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रायपुर@ आज के ही दिन देश पर थोपा गया था आपातकाल

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रायपुर,25 जून 2025 (ए)।
देश में आपातकाल लागू हुए आज 50 साल पूरे हो गए हैं, इसपर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बयान देते हुए इसे संविधान हत्या दिवस” बताया है। उन्होंने कहा कि 1975 में आज के ही दिन इस देश पर आपातकाल थोपा गया था। इस अवसर पर सभी लोकतंत्र सेनानियों को नमन करता हूं जिन्होंने संविधान की रक्षा के लिए जेल की यातनाएं सही है। हमारी सरकार लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान में लोकतंत्र सेनानी सम्मान विधेयक 2025 पारित की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय उत्तर प्रदेश के वाराणसी में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की 25वीं बैठक में शामिल होने के बाद आज राजधानी रायपुर लौटे। इस दौरान एयरपोर्ट पर पत्रकारों से चर्चा में उन्होंने यह बयान दिया और बैठक को लेकर जानकारी दी।सीएम साय ने कहा कि बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में मध्य क्षेत्र परिषद की 25वीं बैठक में हिस्सा लिया। बाबा विश्वनाथ के दर्शन का आशीर्वाद प्राप्त किया छत्तीसगढ़-वासियों के सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी के नेतृत्व में मध्य क्षेत्र परिषद एक सशक्त मंच के रूप में उभरा है जहां आपसी सहयोग एवं समन्वय से चारों राज्यों में तीव्रता के साथ विकास हो रहा है। परिषद की अगली बैठक बस्तर में आयोजित होगी। उन्होंने कहा कि बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने की, जिसमें अनेक राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भाग लिया। इस बैठक में राज्यों के विकास, विकसित भारत के अनुरूप राज्यों की भूमिका पर चर्चा हुई है।
आपातकाल की 50 वीं बरसी पर मीसाबंदियों का सम्मान

संविधान हत्या दिवस के रूप में मनाया जा रहा है्
भाजपा ने राजधानी सहित जिलों में किए कार्यक्रम


आपातकाल की 50वीं बरसी को भाजपा ने संविधान हत्या दिवस के रूप में मनाया गया। कृषि महाविद्यालय में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. रमन सिंह विधानसभा अध्यक्ष शामिल हुए। इस अवसर पर सेनानियों का सम्मान भी किया गया। मीसाबंदी सेनानी संघ के सचिदानंद उपासने ने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री द्वारा आपातकाल लगाया गया था, जिसमें कई जनप्रतिनिधियों को जेल में ठूस दिया गया था, ये लोकनायक 19 महीने जेल में रहे, इनमें से कई परिवार भी बरबाद हो गए। प्रदेश में आज कुशाभाऊ ठाक रे परिसर में यह कार्यक्रम मनाया गया। भाजपा प्रववक्ता अमित चिमनानी के अनुसार इसमें प्रदेश अध्यक्ष एवं संगठन मंत्री पवन साय शामिल हुए। आज मुख्यमंत्री हरियाणा गए हुए हैं, हरियाणा से लौटने के बाद दीनदयाल ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। मीसाबंदी सेनानी संघ के सचिदानंद उपासने ने बताया कि प्रदेश में 300 से अधिक सेनानी हैं, जिनका सम्मान दो चरणों में किया जाएगा। मुख्यमंत्री निवास में कल 26 जून को सेनानियों का सम्मान होगा।
उपासने के अनुसार पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी ने लोकतांत्रिक अधिकारों की हत्या करने के लिए आपातकाल लगाया था, जिसे संविधान विरोधी दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। इसे लोकतंत्र का काला अध्याय के रूप याद किया जाएगा। पत्रकारों एवं मीडिया की स्वतंत्रता छीन ली गई थी।
50 साल बाद भी नहीं भरा इमरजेंसी का जख्म : मीसाबंदी द्वारिका जायसवाल बोले…जहां रेल नहीं,वहां पटरी उखाड़ने का आरोप,19 महीने की जेल, न सुनवाई, न इंसाफ


देश में आपातकाल को लागू हुए आज 50 साल बीत चुके हैं, लेकिन उस दौर में हुए अत्याचार, नाइंसाफी और लोकतंत्र के गला घोंटने की कहानियां आज भी पीडितों के ज़ेहन में जिंदा हैं। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के मीसाबंदी द्वारिका जायसवाल उन्हीं चश्मदीद गवाहों में से एक हैं, जिन्हें 1975 में मीसा के तहत गिरफ्तार किया गया था। आज भी उन 19 महीनों की यातनाओं को याद कर वह सिहर उठते हैं।


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