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कोरिया/पटना,@एक तरफ ग्रामीण क्षेत्रों में भीषण पेयजल संकट,वहीं दूसरी ओर सार्वजनिक नलकूपों का निजीकरण

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-रवि सिंह-
कोरिया/पटना,12 मई 2025 (घटती-घटना)। जिले में शासकीय बोर उत्खनन का धड़ल्ले से दुरुपयोग हो रहा है। रसूखदार लोग शासकीय बोर को अपने निजी भूमि या निजी बाड़ी में कराकर मोटर लगाकर उपयोग कर रहे हैं, या फिर जनता की सुविधा के आने वाले शासकीय बोरों को 20 से 30 हजार में निजी हाथों में बेचा जा रहा है। ऐसा आरोप लगाया है जनपद पंचायत बैकुंठपुर के ग्राम पंचायत शिवपुर की जनता ने। ताजा मामला जनपद पंचायत बैकुंठपुर के ग्राम पंचायत शिवपुर का है, जिसमें ग्राम पंचायत द्वारा शासकीय हैंड पंप खनन कार्य ग्राम में ही चंद्रिका घर के पास के नाम पर कराया गया है। और इस हैंड पंप उत्खनन कार्य का भुगतान ग्राम पंचायत द्वारा किया गया है। नियमानुसार हैंड पंप उत्खनन ऐसे स्थान पर होना चाहिए था, जहां पर मोहल्ले वासियों को लाभ मिल सके। परंतु पंचायत के शासकीय राशि से हैंडपंप उत्खनन का कार्य चंद्रिका के निजी भूमि में बाउंड्री के अंदर बाड़ी में कराया गया है। जो कि सर्वथा अनुचित है। इस हैंड पंप उत्खनन को लाभ की दृष्टि से स्थानीय ग्रामीणों के उपयोग एवं विस्तार के लिए दर्शाया गया है, परंतु स्थानिय ग्रामीणों ने बताया कि चंद्रिका साहू के द्वारा बोर का उपयोग निजी रूप से मोटर लगाकर किया जा रहा है। जिससे ग्रामीणों के समक्ष पेयजल की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। ग्रामीणों की मांग है कि शासकीय बोर में लगे निजी मोटर को बंद करा कर हैंडपंप स्थापित कराया जाए। जिसका लाभ इस भीषण गर्मी में पानी के लिए जूझ रहे ग्राम वासियों को मिल सके। विगत पंचवर्षीय से यह आमतौर पर देखने को मिला है कि कई जनप्रतिनिधियों द्वारा शासकीय स्थल पर सार्वजनिक हैंड पंप उत्खनन का कार्य दर्शाकर उन्हें निजी भूमि या निजी बाड़ी में बाउंड्री के अंदर बहुतायत रूप से कराया गया है। जो कि वर्तमान तक अनवरत जारी है। यह मामला भी एक प्रकार से भ्रष्टाचार का है, जहां पंचायत की मिली भगत से रसूखदार लोग शासकीय बोर उत्खनन को महज 20 से 30 हजार में मनमाने स्थान पर बेच दिए हैं, और वर्तमान में भीषण गर्मी और गिरते जल स्तर के बाद उत्पन्न पेयजल संकट के कारण ग्रामीणों की विवशता और बढ़ गई है। जिले के जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को यह देखना और सुनिश्चित करना होगा कि जिस ग्राम में पेयजल और जल की आपूर्ति के लिए बोर उत्खनन का कार्य कराया जा रहा है, वह स्थल उचित है या नहीं। और उस बोर उत्खनन के बाद इसका लाभ आम जनता को प्रत्यक्ष रूप से मिल पाएगा या नहीं।


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