कोरिया,30 जून 2025 (घटती-घटना)। जैसे ही मानसून की पहली बारिश धरती को भिगोती है,लोगों में उत्साह और राहत का माहौल बनता है। लेकिन इस सुहावने मौसम के साथ-साथ कई संक्रामक और जलजनित बीमारियां भी दस्तक देने लगती हैं। इसको देखते हुए जिला स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की है।स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार मानसून में बैक्टीरिया,वायरस और परजीवी ज्यादा सक्रिय हो जाते हैं। मच्छरों और दूषित जल के माध्यम से फैलने वाली बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ते हैं। मानसून में होने वाली आम बीमारियां-डेंगू और मलेरिया है, जो मच्छरों के काटने से फैलने वाली बीमारियां हैं। चिकनगुनिया-वायरल बुखार के साथ जोड़ों में सूजन और दर्द होता है। पीलिया, जो दूषित पानी के सेवन से लीवर प्रभावित होता है। उल्टी-दस्त (डायरिया), बासी या संक्रमित भोजन से पाचन तंत्र पर असर होता है। पाचन संक्रमण कमजोर इम्युनिटी वालों को जल्दी प्रभावित करता है।
बरसात में इन बीमारियों से बचाव के उपाय
नियमित रूप से साबुन से हाथ धोएं, हमेशा उबला हुआ या फिल्टर्ड पानी पिएं, बासी, सड़ा-गला, अधिक तला या फास्ट फूड न खाएं, घर के आसपास पानी जमा न होने दें, जिससे मच्छर न पनपें, फुल आस्तीन के कपड़े पहनें, मच्छरदानी और रिपेलेंट का उपयोग करें। भीड़-भाड़ से बचें, बच्चों और बुजुर्गों की विशेष देखभाल करें।
बीमार होने पर क्या करें?
भरपूर आराम करें। ताजा, हल्का और सुपाच्य भोजन लें,तरल पदार्थ जैसे ओआरएस,नींबू पानी,नारियल पानी लें,शिशुओं को स्तनपान जारी रखें।
तुरंत डॉक्टर से संपर्क कब करें?
यदि निम्न लक्षण दिखाई दें-मल में खून,लगातार तेज बुखार,पेट में असहनीय दर्द,अत्यधिक उल्टी-दस्त (24 घंटे से अधिक), बच्चों में पेशाब की कमी,आंसू न आना,चिड़चिड़ापन आदि डिहाइड्रेशन के संकेत हों।
जिला स्वास्थ्य विभाग की तैयारी
जिला कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी ने जानकारी दी कि सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर ओआरएस, जिंक टैबलेट और अन्य जरूरी दवाइयों का पर्याप्त भंडारण किया गया है। गांव-गांव में मितानिनों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा ओआरएस और दवाएं वितरित की जा रही हैं।
आयुष्मान कार्ड बनवाएं इलाज होगा मुफ्त
डॉ सिंह ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत आयुष्मान कार्ड अवश्य बनवाएं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में अस्पतालों में निरूशुल्क इलाज सुनिश्चित किया जा सके। डॉ. प्रशान्त सिंह मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कोरिया ने बताया कि अस्पतालों में ओआरएस कॉर्नर स्थापित किए गए हैं। सभी शिशुओं-बच्चों की निगरानी और आवश्यक देखभाल सुनिश्चित की जा रही है।
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