Breaking News

कोरिया@क्या कोरिया जिला पंचायत सीईओ के पास राजाओं महाराजाओं की तरह ही नौ रत्न वाली मंडली है…उसमे से एक रत्न रविंद्र सोनी?

Share


-रवि सिंह-
कोरिया,01 मई 2025 (घटती-घटना)। कोरिया जिले के जिला पंचायत सीईओ जो लंबे समय से जिले में पदस्थ हैं कि कार्यप्रणालियों को लेकर बड़ी जानकारियां सामने आ रही हैं जिसमें उनके व्यावसायिक प्रवृत्ती का होने का साफ-साफ झलक मिल रहा है, जिले में त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था अंतर्गत शासन की योजनाओं से पंचायतों को लाभान्वित करने की जिम्मेदारी सम्हालने वाले सीईओ जिला पंचायत कोरिया जिले में निर्माण कार्य और सप्लाई के कार्यों में खुद रत हैं ऐसा बताया जा रहा है,सूत्रों की माने तो डीएमएफ मद सहित पंचायत मद के अंतर्गत आने वाले कई कार्यों की वह खुद देखरेख तब तक करते हैं जबतक कि उन्हें उनकी मंशानुरूप लाभ न मिल जाए। बताया जाता है कि जिला पंचायत भवन अंतर्गत किए गए वर्तमान के कई कार्य जिसमें जिला पंचायत के सामने के कार्य हैं जिसमें भवन को सामने से सुंदर दिखाने का काम किया गया है और शेड निर्माण का कार्य जो अति आवश्यक न होने के बाद भी इसलिए किया गया है क्योंकि सीईओ साहब की इसमें मंशा शामिल थी ऐसा बताया जा रहा है।
बताया जा रहा है सूत्रों के द्वारा की सीईओ जिला पंचायत अंगद के पैर की तरह कोरिया जिले में जमे रहने के फिराक में हैं और उनका एकमात्र उद्देश्य है कोरिया जिले में त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था अंतर्गत प्राप्त होने वाली ग्राम विकास की राशि के बंदरबाट की। सीईओ साहब को लेकर सूत्रों की माने तो सीईओ जिला पंचायत कोरिया डीएमएफ जिला खनिज न्यास मद के एक तरह से सर्वे सर्वा भी हैं और वह इस मद के मामले में पूरी तरह सजग रहते हैं और इस मद का वह अपने ही अनुसार अपने लोगों के माध्यम से खर्च करते हैं। सीइओ साहब को बताया जाता है कि पूर्व कलेक्टर कोरिया ने डीएमएफ का प्रभार दिया था और तभी से वह इस मद को लेकर मनमानियां करते हैं जो बताया जा रहा है। सूत्रों की माने और उनकी बात को सत्य माने तो उनका कहना है कि कोरिया जिले के खनिज न्यास मद की यदि वर्तमान जिला पंचायत सीईओ के कार्यकाल की जांच की जाए तो बहुत बड़ा खुलासा हो सकता है जो साबित कर देगा कि कैसे इस मद में खेल हुआ है। सीईओ साहब ने अपने लोगों को मात्र उपकृत किया है और सूत्रों की माने तो उनकी पूरी एक टीम है जो जिले में उनके संरक्षण में काम करती है और जिसके लिए सीईओ साहब उन्हें पूरा संरक्षण देते हैं। सूत्रों का अपुष्ट दावा है दैनिक घटती-घटना इसकी पुष्टि नहीं करता है।
मामले की जांच होते ही दूध का दूध पानी का पानी हो सकता है…
