@ बोरे-बासी खिलाने के नाम पर 8 करोड़ खर्च
रायपुर,23 अप्रैल 2025 (ए)। राजधानी रायपुर में बोरे-बासी खिलाने पर 8 करोड़ से अधिक खर्च करने का मामला सामने आया है. यह खुलासा सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी से हुआ है। दस्तावेजों के अनुसार, पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने 1 मई यानी श्रमिक दिवस के मौके पर छत्तीसगढ़ी खान-पान को बढ़ावा देने बोरे-बासी खिलाने का प्रावधान किया गया। इसके लिए तत्कालीन सरकार की ओर से प्रदेश भर में बोरे-बासी और श्रमिक दिवस के कई कार्यक्रम आयोजित किए गए थे, जिसमें यह राशि खर्च की गई। इसी को लेकर आरटीआई से मिली जानकारी से यह खुलासा हुआ है कि सिर्फ राजधानी रायपुर में बोरे-बासी खिलाने पर 8 करोड़ से अधिक की राशि खर्च की गई थी. वह भी बिना किसी सरकारी निविदा के खर्च की गई।
बोरे-बासी अस्मिता का प्रतीक,शासन की थी अनुमतिःसुशील आनंद शुक्ला
इस मामले में कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि बोरे-बासी छत्तीसगढ़ी अस्मिता का प्रतीक है। कांग्रेस सरकार में इसे बढ़ावा देने का काम किया गया था. श्रमिक दिवस को हमने बोरे-बासी दिवस के रूप में मनाया और मजदूरों के स्वाभिमान को जगाने का काम भी किया। इसके लिए कांग्रेस सरकार में कई आयोजन भी हुए। राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज में भी बड़ा आयोजन हुआ था। इस आयोजन के लिए सरकार की ओर से स्वीकृति दी गई थी। इसके लिए निविदा की जरूरत नहीं थी।
ऐसा कोई विभाग नहीं है जहां कांग्रेस ने भ्रष्टाचार नहीं कियाःभाजपा
वहीं इस पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी प्रदेश महामंत्री और नागरिक आपूर्ति खाद्य विभाग के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव ने इसे कांग्रेस का एक और कारनामा बताया है। उन्होंने कहा कि एक दिन में एक जिले में आठ करोड़ का भुगतान और खर्चा जिस प्रकार से किया गया है,यदि यही राशि श्रमिकों को दी जाती,तो उन्हें लाभ मिलता. श्रमिकों के साथ भद्दा मजाक किया गया है। कोई एक ऐसा विभाग नहीं है जहां कांग्रेस ने भ्रष्टाचार नहीं किया। इन्होंने श्रमिकों को भी नहीं छोड़ा, उनके सम्मान के नाम पर शानदार भ्रष्टाचार भूपेश बघेल की सरकार में किया गया है।
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