बिलासपुर,24 अप्रैल 2025 (ए)। हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है. उन्होंने साफ कहा है कि यदि कोई करदाता स्वेच्छा से अपनी त्रुटि को उजागर करता है और उसका कोई दुर्भावनापूर्ण इरादा नहीं होता तो उस पर आयकर अधिनियम,1961 की धारा 271 (1) (सी) के तहत जुर्माना नहीं लगाया जा सकता। यह धारा आमतौर पर आय छिपाने या गलत जानकारी देने पर लागू होती है।
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