सीईओ जिला पंचायत कोरिया के संदर्भ में और जिले के जिला खनिज न्यास मद सहित पंचायत के कई मद से सीईओ साहब के द्वारा मनमाना कार्य किए जाने और अपने खास लोगों को और अपने करीबियों को उपकृत किए जाने मामले की सूत्रों द्वारा दी गई जानकारी की पुष्टि तो दैनिक घटती-घटना नहीं करता लेकिन सूत्रों का यह जरूर कहना है कि कोरिया जिले के जिला पंचायत में किए गए कार्य और जिला खनिज न्यास मद के अंतर्गत स्वीकृत सभी कार्य जो वर्तमान जिला पंचायत सीईओ के कार्यकाल के हैं कि जांच यदि हुई कोरबा जैसा मामला सामने आ सकता है जैसा कोरबा जिले में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुआ था और जिसमे कई अधिकारी मामले में जांच के दायरे में हैं। वैसे कोरिया जिले में जिला पंचायत सहित जिला खनिज न्यास मद में कितना बड़ा गड़बड़ घोटाला हुआ है हुआ है कि नहीं यह तब पता चलेगा जब विधिवत जांच होगी,जिला खनिज न्यास मद की राशि जिले के विकास और आधारभूत संरचना के विकास के लिए खर्च किए जाने की बजाए बंदरबाट की भेंट चढ़ गई यह सूत्रों का दावा है, सूत्रों का दावा है कि मामले की जांच होते ही दूध का दूध पानी का पानी हो जायेगा बस निष्पक्ष जांच भर हो जाए मात्र।
प्रशासनिक अधिकारी हैं या फिर अपने लोगों से निभा रहे हैं रिश्तेदारी?
सीईओ जिला पंचायत कोरिया का जिले में बीत रहा कार्यकाल कुछ ऐसा है जहां वह एक रिश्तेदारी निभाने वाली स्थिति में नजर आ रहे हैं,वह प्रशासनिक अधिकारी कम अपने खास लोगों से जो उनके लंबे कार्यकाल में जिले के अपने बन गए हैं से रिश्तेदारी निभा रहे हैं।सीईओ जिला पंचायत कुल मिलाकर लाभ से जुड़कर पूरा कार्यकाल बीता रहे हैं और उनके खास लोग भी एकतरफा उनसे लाभ के लिए जुड़ रहे हैं,जिला पंचायत सीईओ का जिले का कार्यकाल काफी सुर्खियों वाला सामने आयेगा यदि उनके कार्यकाल की जांच भर हो जाए।
निर्माण कार्यों की स्वीकृति में भी दिखता है पक्षपात,अपने खास लोगों को ही दिलाते हैं काम
बताया जाता है कि जिला पंचायत कोरिया के सीईओ का जिले का कार्यकाल ऐसा है जहां वह निर्माण कार्यों की स्वीकृति में भी खुद ध्यान रखते हैं,वह अपने खास लोगों को ही निर्माण कार्य या अन्य कार्य जिसमें सप्लाई इत्यादि के कार्य हैं दिलवाने का प्रयास करते हैं ऐसा सूत्रों का दावा है,सूत्रों के अनुसार कई काम में जो जिला खनिज न्यास के काम हैं इनके ही लोग हैं जो काम करते हैं वहीं यह भी माना जाता है कि काम यही करते हैं जो सामने आते हैं वह इनके ही निर्देश पर केवल सामने आते हैं,कुल मिलाकर दावा यह है कि यह काम खुद करते हैं और सामने अन्य को करते हैं।
क्या लंबा कार्यकाल होने की वजह से सभी उनके करीबी हो गए?
सीईओ जिला पंचायत कोरिया का कार्यकाल जिले में काफी लंबा हो गया है,वर्षों से वह जिले में पदस्थ हैं और ऐसा लगता है कि लंबा कार्यकाल ही उनके जिले के लोगों के साथ घनिष्ठता का कारण बन गया है। जिले के व्यवसायिक लोगों से इनकी घनिष्ठता काफी बढ़ रही है ऐसा बताया जा रहा है,सीईओ साहब को लेकर यह भी बताया जाता है कि यह आम लोगों से कम ही मिलता पसंद करते हैं यह खास और व्यावसायिक लोगों से ही घनिष्ठता का दायरा रखते हैं।
