- कोरिया सीएमएचओ रिश्वतखोर कर्मचारियों पर मेहरबान क्यों हैं,जांच की दिशा को क्यों मोड़ना चाह रहे हैं?
- क्या सीएमएचओ साहब भ्रष्टाचार की जड़ को नहीं तने को काटना चाह रहे हैं…इसलिए जांच को रिश्वतखोरी को जन्म देने की तरफ नहीं जन्म के बाद कितने साल से रिश्वतखोरी हो रही इस पर करेंगे जांच?
- छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार की जांच पर सवाल, निष्पक्ष जांच की मांग तेज…
-रवि सिंह-
कोरिया/सोनहत,26 मार्च 2025 (घटती-घटना)। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री आपने कोरिया जिले को कैसा सीएमएचओ दे दिया जो रिश्वतखोरी के मामले में कार्यवाही करने से घबरा रहा है? आखिर जूनियर डॉक्टर को सीएमएचओ बनाना क्या कोरिया में भ्रष्टाचार को बढ़ावा देना है,अनुभवहीन सीएमएचओ आज कोरिया जिले में भ्रष्टाचार रोकने में असफल दिख रहे हैं रिश्वतखोरी के मामले आने पर कार्यवाही करने से कतरा रहे हैं अब ऐसे में सीएमएचओ से बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था की कल्पना कैसे की जा सकती है? सीएमएचओ साहब को पता है की रिश्वतखोरी का जन्म कहां से हुआ था जिस व्यक्ति पर आरोप है वही इसका जन्म देने वाला व्यक्ति है पर उसके बाद भी कार्यवाही से वह कतरा रहे हैं जांच को दूसरी तरफ मोड़ रहे हैं और अब यह पता कर रहे हैं कि किस-किस को प्रोत्साहन राशि का लाभ मिला है और कैसे मिला…जबकि यह स्पष्ट हो चुका है कि प्रोत्साहन राशि का लाभ कैसे मिल रहा था और किसी व्यक्ति के द्वारा 65 प्रतिशत रिश्वत लेकर दिलाया जा रहा था शासकीय सरकारी खजाने को कैसे खाली किया जा रहा था सब पता है फिर भी जांच को अब उलटी दिशा में ले जाकर कहीं न कहीं सीएमएचओ साहब अपने चाहते बीडीएम रिश्वतखोर को बचना चाह रहे हैं अब यह स्पष्ट होता दिख रहा है और यह कहना गलत भी नहीं होगा? कोरिया जिले में स्वास्थ्य विभाग के विकासखंड डाटा प्रबंधक (बीडीएम) शिवम गौतम के खिलाफ अवैध वसूली के आरोपों को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने गंभीर आपत्ती जताई है। संघ ने जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए जांच समिति के कुछ सदस्यों को संदेहास्पद बताया है और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
किसके पैरवी से आखिर कोरिया में अनुभवहीन डॉक्टर को सीएमएचओ बनाया गया?
वैसे कोरिया जिले में कई योग्य डॉक्टर पहले से पदस्थ हैं जिनकी तुलना में वर्तमान सीएमएचओ कि योग्यता काफी कम है,अब सवाल यह उठता है कि किसकी पैरवी से कोरिया जिले को अनुभवहीन सीएमएचओ मिला हुआ है जबकि जिले के योग्य डॉक्टर जिले में उनके अधीन काम कर रहे हैं जो उनके योग्यता का भी अपमान है।
जांच को गलत दिशा में मोड़ा जा रहा है क्यों?
संघ के कार्यकारी प्रांताध्यक्ष रविंद्र तिवारी द्वारा कलेक्टर एवं जिला स्वास्थ्य समिति के अध्यक्ष को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि शिकायत के बावजूद जांच को गलत दिशा में मोड़ा जा रहा है। आरोप है कि शिवम गौतम सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों पर दबाव बनाकर उनसे प्रोत्साहन राशि के एवज में अवैध वसूली कर रहे थे। संघ ने यह भी आरोप लगाया कि जांच समिति में बीडीएम के करीबी दो सदस्यों – राकेश सिंह (प्रशिक्षण एवं मानव संसाधन) और राकेश महिलांगे (सहायक ग्रेड 3) को शामिल कर निष्पक्ष जांच को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। संघ के अनुसार,शिकायत के समर्थन में सभी आवश्यक दस्तावेज, बैंक स्टेटमेंट और गवाह पहले ही प्रस्तुत किए जा चुके हैं, लेकिन फिर भी पुराने रिकॉर्ड मांगे जा रहे हैं,जिससे जांच को भटकाने का प्रयास हो रहा है। संघ ने यह भी कहा कि संविदा कर्मचारी किसी नियमित अधिकारी की जांच नहीं कर सकते, लेकिन यहां ऐसा किया जा रहा है।
जांच समिति द्वारा नया आदेश जारी
इस बीच,जांच समिति ने नया आदेश जारी करते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों से 1 जनवरी 2022 से अब तक के बैंक खातों का विवरण और पीएलपी अनुरूप भौतिक कार्यों के दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा है। इस आदेश से संघ और अधिक आक्रोशित हो गया है,क्योंकि उनका मानना है कि यह जांच को और लंबा खींचने का प्रयास है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित नहीं की जाती और संदेहास्पद सदस्यों को जांच समिति से नहीं हटाया जाता,तो वे शासन स्तर पर उच्च अधिकारियों से शिकायत करेंगे।
प्रशासन की ओर से अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं
इस मामले में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रशासन इस मामले को कैसे सुलझाता है और क्या जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी।
क्या गौतम परिवार के प्रभाव में हैं कोरिया के सीएमसीएचओ साहब?
वैसे सीएमएचओ जिस तर्ज पर जांच कार्यवाही को गति दे रहे हैं उससे लग रहा है यह आशंका जन्म ले रही है कि वह गौतम परिवार के प्रभाव में हैं,सीएमएचओ साहब गौतम परिवार के सदस्य शिवम गौतम को किसी भी हाल में बचाना चाहते हैं यह बात समझी जा रही है जैसा जांच की गति और जांच की कार्यवाही हो रही है।
क्या अनुभवहीन सीएमएचओ की नहीं है जरूरत कोरिया को?
कोरिया जिले के सीएमएचओ विदेशी पढ़ाई वाले डॉक्टर हैं जैसा बताया जा रहा है और वह अनुभव में जिले में पदस्थ अन्य डॉक्टरों से काफी पीछे हैं,ऐसे में यह भी सवाल उठ रहा है कि क्या अनुभवहीन सीएमएचओ साहब की क्या कोरिया जिले को जरूरत नहीं है क्या कोरिया जिले को जिले के ही जिले में ही पदस्थ योग्य डॉक्टरों में से किसी के सीएमएचओ स्वरूप में जरूरत है।
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