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मनेंद्रगढ़@भूपेंद्र क्लब अतिक्रमण मामला: प्रशासनिक हिम्मत की अग्निपरीक्षा कब तक?

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भूपेंद्र क्लब की जमीन पर अंतिम चेतावनी: अतिक्रमणकारियों को 5 जून तक कब्जा खाली करने का था आदेश फिर क्यों नहीं हुआ खाली?


-न्यूज डेस्क-
मनेंद्रगढ़,05 जून 2025 (घटती-घटना)। जिला मुख्यालय में वर्षों से विवादों में घिरी भूपेंद्र क्लब की जमीन पर किए गए अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए प्रशासन ने अब सख्त रुख अपना लिया है। तहसील प्रशासन ने यहां काबिज 24 अवैध कब्जा धारियों को अंतिम नोटिस जारी करते हुए 5 जून 2025 तक कब्जा खाली करने के निर्देश गया था पर खली नहीं हुआ। यह भूखंड भूपेंद्र क्लब के नाम पर दर्ज है, जिस पर स्थानीय लोगों ने वर्षों से अवैध रूप से दुकानें बनाकर कब्जा कर लिया था। 17 अप्रैल को मनेन्द्रगढ़ तहसीलदार द्वारा इन्हें 12 दिनों की मोहलत दी गई थी, लेकिन कब्जाधारियों ने राहत के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। हालांकि, जिला न्यायालय के साथ-साथ बिलासपुर उच्च न्यायालय ने भी याचिका खारिज करते हुए राजस्व न्यायालय में अपील का मार्ग सुझाया था। बाद में राजस्व न्यायालय ने भी उनकी अपील निरस्त कर दी। प्रशासन द्वारा 29 मई को अंतिम नोटिस जारी कर यह स्पष्ट कर दिया गया कि यदि 5 जून तक कब्जा नहीं हटाया गया, तो सशस्त्र बलों की उपस्थिति में अतिक्रमण को बलपूर्वक हटाया जाएगा।
क्या अध्यक्ष पति का रसूख प्रशासन पर भारी?
शहर में चर्चा है कि इतने स्पष्ट आदेशों और न्यायालय के निर्णयों के बावजूद अब तक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई क्यों नहीं हो सकी। लोगों का आरोप है कि इनमें से कुछ कब्जाधारियों को अध्यक्ष के पति का संरक्षण प्राप्त है,जिसके चलते प्रशासन की कार्रवाई बार-बार टलती रही है। प्रशासन का पक्ष : इस मामले में जब 19 मई को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) लिंगराज सिदार से बातचीत की गई, तो उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा, प्रशासन 15 दिनों के भीतर अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई करेगा। कानून सभी के लिए समान है और किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
क्या अब चलेगा बुलडोजर?
सूरजपुर जिले सहित पूरे राज्य में जहां अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तेज़ी से चल रही है, वहीं मनेन्द्रगढ़ में बार-बार नोटिस के बावजूद कार्रवाई न होना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है।अब निगाहें 5 जून पर टिकी थी पर कार्यवाही हुई नहीं हैं, क्या वाकई अवैध कब्जे हटेंगे, या फिर रसूखदारों की सुविधा के लिए एक और तारीख दी जाएगी? नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर आम नागरिकों ने बताया कि मनेन्द्रगढ़ जिला मुख्यालय का हृदय स्थल भगत सिंह तिराहा स्थित भूपेंद्र क्लब की जमीन पर 24 दुकानों का अवैध निर्माण चिंताजनक है। उनका कहना है कि विकास कार्यों के लिए आरक्षित इस स्थान पर इस तरह का कब्जा सही नहीं है और इसे तत्काल हटाया जाना चाहिए।
प्रशासनिक हिम्मत की अग्निपरीक्षा कब तक?
भूपेंद्र क्लब की विवादित भूमि पर वर्षों से जारी अतिक्रमण को लेकर आज एक बार फिर प्रशासनिक संजीदगी पर सवाल खड़े हो गए हैं। नगर पालिका की भूमिका को लेकर जब मुख्य नगरपालिका अधिकारी से जानकारी ली गई, तो उनका सीधा जवाब था,एसडीएम के निर्देश पर ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। इसी बीच सूत्रों से यह जानकारी भी सामने आई है कि अतिक्रमणकारियों ने संभागायुक्त कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा के पास आवेदन प्रस्तुत किया है। जब इस विषय में स्पष्टता के लिए कमिश्नर से संपर्क साधने की कोशिश की गई तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। इससे कई तरह की अटकलें तेज़ हो गई हैं। शहर में अब यह चर्चा आम हो चुकी है कि क्या प्रशासनिक नोटिस केवल दिखावा है? क्या अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया को जानबूझकर लटकाकर किसी किस्म का लाभ लिया जा रहा है? या फिर यह केवल जनभावनाओं को शांत करने की एक औपचारिक कवायद है? अब सवाल यह है कि आखिर कब तक अधिकारी इस जमीन को अतिक्रमणमुक्त कराने की हिम्मत जुटा पाएंगे? क्या जनता को फिर किसी अगले आदेश का इंतज़ार करना होगा या प्रशासन वास्तव में कार्रवाई कर एक मिसाल पेश करेगा? भविष्य की राह तय करेगी कि यह मामला कानूनी कार्रवाई की दिशा में आगे बढ़ेगा या फिर राजनीतिक और प्रशासनिक दवाबों के बीच गुम होकर रह जाएगा।


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