पैसे वसूलने प्रशासनिक अधिकारियों को भेजा था लेटर;
6 साल बाद पकड़ाया आरोपी
रायपुर, 30 अप्रैल 2025 (ए)। छत्तीसगढ़ की पूर्व राज्यपाल अनुसुइया उइके के लेटर पैड से अफसरों को फर्जी नोटिस जारी हुआ था। मामला 2019 का है। जब राजभवन में कार्यरत अजय वर्मा (42) ने फर्जी सिग्नेचर कर कई प्रशासनिक अधिकारियों को नोटिस भेजा था। 6 साल बाद आरोपी पकड़ाया है।
मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। रायपुर पुलिस ने आरोपी को मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने पैसे वसूलने की मंशा से ये वारदात की थी। उस समय राज्यपाल के तत्कालीन सचिव ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी तब से वह फरार चल रहा था।
शिकायत के मुताबिक, प्रशासनिक अधिकारियों को जब यह नोटिस मिला तो उन्होंने राज भवन में संपर्क किया। तब पता चला कि यह नोटिस फर्जी है। नोटिस में सिग्नेचर और हैंडराइटिंग को मिलाया गया। तो वह अजय के हैंडराइटिंग से मैच कर गया।
इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए थाने में शिकायत दर्ज करवाई गई। पता चला कि जिन अफसरों को नोटिस दिया गया था उन्हें डरा-धमकाकर पैसे लेने की मंशा थी। शिकायत के बाद आरोपी फरार हो गया।
भेष बदलकर मध्य प्रदेश में रह रहा था आरोपी
इस मामले में सिविल लाइन पुलिस लंबे समय से आरोपी की तलाश कर रही थी। तभी पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी छिंदवाड़ा में भेष बदलकर रह रहा है। छत्तीसगढ़ पुलिस ने मध्य प्रदेश पुलिस से संपर्क किया। इसके बाद छिंदवाड़ा के कोतवाली पुलिस की मदद से आरोपी अजय वर्मा को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल पुलिस आरोपी को लेकर रायपुर आई है।
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