सप्लाई से लेकर निर्माण कार्य में दबी जुबान पर होती है कार्यशैली की चर्चा
सप्लाई हो निर्माण कार्य हो जिला खनिज न्यास से जुड़ा कोई मामला हो, जिला पंचायत सीईओ काफी सजग रहते हैं। इनकी इन मामलों में सक्रियता और सजगता सभी के जबान पर रहती है,बताया जाता है सीईओ साहब हर काम का हिसाब रखते हैं वह इस बात का भी ध्यान रखते हैं कि बिना हो हल्ला और विवाद खरीदी निर्माण होती रहे,जिला पंचायत के इनके कार्यकाल के निर्माण और सप्लाई सहित डीएमएफ के कार्यों की जांच होते ही सब का सब साफ साफ नजर आने लगेगा ऐसा दावा है सूत्रों का।
कांग्रेस से लेकर भाजपा के डेढ़-डेढ़ साल इनके लिए रहे बेमिसाल
भाजपा सहित कांग्रेस के बीते डेढ़ साल इनके लिए बेमिसाल रहे,इनके कार्यकाल में यह अभी तक गैर विवादित बने रहे लेकिन अब इनकी कार्यप्रणाली को लेकर बातें उजागर होने लगी हैं,बताया यह भी जाता है कि पहले यह कांग्रेस नेताओं के खास थे लेकिन सत्ता परिवर्तन उपरांत ही इन्होंने भाजपा नेताओं से भी मधुर संबंध स्थापित कर लिए जिसके बाद से ही इनका कार्यालय जिले में लंबा होता चला गया। सीईओ साहब को लेकर सूत्रों का दावा है कि आगे और भी खुलासे वह करेंगे लेकिन वह इंतजार में हैं कि उन्हें अवसर मिले इसका।
अधीनस्थ हैं इनके विश्वस्त?
सीईओ साहब अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को काफी विश्वास में रखते हैं, बताया जाता है कि कोई मामला बाहर न जाए इसके लिए पूरी तरह यारी दोस्ती वाला अंदर का माहौल रहता है,सीईओ साहब समय-समय पर स्टाफ के साथ घूमने भी निकलते हैं और ऐसा इसलिए जिससे जिला पंचायत की गड़बडि़यां कम से कम अंदर वालों के कारण बाहर न जाने पाए। इनके राजाओं-महाराजाओं की तरह ही नौ रत्न वाली मंडली है जो इनके लिए जी हुजूरी भी करती है आवश्यकता पड़ने पर!
रविंद्र सोनी को इतना संरक्षण की संविदा कर्मचारी होने के बाद अतिरिक्त प्रभार में काट रहे हैं मजे?
इनका किस तरह जिले में एक तरफा राज चल रहा है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रधानमंत्री आवास के एक संविदा इंजीनियर को इनके कारण ही ट्राइबल विभाग का अतिरिक्त प्रभार मिला हुआ है,रविन्द्र सोनी नाम के इंजीनियर की इनके कारण ही जिले में आज ऐसी स्थिति है कि उनके पास एक नहीं दो दो विभाग हैं जबकि कई इंजीनियर जिले में बेरोजगार हैं,रविंद्र सोनी को लेकर सीईओ जिला पंचायत कोरिया स्पष्ट हैं कि वह ही जिले का सर्वे सर्वा इंजीनियर होगा अन्य को जिम्मा नहीं मिलेगा,वैसे यह इंजीनियर भी अधिकांश समय जिला पंचायत में ही बिताता है।


Share

Check Also

अम्बिकापुर@यूजीसी नियमों के खिलाफ स्वर्ण समाज का ऐलान,1 फरवरी को अंबिकापुर बंद

Share अम्बिकापुर,29 जनवरी 2026 (घटती-घटना)। यूजीसी के नए नियमों के विरोध में प्रस्तावित 1 फरवरी …

Leave a Reply