- प्रबंधन को जानकारी होने के बाद भी क्यों नहीं की थी कार्यवाही,प्रबंधन की सह पर चल रहा था विद्यालय में शराबखोरी…जिम्मेदार कौन?
-रवि सिंह-
एमसीबी,01 अप्रैल 2025 (घटती-घटना)। खड़गवां मुख्यालय से महज़ कुछ ही दूरी पर स्थित एकलव्य बालक आवासीय विद्यालय पोड़ीडीह में दो अपचारी बालकों के द्वारा किए गये घटना में विधालय प्रबंधन की घोर लापरवाही के कारण घटना घटित हुई है? विद्यालय के सूत्रों से विभिन्न प्रकार की जानकारी मिली की बालक जिस विधालय के कमरे में रह रहे थे उसकी खिड़की की जाली टूटी हुई थी तो क्या उस कमरे की जाली का टूटा होना अधीक्षक को दिखाई नहीं दिया या अधीक्षक के द्वारा कमरे का निरीक्षण ही नहीं किया जाता था जो अधीक्षक को दिखाई नहीं दिया ऐसा क्यों? बालक कमरे की खिड़की के टूटी जाली से पार होकर कमरे से बाहर निकलते थे और फिर विद्यालय की बाउंड्री को पार कर शराब लाकर और विद्यालय की छत के ऊपर शराब पीया करते थे इसकी जानकारी बालक छात्रावास अधीक्षक और प्रिंसिपल को होने के बाद भी बालक के पैरेंट्स को इसकी सूचना को देना जरूरी नहीं समझा गया क्यों? विद्यालय के अधीक्षक के द्वारा जानकारी को छूपाने कि पूरी कोशिश की गई है।
विद्यालय के सूत्र ने बताया की घटना दिसम्बर 2024 को दबाकर रखा गया और 2025 के फरवरी माह में रिपोर्ट दर्ज कराई गई ऐसा विद्यालय प्रशासन ने क्यों किया? बालक विद्यालय में शराब लाकर पी रहे थे तो इसकी जानकारी वहां पदस्थ कर्मी ने विद्यालय प्रबंधन को दी उसके बाद भी कार्यवाही क्यों नहीं किया गया? क्या विद्यालय प्रबंधन अपनी गलतियों को छूपाने में लगा हुआ था क्यों? आज़ तक विद्यालय प्रबंधन के अधीक्षक और प्रिंसिपल पर कार्यवाही क्यों नहीं हुई? या सहायक आयुक्त के द्वारा कार्यवाही किया जाना उचित नहीं समझा गया या विद्यालय प्रबंधन को बचाने में लगे हैं ऐसा क्यों?
अभिभावकों सहित छात्रों के लिए असुरक्षित होगा विद्यालय यदि प्रबंधन इसी तरह कुंभकर्णीय निद्रा में सोया रहेगा…
अभिभावकों सहित उन मेघावी छात्रों के लिए विद्यालय ऐसे में असुरक्षित होगा यदि प्रबंधन विद्यालय का ऐसे ही कुंभकर्णीय निद्रा में सोया रहेगा। विद्यालय प्रबंधन की घोर लापरवाही से विद्यालय की छवि और ख्याति पर काफी गहरा आघात लगा है। विद्यालय प्रबंधन को मामले में अपनी गलतियों से सीख लेकर आगे ऐसी पुनरावृत्त से बचने का संकल्प लेना चाहिए।
क्या केवल खरीदी और मेस संचालन तक ही जिम्मेदार हैं प्राचार्य और अधीक्षक?
वैसे सवाल यह भी है कि क्या इतने बड़े विद्यालय के प्राचार्य और छात्रावास अधीक्षक केवल खरीदी और मेस संचालन के लिए ही जिम्मेदार हैं। एकलव्य आवासीय विद्यालय का बजट विद्यालय द्वारा ही खर्च किया जाता है जिसमें खरीदी का जिम्मा प्राचार्य की होती है वहीं छात्रावास के मेस संचालन की जिम्मेदारी अधीक्षक की होती है और लगता है दोनों उसी में व्यस्त रहते हैं और छात्रों की गतिविधियों पर उनका ध्यान नहीं होता।
विद्यालय में उपस्थित बच्चों के पास एंड्राइड मोबाइल कहा से आया क्या अधीक्षक बच्चों की गतिविधियों पर नजर ही नहीं रखते थे जो प्रमाणित है यह घटना?
एकलव्य आवासीय विद्यालय के प्रिंसिपल से विधालय मे हुई गतिविधियों के बारे में जानकारी पहले फ़ोन के माध्यम से चाही तो उन्होंने ने कहा थोड़ी देर में देता हूं फिर फोन उठाना बंद कर दिए और उनके सामने मुलाकात कर जानकारी चाही तो इधर उधर भागते रहे उन्होंने ने किसी प्रकार की जानकारी देने का सिर्फ बहाना बनाते रहे। इससे ऐसा लगता है की जो घटना की जानकारी मिल रही है इनके जवाब नहीं देने से घटना की सत्यता लग रही है? वैसे बता दें कि एकलव्य आवासीय विद्यालय पोड़ीडीह संयुक्त कोरिया का पहले इकलौता ऐसा विद्यालय था बाद में कोरिया जिले में एक विद्यालय सोनहत में खोला गया। पोड़ीडीह का विद्यालय सर्व सुविधायुक्त है और वहां संसाधनों की कोई कमी नहीं है।
आवासीय विद्यालय में छात्रों के पास रहता था मोबाइल,छात्र मोबाइल का करते थे दुरुपयोगःसूत्र
खड़गवां के पोड़ीडीह एकलव्य आवासीय विद्यालय के छात्रों के पास एंड्रॉयड मोबाइल भी उपलब्ध रहता था उसका छात्र दुरुपयोग करते थे यह भी सूत्रों का कहना है,वैसे मोबाइल फोन आवासीय विद्यालय में उपलब्ध रहना और उसका दुरुपयोग यह समझने के लिए काफी है कि विद्यालय प्रबंधन खासकर अधीक्षक कितने लापरवाह थे जिन्हें भनक भी नहीं थी कि छात्र क्या कर रहे हैं आवासीय विद्यालय में । एकलव्य आवासीय विद्यालय की यह खबर काफी डरावनी है उन छात्रों और पालकों के लिए जो बेहतर शिक्षा के लिए विद्यालय में नाम दाखिला कराते है।
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