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एमसीबी/रायपुर@दैनिक घटती घटना ने छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री से प्रदेश की स्वास्थ्य सुविधाओं पर किए कई बड़े सवाल…सवाल के जवाब जानने के लिए देखे वीडियो…

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-रवि सिंह-
एमसीबी/रायपुर 14 अप्रैल 2025 (घटती-घटना)। दैनिक घटती-घटना ने छत्तीसगढ़ प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से मुलाकात की और प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की कमियों व स्वास्थ्य व्यवस्था कैसे बेहतर होगी इस विषय पर कई सवाल किए, और उनसे सीधी बातचीत की जिस पर श्याम बिहारी जायसवाल ने सारे सवालों के जवाब दिए और बेहतर व्यवस्था कैसे बन सकती है उस पर भी उन्होंने अपने सरकार की आगे की कार्ययोजना बताई, आगे के बचे सालों में कैसे काम करेंगे यह भी बताया और डेढ़ साल में उन्होंने क्या काम किया यह भी बताया स्वास्थ्य मंत्री से स्वास्थ्य से संबंधित ही कई कड़े सवाल पूछे गए, दैनिक घटती-घटना से लंबे समय बाद स्वास्थ्य मंत्री की सीधे बात हुई और प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर उन्होंने सीधे सुझाव भी दिए और क्या आगे होगा यह भी बताया सवालों पर कहीं-कहीं पर गंभीर हुए वहीं उन्होंने सभी के दिए। सभी पूछे गए सवालों पर उन्होंने क्या जवाब दिया आइए हम हर सवाल के उत्तर को नीचे पढ़ते हैं।

उत्तर- डेढ़ वर्ष पहले जब भारतीय जनता पार्टी की सरकार प्रदेश में बनी तब प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था वेंटिलेटर पर पहुंच चुकी थी,पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में स्वास्थ्य क्षेत्र में कोई काम किया ही नहीं गया,सभी सरकारी चिकित्सालय प्राथमिक,द्वितीयक, तृतीयक रेफरल सेंटर बन चुके थे,यहां तक कि आयुष्मान योजना का लाभ भी जनता को नहीं मिल रहा था निजी अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड से इलाज ही नहीं होता था। हमारी सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में काफी ध्यान दिया इन डेढ़ वर्षों में,आज आयुष्मान कार्ड से इलाज हो रहा है और सरकार भुगतान कर रही है आयुष्मान अंतर्गत इलाज का,आज शासकीय अस्पतालों से रेफरल मामले घटे हैं और वही मामले रेफर हो रहे हैं जो सही मायने में रेफर किए जाने लायक हैं उच्च स्तर के लिए। हमारे तृतीयक स्वास्थ्य केंद्र जिसमें अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज, सिम्स बिलासपुर,और मेकाहारा , डीकेएस में क्षमता से अधिक डेढ़ से दोगुना मरीजों का इलाज प्रतिदिन किया जा रहा है और ओपीडी की संख्या बढ़ी है,कुल मिलाकर हमने शासकीय स्वास्थ्य केंद्रों के प्रति लोगों का विश्वास पुनः कायम हो इस दिशा में डेढ़ सालों तक पूरी ईमानदारी से काम किया है आगे भी करेंगे और आपको बता दूं इसका असर भी हुआ है लोगों का विश्वास आज शासकीय स्वास्थ्य केंद्रों की तरफ कायम हुआ है।

