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने पर दबाने के लिए कई हथकंडे अपना लिए जाते है इसलिए पत्रकार सुरक्षा अत्यधिक जरूरी है।
निष्पक्ष पत्रकारिता करने वालो के लिए कई चुनौतियां है…
संपादक दुष्यंत कुमार ने कहा कि पत्रकार अपने जान को जोखिम में डालकर अपने कर्तव्य का निर्वहन करते है। निष्पक्ष पत्रकारिता और जनसरोकार की पत्रकारिता करने वालो के लिए कई चुनौतियां है उन्होंने पत्रकार हित और एकता पर बल दिया।
पत्रकार को विचारों में एक होना आवश्यक है…
कार्यक्रम में संवर्त कुमार ‘रूप’ ने कहा कि ‘पत्रकार को विचारों में एक होना आवश्यक है,जर्नलिज्म अर्थात दैनिक कार्यों का लेखा जोखा को प्रदर्शित करना और यह बड़ी भूमिका लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को निभानी है । पत्रकारिता के कई आयाम है ग्रामीण, शहरी, कारपोरेट, खेल, राजनीति, शासन प्रशासन, पेज थ्री, और बचा तो पीत आदि प्रत्येक आयाम में जरूरत है आपका ककारों में पकड़, आपकी शैली आपकी भाषा आपका मुख्य बिंदु और आपका प्रदर्शन। कॉपी पेस्ट में ना पड़कर थोड़ा मेहनत की जरूरत है इससे आपका समाचार श्रेष्ठ होगा और आपका बैनर फिर आपको वह मिलेगा जिसके आप अभिलाषी है। उन्होंने आगे कहा कि आज हमारे वरिष्ठ जन कनिष्ठ जन सब एक साथ है यही दृश्य सदैव दिखना चाहिए केवल दलगत और स्वार्थ से परे तभी एकता सुनिश्चित होगी।
पत्रकारों को अपना निजी स्वार्थ छोड़कर एक होना काफी कठिन लक्ष्य
वही पत्रकारिता व पत्रकारों को लेकर जिले में एक बड़ा सोच लोगों के अंदर है वह सच यह है कि पत्रकार प्रतिस्पर्धा में अपने व अपने संस्था के लिए जितना कम कर सकते हैं वह करें निजी स्वार्थ का भी वह उपभोग करें पर जहां पर पत्रकारों के हित की बात हो वहां पर सभी चीजों को छोड़कर एकजुट जरूर हो, क्योंकि एक जुड़ता ही पत्रकारों व लोकतंत्र के लिए काफी महत्वपूर्ण है साथ ही खबरों की दुनिया में अपनी भूमिका को निष्पक्ष रखने का पूरा प्रयास करें।


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