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एमसीबी@एमसीबी जिले की बाल कल्याण समिति व किशोर न्यायालय बोर्ड के अध्यक्ष सहित 6 सदस्य की नियुक्ति में योग्य भाजपाइयों की जगह कांग्रेसियों को मिला मौका?

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-रवि सिंह-
एमसीबी,29 जून 2025 (घटती-घटना)। छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा हाल के दिनों में एमसीबी जिले के बाल कल्याण समिति एवं किशोर न्याय बोर्ड के अध्यक्ष तथा 6 सदस्यों की नियुक्ति की गई है, इस नियुक्ति के बाद अब भाजपा के लोग ही इन नियुक्तियों पर सवाल उठाने लगे हैं, इन नियुक्तियों को लेकर भाजपा के लोगों का ही आरोप है कि क्या उन्होंने इसके लिए योग्य भाजपाइयों को मौका न देकर कुछ कांग्रेसियों को दिया मौका, क्या भाजपा की सरकार में भी वर्तमान मंत्री व विधायक का कांग्रेस प्रेम झलक रहा है?
सोशल मीडिया पर इस पोस्ट को लिखा गया है और उसमें लिखा गया है कि इस समिति में अधिवक्ताओ एवं सामाजिक व्यक्तियों की नियुक्ति की जाती है,जिसमे चिरिमिरी से मंजू जैन को बाल कल्याण समिति एवं किशोर न्याय बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, तथा बाल कल्याण समिति के सदस्य के रूप में,वाचस्पति दुबे हल्दीबाड़ी,सरिता राजवाड़े मनेन्द्रगढ़,ज्योति श्रीवास्तव,कृन्तिला वर्मा को नियुक्त किया गया है एवं किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य के रूप में पुष्पा गुलकरी एवं राकेश महोत नियुक्त किये गए है, आइये अब आपको यह बताएं कि मंजू जैन पिता रतन जैन बड़ा बाजार चिरिमिरी को पूर्व में कांग्रेस से विधायक रहे, विनय जायसवाल के चुनाव प्रचार में इन्होंने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया था और संयोग से विनय जायसवाल श्याम बिहारी जायसवाल को हराकर मनेन्द्रगढ़ विधानसभा का चुनाव जीत गए थे और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बन गयी थी, और विनय जायसवाल की सिफारिश पर महिला एवं बाल विकास मंत्रालय छत्तीसगढ़ शासन ने मनेंद्रगढ़ (कोरिया) जिले में मंजू जैन को बाल कल्याण समिति का सदस्य नियुक्त किया था, नगर निगम चिरिमिरी के चुनाव में जब विनय जायसवाल जी की पत्नी कंचन जायसवाल चुनाव लड़ी थी तब भी मंजू जैन ने खुलकर इनका प्रचार किया था, इस कारण से अबकी बार पता नहीं किस व्यक्ति की सिफारिश पर छत्तीसगढ़ शासन के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने इन्हें बाल कल्याण समिति एवं किशोर न्याय बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में ओहदा बढ़ाकर नियुक्त किया है,और अब बाल कल्याण समिति के सदस्य के रूप में नियुक्त वाचस्पति दुबे पिता भागवत प्रसाद दुबे नियुक्त किये गए है, इनके पिता चिरिमिरी में कांग्रेस के नेता रहे है और उन्हें कौन नहीं जानता और साथ ही साथ वाचस्पति दुबे भी कांग्रेस के पदाधिकारी रहे है, यहाँ आपको यह भी बताना आवश्यक है कि जिनकी भी नियुक्तियां हुई है इनको 40 हजार रुपये प्रति माह का मानदेय भी मिलता है, अन्य पांच सदस्य कभी भी पार्टी से नही जुड़े रहे है ऐसी जानकारी प्राप्त हुई है,अब दुर्भाग्य देखिए चिरिमिरी में भारतीय जनता पार्टी के समर्थक वकील या कोई सामाजिक कार्यकर्ता नही है या जानबूझ कर कार्यकर्ताओं को अपमानित किया जा रहा है? ये सत्ता के उच्च सिंहासन पर बैठे लोग जो कार्यकर्ताओं को खुलेआम अपमानित करने से बाज़ नही आ रहे है और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को भाजपा शासन में बड़े ओहदे पर नियुक्तियां करवा रहे है, इस बात से भाजपा का आम कार्यकर्ता अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहा है, ये तो आने वाला समय ही तय करेगा? यह सारे बयान भाजपा के पदाधिकारी व समर्थित कार्यकर्ताओं का है जो सोशल मीडिया पर उन्होंने दिया है साथ ही उन्होंने गंभीर आरोप भी लगाए हैं पर यदि इन सब चीजों की बात की जाए और यदि ऐसा सही में हुआ है तो फिर मनेंद्रगढ़ विधानसभा में भाजपा के अंदर कांग्रेस प्रेम जगा हुआ है ऐसा लग रहा है कि विनय जायसवाल को टिकट न मिलकर विनय जायसवाल व श्याम बिहारी जायसवाल दोनों चुनाव लड़ रहे थे? क्या श्याम बिहारी जायसवाल को विनय जायसवाल के बीच ऐसा कोई समझौता हुआ था? जिस वजह से आज उस समझौते के तहत यह सब चीज हो रही हैं और कांग्रेसी को भाजपा सरकार में महत्व मिल रहा है और भाजपाइयों को भाजपा सरकार में अपमान का सामना करना पड़ रहा है? ये सवाल आज चिरिमिरी की जनता कर रही। वैसे यह जो सवाल सोशल मीडिया में पूछे गए हैं इसका जवाब स्वास्थ्य मंत्री ने नगरी निकाय चुनाव में डॉक्टर विनय जायसवाल को हराकर 5 महीने पहले दे दिया था, और इस सवाल पर पूर्णविराम लग जाना चाहिए था पर लगा नहीं है, 5 महीने बाद भी यह सवाल लोग कैसे पूछ रहे हैं यह भी एक बहुत बड़ा सवाल है? क्योंकि यदि उन दोनों के बीच में ऐसा कोई समझौता होता तो यह नगरी निकाय चुनाव में भी देखने को मिलता है पर ऐसा देखने को मिला नहीं बहुत बुरी तरीके से नगरी निकाय चुनाव में डॉक्टर विनय जायसवाल को हार का सामना करना पड़ा वह भी एक भाजपा के नए प्रत्याशी के सामने। पर पुरे मामले में स्वास्थ्य मंत्री को संज्ञान लेते हुए इस अटकलों से पर्दा उठाना होगा और यदि यह बेफिजूल की आलोचना है तो फिर उन्हें आलोचना का मुंह तोड़ जवाब देना होगा।


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