उत्तर:- यह प्रश्न काफी अच्छा प्रश्न है,हमारी सरकार सबसे पहले प्रदेश के पांच नवीन मेडिकल कालेजों की जो स्वीकृत हैं कि स्थापना के लिए प्रयासरत है जिसकी टेंडर प्रक्रिया जारी है,पहले टेंडर हुआ था जो अधिक रेट के कारण निरस्त हुआ है जिसमें सरगुजा संभाग का मनेंद्रगढ़ मेडिकल कालेज भी शामिल है,वहीं पांच सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों की जो घोषणा है हमारे घोषणा पत्र में उसको अमली जामा पहनाना इसमें डीकेएस रायपुर में पहले से ही यह सुविधा चालू है,बिलासपुर के सिम्स में यह सुविधा चालू की गई है जिसके अपग्रेडेशन की तैयारी है वहीं बस्तर में भी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की तैयारी है वहीं अंबिकापुर के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के निर्माण की तैयारी है जिसमें एम्स के तर्ज पर सुविधाएं मिल सकेंगी यह दीर्घकालिक कार्ययोजना में शामिल है,प्रदेश में पहली बार 12 नर्सिंग कॉलेज की स्वीकृति मिली है उसे आरंभ करा सकें 6 फिजियोथेरेपी कॉलेज को आरंभ करा सकें, मनेंद्रगढ़ सहित जगदलपुर के मेंटल अस्पतालों को आरंभ करा सकें,100 बेड के सीटी चिकित्सालय 220 बेड के सीटी चिकित्सालय जिसमें जशपुर, मनेंद्रगढ़, गरियाबंद, पेंड्रा गौरेला के चिकित्सालय शामिल हैं के विधिवत शुरुआत हो सके यह प्राथमिकता में है हमारे। बड़ी कार्ययोजनाओं में आईबीएफ सेंटर, सीकलसेल इंस्टीट्यूट,आंखों के लिए रीजनल सेंटर जो रायपुर के माना में प्रस्तावित है के ही साथ 5000 बेड का सुसज्जित सर्वसुविधायुक्त अस्पताल नया रायपुर में स्थापित कर उस क्षेत्र को मेडिकल हब मेडिकल टूरिज्म के रूप में विकसित करने की कार्ययोजना है। हम यह सभी कार्य तय समय सीमा में पूरा करेंगे प्रदेश के लोगों को प्रदेश में ही हर तरह की स्वास्थ्य सुविधा मुहैय्या करा पाएंगे यह हमारी तैयारी है।

उत्तर:- पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में केवल नारियल फोड़ने की होड़ लगी रहती थी और जिसका परिणाम ही है कोरिया जिले का आधा अधूरा बना हुआ जिला चिकित्सालय नवीन भवन जो या जिसका केवल ढांचा खड़ा है,आपको बता दूं कि 45 करोड़ की लागत से बनने वाले भवन के लिए केवल 10 करोड़ जारी कर दिए गए थे पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में,वहीं डीएमएफ से भी कलेक्टर ने पैसा देने से तब मना कर दिया था ऐसे में कैसे भवन पूर्ण होता, चूंकि 10 करोड़ की राशि जो खर्च हो चुकी थी वह भी सरकार और प्रदेश की जनता की ही राशि थी इसलिए वह पैसा बर्बाद न हो जाए इसलिए इस बजट में 35 करोड़ रुपए की राशि जारी कर दी गई है और जल्द की अब निर्माण कार्य आरम्भ हो जाएगा और कोरिया जिले का जिला चिकित्सालय भी नए भवन और नई सुविधाओं के साथ सुसज्जित हो जाएगा।

उत्तर:- पिछली सरकार के कार्यकाल में खरीदी गईं 50 करोड़ की दवाइयां खराब हुईं,400 करोड़ का भुगतान हमने रोका है मामले की जांच ईओडब्ल्यू को दी गई है दोषी संचालक जेल में हैं,कई अन्य भ्रष्टाचार के सहयोगी जेल में हैं आगे जांच होती रहेगी,हमने एक ऐप भी लॉन्च किया है जिसका नाम नेक्स्ट जेन है जिसमें कभी भी यह जाना जा सकता है कि दवाइयों की वास्तविक स्थिति क्या है कौन सी दवा कब एक्सपायरी होगी और यह कंप्यूटरीकृत पोर्टल है जहां न कोई अधिक दर पर दवा खरीद सकेगा न कोई गड़बड़ी कर सकेगा ,इस ऐप की सुविधा से निचले स्तर के स्वास्थ्य केंद्रों तक भी हो सके इसका प्रयास जारी है शेष अभी जिला स्तर तक कोई भी इससे जानकारी प्राप्त कर सकता है।  हमारी सरकार पूरी तरह पारदर्शी व्यवस्था लागू करने में लगी हुई है स्वास्थ्य क्षेत्र में और भ्रष्टाचार मुक्त विभाग स्वास्थ्य विभाग को हमारा संकल्प है।

