आम लोगों की भलाई के लिए बनाए गए नियमों में निजी हित के लिए कोई जगह नहीं
बिलासपुर,16 फरवरी 2025 (ए)। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के स्थापना में काम करने वाले 15 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों ने पदोन्नति के लिए किए गए संशोधन नियमों को चुनौती देते हुए याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ताओं ने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल और ला सिकरेट्री को प्रमुख पक्षकार बनाया था। मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा व जस्टिस बीडी गुरु की डिवीजन बेंच में हुई। मामले की सुनवाई के बाद डिवीजन बेंच ने याचिका को खारिज कर दिया है।डिवीजन बेंच ने अपने फैसले में लिखा है कि किसी भी मामले में कोर्ट, न्यायिक समीक्षा की आड़ में, नियुक्ति प्राधिकारी की कुर्सी पर बैठकर यह निर्णय नहीं ले सकता कि नियोक्ता के लिए क्या उचित है। विज्ञापन या अधिसूचना की शर्तों की व्याख्या उसकी स्पष्ट भाषा के विपरीत नहीं कर सकता। डिवीजन बेंच ने यह भी लिखा है कि यह एक सुस्थापित कानून है कि यदि नियम, अधिसूचना या संशोधन आम आदमी की भलाई के लिए बनाए गए हैं, इससे किसी व्यक्ति को कठिनाई हो रही है, तो यह नियमों को रद्द करने का आधार नहीं हो सकता।
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