
किसी भी सरकारी काम में हैंड ब्रोकर गिट्टी का नहीं होता उपयोग पर बैकुण्ठपुर नगर पालिका के नाली निर्माण में हैंड ब्रोकर गिट्टी कैसे हो रहा उपयोग?
रजनीश गुप्ता नाम के ठेकेदार हैंड ब्रोकर गिट्टी का उपयोग कर बना रहे हैं 43.32 लाख की नाली।
नाली निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल क्या नगर पालिका करेगी इसकी जांच या फिर भाजपा समर्थित ठेकेदार होने का मिलेगा लाभ?
43 लाख 32 हजार के नाली निर्माण का काम कैसे होगा 36 लाख में?
नाली के बेस में मानक से कम मटेरियल लगाकर नाली की गुणवत्ता को करेंगे खराब।
-रवि सिंह-
बैकुण्ठपुर,10 अप्रैल 2025 (घटती-घटना)। नगर पालिका बैकुंठपुर के पार्षद पति ठेकेदार 43 लाख 32 हजार की नाली 36 लाख में कैसे बनाएंगे यह बड़ा सवाल है,17 प्रतिशत कम दर पर लिया है 500 मीटर नाली निर्माण का कार्य, यानी की 8 लाख 50 हजार कम में इस काम को उन्होंने हासिल किया है,इसके बाद अधिकारियों का कमीशन व नगर पालिका अध्यक्ष का कमीशन भी इन्हें इसमें देना है और अपनी कमाई भी इसमें करना है, अब ऐसे में कितना गुणवाायुक्त यह कार्य होगा यह अभी से ही समझ में आने लगा है? नाली निर्माण के काम शुरू होते ही प्रथम दृष्टि में अनियमितता दिखने लगी है, जहां पर क्रशर का 40 एमएम गिट्टी का इस्तेमाल होना है वहां पर यह हैंड ब्रोकिंग गिट्टी का इस्तेमाल कर रहे हैं नाली में जहां 10 सेंटीमीटर रेत डालना है वहां यह 5 सेंटीमीटर रेत डाल रहे हैं, जहां पर नाली के बेस में 5 इंची ढलाई करना है वहां पर यह 2 से 3 इंची ढलाई कर रहे हैं निर्माण में जो नहीं दिखने वाली चीज है उसमें यह नियम के विरुद्ध काम कर रहे हैं और जो दिखने वाली चीज है वहां पर नियम के तहत काम करेंगे, अब ऐसे में सवाल यह उठता है कि म्कि टेस्ट रिपोर्ट इन्हें सब कुछ ओके करके कौन सी एजेंसी देगी? तब जाकर इनका बिल पास होगा। लोहे के सरिया में भी जो स्टीमेट के अनुसार मलिटी वाला सरिया लगाना है वह भी यह नहीं लगा रहे हैं, लोकल स्तर का लगाकर नाली निर्माण को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं,इनका मानना है कि यह भाजपा समर्थित ठेकेदार हैं इस वजह से उनका बिल नहीं रुकेगा और पैसा निकल जाएगा पर क्या सही में ऐसा होगा? क्या आंख मूंद कर जिम्मेदार उनके कार्यों पर हस्ताक्षर करके इनको पैसे का भुगतान करेंगे या फिर निष्पक्ष तरीके से इनका कार्य ओके म्कि मलिटी टेस्ट होगा?

शहर के बीचो-बीच बनने वाली 500 मीटर नाली निर्माण कार्य में दिख रहा है भ्रष्टाचार
नगर पालिका बैकुंठपुर के नए बस स्टैंड के पास मेन रोड में 500 मीटर नाली निर्माण हो रहा है और प्रथम दृष्टि में यह कार्य गुणवत्ताहीन दिख रहा हैं कोई भी निर्माण एजेंसी हैंड ब्रोकिंग गिट्टी का इस्तेमाल नहीं करती है पर यहां पर ठेकेदार महोदय केसर गिट्टी की जगह हैंड ब्रोकिंग गिट्टी का इस्तेमाल कर रहे हैं, लग रहा है कि 17 प्रतिशत कम में जो काम लिए हैं वह यहीं से ही वह मेकअप करेंगे,यानी की वह नाली के गुणवत्ता को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ाएंगे? इसी वजह से वह 17 प्रतिशत बिलों में काम हासिल किया है और इस कार्य को भ्रष्टाचार युक्त गुणवत्ता विहीन करके लाखों कमाएंगे और इनका बिल रोकेगा कौन क्योंकि पार्षद पति भी है और भाजपा के नेता भी हैं और नगर पालिका अध्यक्ष के खास भी है?
नाली की गुणवत्ता उसके बेस की क्वालिटी से होगी खराब
निर्माण के जानकारों का कहना है कि एक अच्छी नाली की गुणवत्ता उसका बेस होता है बेस जितना अच्छा होगा नाली की गुणवत्ता उतनी अच्छी होगी,बेस का मतलब है कि नलिका निचला हिस्सा जिसमें एस्टीमेट के अनुसार जितना बालू डालना है और जितना मोटा उसका ढलाई करना है उतनी होगी तब नाली की मजबूती अच्छी होगी,यदि बेस खराब होगा तो नाली की गुणवत्ता भी खराब होगी और यहां पर ठेकेदार बेस में अपना पैसा बचाना चाहते हैं क्योंकि बेस को कोई देखता नहीं है और ऊपर का हिस्सा दिख जाता है जिस वजह से वह ऊपर के हिस्सा में एस्टीमेट के तहत काम करेंगे और नीचे के हिस्से में वह गुणवत्ता के विपरीत काम करेंगे तब जाकर वह 17 प्रतिशत बिलों को मेकअप करेंगे और दो-चार लाख रुपये कमाएंगे।
ऐसे गुणवत्ताहीन कार्य का क्वालिटी चेक का प्रमाण पत्र कौन देगा?
प्रथम दृष्टि में ही नाली निर्माण गुणवत्ताहीन दिख रही है बेस के काम में लापरवाही बरती जा रही है और यही से ही अपने प्रॉफिट व लॉस को ठेकेदार तय करता है ऐसे में क्वालिटी चेक का प्रमाण पत्र देने वाला व्यक्ति कैसे जांच करके इन्हें गुणवत्ता वाला प्रमाण पत्र देगा कि उनके द्वारा गुणवत्ता के साथ कार्य किया गया है? जबकि बेस में गुणवत्ताहीन कार्य हो रहा है जो प्रथम दृष्टि में आज भी देखा जा रहा है नाली निर्माण के कार्य में कई तरह की गुणवत्ताहीन हो रहा है आम आदमी भी समझ सकता है, इस नाली निर्माण में इसके बेस को ही कमजोर बनाया जा रहा है जिस वजह से यह नाली की गुणवत्ता अत्यधिक खराब मानी जा रही है काम अभी शुरू हुआ है और अभी से ही गुणवत्ताहीन कार्य देखने को मिल रहा है तो आगे जाकर इस काम की क्या स्थिति होगी और इस नाली की लाइफ कितनी होगी? यह आज से ही लोगों के लिए सवाल बन गया है अब ऐसे गुणवत्ता ही नाली के निर्माण के लिए कौन अधिकारी गुणवत्ता के साथ नाली निर्माण होने का प्रमाण पत्र देगा? नाली में लगने वाला लोहे का सरिया भी गुणवत्ता वाला नहीं है लोकल मलिटी का लगाया जा रहा है ऐसा सूत्रों का दावा है।
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