उत्तर:- प्रदेश का विपक्ष बिल्कुल कमजोर है,विपक्ष शून्य की स्थिति में है,जब विपक्ष मजबूत होता है तभी सत्तापक्ष या सरकार भी मजबूती से जनहित के कार्यों के प्रति गंभीरता से काम करती है प्रदेश के विकास के लिए काम करती है,अब चूंकि प्रदेश का विपक्ष कमजोर है इसलिए सत्तापक्ष के ही हमारे वरिष्ठ साथी सत्तापक्ष के मंत्रियों से जनहित प्रदेशहित के मुद्दों पर प्रश्न करते हैं विधानसभा में और इसके पीछे का उनका उद्देश्य यह होता है कि जनता के जुड़े मुद्दे प्रदेश हित से जुड़े मुद्दे मंत्रियों के संज्ञान में आते रहें सरकार के संज्ञान में रहे जिससे जनता को लाभ मिलता रहे और प्रदेश का भी विकास होता रहे क्योंकि विपक्ष शून्य की स्थिती में है।

उत्तर:- मेरे ऊपर भ्रष्टाचार के कोई भी आरोप नहीं हैं,कुछ लोग सोशल मीडिया पर ऐसे आरोप लगाते नजर आए थे लेकिन वह मामला भी तब का जब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी,मैंने भ्रष्टाचार के संबंध में जितनी भी शिकायतें पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल की मिलीं उसके लिए जांच टीम बनाई,जांच करवाई,जांच हो भी रहा है,आगे भी जांच होगी,जीरो टॉलरेंस की नीति के साथ हमारी सरकार भ्रष्टाचार के मामले में काम कर रही है आगे भी करेगी,मेरे विरूद्ध कोई भी प्रामाणिक भ्रष्टाचार का आरोप यदि है तो उसे सामने रखे आरोप लगाने वाला,मैं हर तरह की जांच के लिए तैयार हूं हर स्तर पर जांच के लिए तैयार हूं। हमने तो पूर्ववर्ती सरकार के भ्रष्टाचार के मामलों के सामने आते ही कई बड़े भुगतान रोक दिए और कई मामलों में कार्यवाहियों की अनुशंसा की है। भ्रष्टाचार का सवाल ही नहीं उठता हमारी सरकार के कार्यकाल में। मुझे बदनाम करने के लिए कुछ लोगों का यह असफल एक प्रयास था जो उनके लिए असफलता ही उन्हें दे गया।

उत्तर:- ऐसा नहीं है,हमारे अस्पतालों के डॉक्टर और समस्त कर्मचारी मरीजों के प्रति अच्छा व्यवहार रखते हैं और वह उनका बेहतर ध्यान भी रखते हैं ऐसा मैं कह सकता हूं,वहीं मैं दैनिक घटती घटना के माध्यम से अपील भी करता हूं कि डॉक्टर और अस्पताल के कर्मचारी मरीजों से मित्रवत व्यवहार कायम करें और उनका बेहतर इलाज करें । व्यवहार को लेकर कहीं से यदि शिकायत मिलती है तो इस संबंध में जांच भी होती है कार्यवाहियां भी होती हैं। मेरी अपील यह भी है कि सभी अपना व्यवहार मधुर रखें वह अस्पताल के कर्मचारी हों या मरीजों के सहयोगी क्योंकि बीमार व्यक्ति को मन से भी स्वस्थ रखना हमारी जिम्मेदारी होनी चाहिए यह अस्पताल का भी संकल्प होना चाहिए और मरीज के सहयोगी का भी।

उत्तर:- प्रदेश के सभी संभागों में एम्स की तर्ज पर सिम्स सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों की स्थापना हो यह कार्ययोजना सरकार की है वहीं प्रदेश के 6 जिला चिकित्सालय जिसमें कोरिया का भी जिला चिकित्सालय शामिल है को मॉडल अस्पताल बनाए जाने की कार्ययोजना है वहीं इसी तर्ज कर हमने मेडिकल कालेजों के डाक्टरों का वेतन दो से ढाई गुना बढ़ाया भी है। हमारी सरकार हर तरह से शासकीय अस्पतालों की बेहतरी और उसे सर्वसुविधायुक्त बनाने लगी है। हर सुविधा शासकीय अस्पतालों में मिल सके अच्छे योग्य डॉक्टर मिल सकें यह हमारी कार्ययोजना की प्राथमिकता है वहीं निजी अस्पताल भी बेहतर कार्य करें यह भी हम चाहेंगे जिससे प्रदेश के लोगों को हर तरह की स्वास्थ्य सुविधा अपने इक्षानुसार मिल सके। आने वाले समय में शासकीय अस्पतालों में सुविधाओं की कमी नहीं होगी यह हमारी सरकार का प्रदेश की जनता से वादा है। यह कार्यकाल सरकार का प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के संबंध में सबसे स्वर्णिम कार्यकाल होगा यह मैं विश्वास दिलाता हूं।

उत्तर:- यह विषय कुछ सोच का है कुछ पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में सरकारी अस्पतालों के गिरे ग्राफ के कारण ऐसा देखने सुनने को मिलता है। हमारी सरकार सरकारी अस्पतालों के प्रति लोगों का विश्वास वापस लाने के काम में लगी हुई है जिसमें हमें सफलता मिल रही है जो कांग्रेस के कार्यकाल में विश्वास जाता रहा था,प्रदेश हमारे मुख्यमंत्री के परिजन खुद शासकीय अस्पताल में इलाज कराते हैं,मैंने खुद अपने आंख का इलाज शासकीय अस्पताल से कराया है,कई मंत्री, सांसद,विधायक हमारे शासकीय अस्पतालों में ही इलाज कराते हैं। वैसे मैं दैनिक घटती घटना के माध्यम से अपील भी करता हूँ प्रदेश के जनप्रतिनिधियों से अधिकारियों से कर्मचारियों से की वह शासकीय अस्पतालों से ही इलाज कराएं और सुविधा असुविधा के संबंध में कमियों के संबंध में सरकार को विभाग को अवगत कराएं जिससे उन्हें दूर किया जा सके। आज की स्थिति में हमारे सरकार के कार्यकाल में शासकीय अस्पताल किसी मायने में निजी अस्पतालों से कम नहीं हैं।

उत्तर:- दैनिक घटती घटना का यह प्रश्न अति उत्तम है,आपकी जानकारी के लिए बता देना चाहता हूं कि प्रत्येक जिला चिकित्सालय में सीसीयू की स्थापना की कार्ययोजना है जहां ऐसे दुर्घटना के मामलों में तत्काल चिकित्सा सुविधा मिलेगी,कटघोरा में 100 बिस्तरीय अस्पताल इसीलिए व्यवस्थित किया जा रहा है जिससे गंभीर मामलों में नजदीक ही स्वास्थ्य सुविधा बेहतर मुहैया हो सके। कटघोरा का अस्पताल और व्यवस्थित किया जाएगा जो राष्ट्रीय राज्यमार्ग पर ही है। बिलासपुर के तिफरा में वहीं राष्ट्रीय राज्यमार्ग के राजधानी के नजदीक के सिमगा में भी सीसीयू अस्पताल की व्यवस्था सुविधा होगी जो ट्रामा सेंटर की तर्ज पर होगा। दैनिक घटती घटना ने पटना या सुरजपुर में ट्रामा सेंटर की बात या मांग आपके माध्यम से की है,इस दिशा में सार्थक प्रयास सरकार की तरफ से होगा जल्द ही परिणाम सामने आएगा मैं विश्वास दिलाता हूं।


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